मधुबनी में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष के आगमन से ठीक पहले पार्टी के नेता और कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए। मारपीट का वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
मधुबनी में कांग्रेस की जिला स्तरीय समीक्षा बैठक में पार्टी के नेता और कार्यकर्ता आपस में ही भिड़ गए। कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच हुई इस मारपीट का वीडियो अब सोशल मीडिया पर भी बड़ी तेजी से वायरल हो रहा है। बिहार विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार और मनरेगा का नाम बदलने को लेकर 08 जनवरी को होने वाले धरना प्रदर्शन की तैयारी को लेकर यह समीक्षा बैठक बुलाई गई थी। पार्टी सूत्रों का कहना है प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम के सामने ही कांग्रेस के नेता आपस में भिड़ गए। सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री शकील अहमद खान के खिलाफ नारेबाजी को लेकर दो पक्ष आपस में भिड़ गए।
कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि समीक्षा बैठक से पहले दोनों पक्षों के बीच पहले तीखी बहस हुई। तीखी बहस का लोग कारण समझ पाते इससे पहले ही दोनों पक्षों के बीच जमकर मारपीट शुरू हो गई। दोनों ओर से कुर्सियां चलने लगी। कुछ लोग मारपीट को शांत करवाने में लगे थे तो कुछ लोग इस पूरा घटनाक्रम को अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड करते दिखे। मारपीट के कुछ देर बाद ही वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने लगा। जिसके बाद पार्टी में चल रहे विवाद को लेकर कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि मारपीट और हंगामे के दौरान पार्टी के सीनियर नेता चुपचाप पूरा घटनाक्रम देखते रहे। किसी ने भी इसमें हस्तक्षेप कर मामले को शांत करवाने का प्रयास नहीं किया। इस घटनाक्रम पर कांग्रेस नेता शकील अहमद खान ने कहा कि समीक्षा बैठक का मतलब आत्म मंथन होता है न कि मारपीट। पार्टी के सीनियर नेताओं को इस मामले पर एक्शन लेना चाहिए। डिप्टी मेयर अमानुल्लाह खान ने कहा, टिकट वितरण से कार्यकर्ता नाराज थे । मारपीट करने वाले सब पार्टी के लोग हैं। ये लोग विधानसभा चुनाव में टिकट बंटवारे को लेकर नाराज थे। उन्होंने अनुशासनहीनता पर दुख जताया, कहा - बातचीत से हल निकालना चाहिए था ।