पटना

Khan Sir vs Roshan Anand: NHRC ने गिरफ्तारी प्रक्रिया पर उठाए सवाल, SSP को जारी किया नोटिस

Khan Sir vs Roshan Anand: रौशन आनंद और खान सर विवाद मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने संज्ञान लेते हुए पटना के एसएसपी को नोटिस जारी किया है। आयोग ने शिकायत में लगाए गए आरोपों को प्रथम दृष्टया मानवाधिकार उल्लंघन से जुड़ा मानते हुए दो सप्ताह के भीतर कार्रवाई रिपोर्ट मांगी है।
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Updated: 17 Jun 2026, 12:19 PM IST
roshan anand on prince yadav death
ज्ञान बिंदु कोचिंग में प्रेस कांफ्रेंस करते रोशन आनंद सर (फोटो- वीडियो ग्रैब)

Khan Sir vs Roshan Anand: रौशन आनंद और फैजल खान उर्फ खान सर के बीच विवाद के मामले में अब राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) की भी एंट्री हो गई है। आयोग ने पटना के वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) को नोटिस जारी कर मामले में की गई कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी है। 2 जून को खान सर के कोचिंग संस्थान के बाहर कथित फायरिंग और मारपीट की घटना के बाद 3 जून को पटना पुलिस ने ज्ञान बिंदु कोचिंग के निदेशक रौशन आनंद को गिरफ्तार किया था। हाल ही में उन्हें बेऊर जेल से जमानत पर रिहा किया गया है।

रौशन आनंद ने इस मामले की शिकायत राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग में की थी। शिकायत पर संज्ञान लेते हुए आयोग ने मामले को गंभीर माना और पटना पुलिस से जवाब तलब किया है। आयोग की ओर से जारी नोटिस में पिछले दो सप्ताह के दौरान पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई का विस्तृत ब्योरा निर्धारित समय सीमा के भीतर उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है। अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार कार्यकर्ता विशाल रंजन दफ्तुआर की शिकायत के आधार पर आयोग ने पटना के एसएसपी को नोटिस जारी करते हुए दो सप्ताह के भीतर मामले में की गई कार्रवाई की रिपोर्ट सौंपने को कहा है।

NHRC ने पटना पुलिस से मांगा जवाब

प्रियंक कानूनगो की अध्यक्षता वाली राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) की पीठ ने मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 की धारा 12 के तहत मामले का संज्ञान लिया है। आयोग ने प्रारंभिक तौर पर माना है कि शिकायत में लगाए गए आरोप पीड़ित के मानवाधिकारों के उल्लंघन की ओर संकेत करते हैं। अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार कार्यकर्ता विशाल रंजन दफ्तुआर ने 10 जून को आयोग को पत्र भेजकर मामले की शिकायत की थी। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि ज्ञान बिंदु कोचिंग के निदेशक रौशन आनंद को एक अन्य कोचिंग संस्थान के संचालक के प्रभाव में पुलिस ने मनमाने ढंग से गिरफ्तार किया। साथ ही यह भी दावा किया गया है कि उन्हें एक आपराधिक मामले में झूठा फंसाया गया है।

शिकायत के अनुसार, 2 जून को कदमकुआं थाना में दर्ज प्राथमिकी में पर्याप्त जांच और ठोस साक्ष्यों के अभाव के बावजूद पुलिस ने हत्या के प्रयास समेत कई गंभीर धाराएं जोड़ दीं। आरोप है कि पुलिस ने एफआईआर दर्ज होने के बाद मामले की समुचित जांच पूरी किए बिना ही रौशन आनंद को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया।

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17 Jun 2026, 12:19 PM IST
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