भोजपुरी सुपरस्टार खेसारी लाल यादव ने बिहार के नए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को बधाई देते हुए कई अहम सुझाव दिए हैं। उन्होंने सुझावों की लिस्ट शेयर करते हुए कहा है कि जल्द ही सीएम की नजर इस पर जानी चाहिए।
बिहार में सत्ता की बागडोर संभालने के बाद से सम्राट चौधरी को हर तरफ से शुभकामनाएं मिल रही हैं। राजद के टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ चुके भोजपुरी स्टार खेसारी लाल यादव ने भी नए मुख्यमंत्री को बधाई दी है और साफ कहा कि उन्हें नई सरकार से बड़ी उम्मीदें हैं। सोशल मीडिया पर उन्होंने सुझावों की एक लिस्ट शेयर की और उन पर एक्शन लेने की अपील की है। ये सभी सुझाव सीधे तौर पर आम लोगों और बिहार के युवाओं से जुड़े हैं।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को बधाई देते हुए खेसारी लाल यादव ने लिखा, 'बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने पर आदरणीय सम्राट चौधरी जी को बहुत-बहुत बधाई और ढेरों शुभकामनाएं। मुझे पूर्ण विश्वास है कि आपके कुशल नेतृत्व में बिहार का विकास दिन दूना रात चौगुना हो। मेरे कुछ सुझाव हैं जिसपर आपकी जल्दी नजर जानी चाहिए।'
खेसारी लाल यादव ने अपने सुझावों में सबसे पहला और गंभीर मुद्दा सूखा नशा का उठाया है। उन्होंने मुख्यमंत्री का ध्यान इस ओर खींचते हुए कहा कि बिहार में नशा किसी वायरस की तरह पैर पसार रहा है। उन्होंने मांग की है कि युवाओं के भविष्य को बचाने के लिए इस पर तत्काल लगाम लगाई जाए।
खेसारी ने बिहार के छात्रों की पीड़ा को समझते हुए दो बड़े सुझाव दिए हैं। उन्होंने परीक्षाओं में होने वाली गड़बड़ियों, धांधली और पेपर लीक को रोकने के लिए एक बेहद सख्त कानून बनाने की वकालत की है। इसके अलावा खेसारी ने बिहार के विभिन्न शहरों में चल रहे कोचिंग संस्था को मॉनिटर करने की एक कमिटी बनाने की मांग की है।
खेसारी ने पलायन को बिहार का सबसे बड़ा दर्द बताया और मुख्यमंत्री से इसका स्थाई समाधान निकालने का आग्रह किया। इसके साथ ही उन्होंने हेल्थ इंश्योरेंस और निजी अस्पतालों की मनमानी पर लगाम लगाने के लिए कड़े नियम बनाने की बात कही, ताकि गरीब जनता का आर्थिक शोषण न हो सके।
खेसारी लाल यादव ने सुझाव दिया कि बिहार में फूड, स्पिरिचुअल (आध्यात्मिक) और ईको-टूरिज्म की अपार संभावनाएँ हैं। अगर इसे जमीनी स्तर पर बढ़ावा दिया जाए, तो राज्य की आर्थिक स्थिति में बड़ा सुधार आ सकता है।
अपनी बात खत्म करते हुए खेसारी ने मुख्यमंत्री से एक और आग्रह किया, जिसकी मांग वो काफी लंबे समय से कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सम्राट चौधरी को अब केंद्र सरकार से पैरवी कर भोजपुरी भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल कराकर उसे संवैधानिक दर्जा दिलवाना चाहिए।