IPS Sweety Sehrawat News: बिहार पुलिस में हुए बड़े प्रशासनिक फेरबदल में 2019 बैच की चर्चित आईपीएस अधिकारी स्वीटी सहरावत को अब विशेष शाखा (स्पेशल ब्रांच) में पुलिस अधीक्षक की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। स्वीटी सहरावत पूर्व राज्यपाल निखिल कुमार और प्रशांत किशोर से जुड़े विवादों की वजह से काफी चर्चा में रहीं हैं।

IPS Sweety Sehrawat Transfer: बिहार सरकार ने पुलिस महकमे में एक बहुत बड़ा फेरबदल करते हुए 27 आईपीएस (IPS) अधिकारियों समेत 29 सीनियर पुलिस अफसरों का तबादला कर दिया है। इनमें 2019 बैच की तेज-तर्रार और बेबाक महिला आईपीएस अधिकारी स्वीटी सहरावत भी शामिल हैं। अपनी सख्त काम करने के तरीके और बड़े-बड़े दिग्गजों से सामने से लोहा लेने के लिए मशहूर स्वीटी सहरावत को अब सम्राटसरकार ने एक महत्वपूर्ण और संवेदनशील जिम्मेदारी सौंपते हुए स्पेशल ब्रांच में एसपी के पद पर तैनात किया है।
IPS स्वीटी सहरावत बिहार कैडर की उन चुनिंदा अधिकारियों में से एक हैं जो नियमों और अपनी ड्यूटी के मामले में किसी भी प्रभावशाली व्यक्ति के सामने झुकने से इनकार कर देती हैं। उनकी पहली पोस्टिंग औरंगाबाद में सदर SDPO (ASP) के तौर पर हुई थी, जहां उनसे जुड़ी एक घटना राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बनी थी।
सितंबर 2023 में, औरंगाबाद में चोरी की बढ़ती घटनाओं से परेशान होकर स्थानीय लोग पूर्व सांसद, केरल और नागालैंड के पूर्व गवर्नर और बिहार के पूर्व DGP (रिटायर्ड IPS) रह चुके निखिल कुमार से मिलने गए। जब निखिल कुमार ने लोगों की शिकायतों के सिलसिले में SDPO स्वीटी सहरावत को फोन किया, तो उन्होंने दो बार उनका फोन काट दिया। इससे नाराज़ होकर पूर्व गवर्नर शिकायतकर्ताओं के साथ दानी बीघा स्थित महिला IPS अधिकारी के घर पहुंचे।
घर पहुंचने के बाद भी पूर्व गवर्नर को लगभग आधे घंटे तक बाहर इंतज़ार करना पड़ा। जब स्वीटी सहरावत आखिरकार बाहर आईं, तो उन्होंने पूर्व गवर्नर से साफ़-साफ़ कहा कि वह अपने घर पर किसी से नहीं मिलतीं और उनकी प्राइवेसी का सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि अगर कोई बात करनी है, तो उन्हें उनके ऑफ़िस आना चाहिए। प्रोटोकॉल और निजता को लेकर एक बहुत वरिष्ठ पूर्व गवर्नर और अधिकारी के बीच हुई इस तीखी बहस का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
स्वीटी सहरावत का बेबाक अंदाज यहीं नहीं रुका। दिसंबर 2024 में, 70वीं BPSC परीक्षा में गड़बड़ी के आरोपों को लेकर हाजरों छात्रों ने पटना के गांधी मैदान और JP गोलंबर पर जबरदस्त विरोध प्रदर्शन किया। स्थिति को काबू में करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज और वॉटर कैनन का इस्तेमाल करना पड़ा।
इस पूरी घटना के दौरान सेंट्रल पटना की इंचार्ज रहीं स्वीटी सहरावत की प्रशांत किशोर से भी तीखी बहस हुई, जिसके बाद प्रशांत किशोर मौके से वापस लौट गए थे। उस वक्त स्वीटी सहरावत ने बिना किसी खौफ के पूरी सूझबूझ से पटना की कानून-व्यवस्था को नियंत्रित कर लिया था, जिसकी महकमे में काफी तारीफ हुई थी।
IPS अफसर बनने तक का स्वीटी सहरावत का सफ़र बहुत प्रेरणादायक और दिल को छू लेने वाला है। दिल्ली के रमज़ानपुर में जन्मीं स्वीटी की परवरिश हरियाणा के सोनीपत में हुई। उनके पिता दिल्ली पुलिस में हेड कॉन्स्टेबल थे और वो अपनी बेटी को IPS की वर्दी में देखना चाहते थे। दुख की बात है कि 2013 में एक भयानक सड़क हादसे में उनका असमय निधन हो गया।
स्वीटी ने IIT दिल्ली से इलेक्ट्रॉनिक्स और कम्युनिकेशन में B.Tech किया और एक बड़ी कंपनी में डिज़ाइन इंजीनियर के तौर पर अपना सफल करियर शुरू किया। फिर भी उनके पिता का सपना उनके दिल के करीब था। उन्होंने अपनी अच्छी-खासी कॉर्पोरेट नौकरी छोड़ दी और खुद को UPSC परीक्षा की तैयारी में लगा दिया। 2019 में उन्होंने देशभर में 187वीं रैंक हासिल की और बिहार कैडर जॉइन किया। उनके भाई हरीश सहरावत भी CISF में सब-इंस्पेक्टर हैं।