
विजिलेंस की गिरफ्त में बिजली विभाग के कर्मचारी (फोटो- पत्रिका)
Bihar News:बिहार के मुजफ्फरपुर में सिर्फ 5,000 रुपये की रिश्वत ने तीन लोगों की सरकारी नौकरी और प्रतिष्ठा को खतरे में डाल दिया है। नए बिजली कनेक्शन और मीटर लगाने के लिए रिश्वत मांगते हुए स्पेशल विजिलेंस यूनिट ने बिजली विभाग के तीन कर्मचारियों को रंगे हाथों पकड़ा और गिरफ्तार कर लिया है। जिनमें एक जूनियर इंजीनियर भी शामिल है। इस कार्रवाई से बिजली विभाग में हड़कंप मच गया है।
बुधवार (7 जनवरी 2026) को पटना की स्पेशल विजिलेंस यूनिट की एक टीम ने मुजफ्फरपुर जिले के साहेबगंज थाना क्षेत्र में एक स्टिंग ऑपरेशन किया और गौतम कुमार (जूनियर इंजीनियर, बिजली विभाग), निशांत (MRC कर्मचारी) और मुनचुन राय (लाइनमैन) को गिरफ्तार कर लिया। तीनों पर एक उपभोक्ता से बिजली कनेक्शन और मीटर लगाने के लिए रिश्वत मांगने का आरोप था और विजिलेंस टीम ने उन्हें पैसे लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया।
यह पूरा मामला साहेबगंज थाना क्षेत्र के आशापट्टी परसौनी गांव के रहने वाले मोहम्मद जाहिद द्वारा दर्ज कराई गई लिखित शिकायत के बाद सामने आया। मोहम्मद जाहिद ने विजिलेंस यूनिट को बताया कि उन्होंने बिजली कनेक्शन के लिए आवेदन किया था, लेकिन संबंधित अधिकारी और कर्मचारी लगातार काम में देरी कर रहे थे। बाद में उन्हें साफ तौर पर कहा गया कि अगर काम करवाना है तो पैसे देने होंगे।
शिकायत के अनुसार, आरोपियों ने शुरू में 12,000 रुपये की मांग की थी। उन्होंने यह भी धमकी दी कि अगर रिश्वत नहीं दी गई तो कनेक्शन और मीटर नहीं लगाया जाएगा और उन्होंने उसके खिलाफ FIR दर्ज कराने की भी धमकी दी। दबाव और डर के कारण, पीड़ित आखिरकार विजिलेंस यूनिट के पास पहुंचा।
शिकायत मिलने के बाद, स्पेशल विजिलेंस यूनिट ने पूरे मामले की जांच की। जांच के दौरान पता चला कि जूनियर इंजीनियर गौतम कुमार और उसके साथियों ने पहले ही 5,000 रुपये ले लिए थे और अगले दिन बाकी रकम की मांग की थी। इस जानकारी के आधार पर, विजिलेंस टीम ने एक स्टिंग ऑपरेशन की योजना बनाई और उसे अंजाम दिया। जैसे ही तय रकम आरोपियों को सौंपी गई, टीम ने तीनों को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया। रिश्वत की रकम भी बरामद कर ली गई है।
स्पेशल विजिलेंस यूनिट ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 के तहत तीनों आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज की है। उन पर अपनी सरकारी पोजीशन का गलत इस्तेमाल करके गैर-कानूनी तरीके से रिश्वत मांगने और लेने का आरोप है। विजिलेंस यूनिट के अधिकारियों के अनुसार, आगे की कानूनी कार्रवाई चल रही है और आरोपियों को गुरुवार को पटना की विजिलेंस कोर्ट में पेश किया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि जांच में यह भी देखा जाएगा कि क्या दूसरे उपभोक्ताओं से भी इसी तरह पैसे वसूले गए थे और क्या इसमें कोई और लोग भी शामिल हैं।
Updated on:
07 Jan 2026 05:55 pm
Published on:
07 Jan 2026 05:54 pm
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