
मुजफ्फरपुर में कुख्यात पप्पू सहनी को पुलिस ने मारी गोली (सांकेतिक तस्वीर)
Bihar News:बिहार के मुजफ्फरपुर में मंगलवार को अपराधियों और पुलिस के बीच मुठभेड़ हुई। जिले के वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) कान्तेश कुमार मिश्र के निर्देशन में गठित विशेष टीम बेला थाना क्षेत्र में जब शातिर साइबर अपराधी पप्पू साहनी को दबोचने पहुंची, तो अपराधी ने खुद को घिरता देख ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। इस मुठभेड़ में पुलिस टीम के सदस्य सहायक अवर निरीक्षक (ASI) विकास कुमार सिंह के पेट में गोली लग गई। जवाबी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने भी कुख्यात अपराधी को गोली मारकर दबोच लिया।
पुलिस के अनुसार, 13 और 15 फरवरी को बेला थाना क्षेत्र में एटीएम कार्ड हेराफेरी कर 30 हजार और 66 हजार रुपये की ठगी की घटनाएं हुई थीं। इन मामलों में आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए स्पेशल टीम बनाई गई थी। मंगलवार, 17 फरवरी को जानकारी मिली कि ATM फ्रॉड का मास्टरमाइंड पप्पू साहनी बेला रोड पर साईं मंदिर के पास एक और ATM फ्रॉड की प्लानिंग कर रहा है।
पुलिस की टीम ने जैसे ही घेराबंदी की, पप्पू साहनी ने पुलिस पर गोलियां बरसाना शुरू कर दिया। बदमाशों की एक गोली बेला थाने में तैनात ASI विकास कुमार के पेट में जा लगी। गोली लगते ही एएसआई विकास कुमार लहूलुहान होकर गिर पड़े। उन्हें तुरंत शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। घटना की गंभीरता को देखते हुए मुजफ्फरपुर रेंज के DIG चंदन कुशवाहा और SSP कान्तेश कुमार मिश्र खुद अस्पताल पहुंचे और घायल अधिकारी का हालचाल जाना। डॉक्टरों के अनुसार, एएसआई फिलहाल खतरे से बाहर हैं।
शुरुआती मुठभेड़ के बाद पुलिस ने पप्पू साहनी को दबोच लिया था। पूछताछ के दौरान उसने अपने सहयोगियों के मिठनपुरा स्थित ठिकाने की जानकारी दी। जब पुलिस उसे निशानदेही के लिए ले जा रही थी, तब उसने फिल्मी अंदाज में हथकड़ी छुड़ा ली और सुरक्षा में तैनात पुलिस पदाधिकारी से पिस्टल छीनकर भागने का दुस्साहस किया।
अपराधी को भागता देख पुलिस ने उसे रुकने की चेतावनी दी, लेकिन जब वह नहीं माना तो पुलिस ने उसका पीछा किया और आत्मरक्षार्थ में नियंत्रित फायरिंग की। पुलिस की गोलियां पप्पू साहनी के दोनों पैरों में लगी, जिसके बाद वह वहीं गिर पड़ा। पुलिस ने उसे तुरंत हिरासत में लेकर इलाज के लिए एसकेएमसीएच (SKMCH) में भर्ती कराया है।
पुलिस ने घटनास्थल और गिरफ्तार पप्पू साहनी के पास से 22 एटीएम/डेबिट कार्ड, एक अवैध पिस्टल, एक खोखा और वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल बरामद की है। पप्पू साहनी कोई मामूली अपराधी नहीं है; उत्तर बिहार के कई जिलों में एटीएम फ्रॉड से जुड़े करीब 50 मामलों में उसका और उसके भाई पंकज साहनी का नाम शामिल है। अवैध हथियार के मामले में मिठनपुरा थाना में अलग से प्राथमिकी दर्ज की गई है। FSL टीम ने मौके से साक्ष्य भी जुटाए हैं।
जांच में एक चौंकाने वाला खुलासा भी हुआ है कि पप्पू का भाई पंकज साहनी 'पंकज मैनेजमेंट कंपनी' (PMC) नाम की एक फर्म चलाता था, जो ATM कियोस्क संचालित करती थी। इस कंपनी की आड़ में दोनों भाइयों ने ATM फ्रॉड का एक एम्पायर खड़ा किया। इसके अलावा, गैंग इस ऑपरेशन की आड़ में हथियारों की तस्करी भी करता था। इस गैंग का पर्दाफाश 2020 में भी हुआ था, जब पुलिस ने उनके पास से 33 लाख रुपये कैश और बड़ी मात्रा में ज्वेलरी बरामद की थी।
SSP कांतेश कुमार मिश्रा ने बताया कि आरोपी ने प्रारंभिक पूछताछ में दोनों ताजा एटीएम फ्रॉड मामलों में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। गिरोह के अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस अब उसके कॉल डिटेल, बैंक ट्रांजैक्शन और सीमावर्ती जिलों में फैले नेटवर्क की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि यह सिर्फ एक गिरफ्तारी नहीं, बल्कि बड़े साइबर गिरोह की परतें खोलने की दिशा में अहम कदम है।
Updated on:
17 Feb 2026, 8:20 PM IST
Published on:
17 Feb 2026, 8:20 PM IST
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