Khesari Lal Yadav Meets Bharat Tiwari Family: भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले में अब भोजपुरी सुपरस्टार खेसारी लाल यादव की एंट्री हो गई है। खेसारी लाल यादव सोमवार को बिलौटी गांव पहुंचकर पीड़ित परिवार से मुलाकात की और न्याय की मांग का समर्थन किया। उन्होंने परिवार से आंदोलन को संयम के साथ आगे बढ़ाने की अपील की।

Bharat Tiwari Encounter: बिहार के चर्चित भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले में अब भोजपुरी फिल्मों के स्टार खेसारी लाल यादव की एंट्री हो गई है। सोमवार दोपहर खेसारी लाल यादव मृतक भरत तिवारी के गांव बिलौटी पहुंचे। जहां उन्होंने भरत तिवारी की मां आशा देवी और उनके छोटे भाई चंदन तिवारी से मुलाकात की और संवेदना व्यक्त की। इस दौरान खेसारी लाल यादव ने उन नेताओं की कड़ी आलोचना की जो इस घटना से राजनीतिक फायदा उठाने की कोशिश कर रहे थे।
जब खेसारी लाल यादव पीड़ित परिवार के साथ बैठे तो वहां भारी भीड़ जमा हो गई। नेताओं के लगातार आने-जाने और बयानों पर गहरी नाराजगी और चिंता जाहिर करते हुए खेसारी लाल यादव ने कहा, "मैं यहां मौजूद सभी लोगों से हाथ जोड़कर अपील करना चाहता हूं कि इस पल और इस शहादत को लोगों के लिए पब्लिसिटी पाने का जरिया न बनने दें। आपको पूरी ताकत के साथ न्याय की लड़ाई जारी रखनी चाहिए, एक कलाकार और एक इंसान के तौर पर, मैं हमेशा आपके साथ खड़ा रहूंगा।"
खेसारी लाल यादव ने आगे कहा, "इस बात को समझिए कि हर बड़े चेहरे के यहाँ आने से यह पूरा मुद्दा एक सेलिब्रिटी इवेंट बन जाएगा। फिर हर आदमी सोचेगा कि खेसारी भी आए, ये आए-वो आए... लेकिन उनमें से कोई भी असल में कुछ करेगा नहीं। न ही वे आपके अधिकारों के लिए लड़ेंगे। वे बस यहां आएंगे, अपनी फोटो खिंचवाएंगे, थोड़ी बेकार की पब्लिसिटी और सहानुभूति बटोरेंगे और फिर चले जाएंगे।"
खेसारी लाल यादव ने कहा, "यहां आने वाले किसी भी नेता से साफ-साफ कह दें कि उन्हें सिर्फ फोटो खिंचवाने के लिए यहां आने की जरूरत नहीं है। अगर कोई नेता सच में भरत तिवारी के लिए दर्द महसूस करते हैं, तो इस संदेश को अपने सोशल मीडिया हैंडल पर शेयर करें और विधानसभा में सरकार के सामने यह मुद्दा उठायें। अगर नेता यहां आएंगे, तो सिर्फ दस लोग ही आपकी बात सुनेंगे, लेकिन अगर आप विधानसभा में आवाज उठायेंगे, तो पूरी दुनिया और सरकार सुनेगी। आप अपनी राजनीतिक लड़ाई तो लड़िए, लेकिन इस रोती हुई मां के आंसुओं पर अपनी सिम्पैथी गेन मत करिए। इस मां का जो होना था, वो हो चुका है। अब इस बेबस मां को उनका बेटा भरत तिवारी कभी वापस नहीं मिल सकता।"
खेसारी लाल यादव से मुलाकात के दौरान भरत तिवार के परिजनों ने दावा करते हुए कहा, "अगर भरत भूषण तिवारी का वह असली मोबाइल फोन मिल जाता है, तो इस एसडीएम नौकरी करने लायक नहीं रह जाएगा। उस मोबाइल फोन के अंदर पूरा काला सच कैद हैं। इसी सच को दबाने के लिए पुलिस और प्रशासन के लोगों ने भरत के छोटे भाई के मोबाइल फोन को भी तोड़ दिया।"
खेसारी लाल यादव ने मृतक भरत तिवारी की मां और भाई को ढांढस बंधाया कि वे इस लड़ाई में वो अकेले नहीं हैं। उन्होंने कहा, "इस संकल्प को ऐसे ही जिंदा रखिए, आपकी आवाज़ जरूर सुनी जाएगी। यहां कोई नहीं सुनेगा, तो कम से कम केंद्र में बैठी मोदी सरकार तो इस मामले को सुनेगी ना। इस मुद्दे को बिना किसी ड्रामे के, बेहद मजबूत तथ्यों के साथ उठाना है। मैं एक नेता बनकर नहीं, बल्कि आपका भाई बनकर इस न्याय की लड़ाई में हमेशा आपके साथ खड़ा रहूंगा।"