Maithili Thakur Clarification: लोकगायिका और भाजपा विधायक मैथिली ठाकुर ने अपने नाम से वायरल किए जा रहे एक कथित बयान को फर्जी और भ्रामक बताया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर स्पष्ट किया कि भरत तिवारी प्रकरण को लेकर उनके नाम से प्रसारित पोस्टर और बयान झूठे हैं तथा जनता केवल उनके आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट्स पर साझा की गई बातों पर ही विश्वास करे।

Maithili Thakur News: भोजपुर जिले में हुए भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले ने बिहार में हलचल मचा रखी है। अब इस विवाद में बिहार की मशहूर लोक गायिका और भाजपा विधायक मैथिली ठाकुर का नाम भी घसीट लिया गया है। सोशल मीडिया पर पिछले कुछ दिनों से मैथिली ठाकुर के नाम और तस्वीर के साथ एक बयान तेजी से वायरल हो रहा था। इस फर्जी नैरेटिव और लगातार हो रही ट्रोलिंग के बाद अब खुद लोक गायिका ने सामने आकर मोर्चा संभाला है। मैथिली ठाकुर ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर एक पोस्ट करते हुए विरोधियों पर उन्हें बदनाम करने की साजिश रचने का आरोप लगाया है।
दरअसल, सोशल मीडिया पर मैथिली ठाकुर की तस्वीर के साथ ग्राफिक/पोस्टर धड़ल्ले से शेयर किया जा रहा था। इस भ्रामक पोस्ट में मैथिली ठाकुर के हवाले से लिखा गया था, "भरत तिवारी मामले में मैं बस इतना कहना चाहूंगी जो हुआ अच्छा हुआ वो एक अपराधी था हमारी सरकार पूरे बिहार से अपराध को खत्म करने के लिए वचनबद्ध है।" इस पोस्ट के वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर एक वर्ग मैथिली ठाकुर को उनके इस कथित असंवेदनशील बयान के लिए कटघरे में खड़ा करने लगा, जिसके बाद गायिका को खुद आकर इस पूरे मामले का सच दुनिया के सामने रखना पड़ा।
मैथिली ठाकुर ने एक्स पर लिखे अपने पोस्ट में इस वायरल बयान को पूरी तरह से फर्जी बताते हुए विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने लिखा, "मेरे नाम से झूठे, मनगढ़ंत और भ्रामक बयान फैलाकर मुझे बदनाम करने की साजिश लगातार की जा रही है। महागठबंधन के कुछ लोग और मेरे राजनीतिक विरोधी फर्जी पोस्टर एवं फर्जी बयानबाजी के माध्यम से जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं।"
मैथिली ठाकुर ने आगे अपने प्रशंसकों और देश के नागरिकों से अपील करते हुए कहा, "मैं सभी नागरिकों से स्पष्ट रूप से कहना चाहती हूँ कि मेरे किसी भी बयान पर तभी विश्वास करें जब उसे मेरे आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर मुझे स्वयं बोलते हुए देखें या सुनें। मेरे फोटो के साथ लिखी गई किसी भी बात को मेरा आधिकारिक बयान न मानें।"
फर्जी पोस्ट का खंडन करने के साथ-साथ मैथिली ठाकुर ने भरत तिवारी एनकाउंटर मामले पर अपनी राय भी जनता के सामने रखी। उन्होंने कहा कि वह किसी भी हाल में कानून को हाथ में लेने की प्रवृत्ति का समर्थन नहीं करती हैं। उन्होंने लिखा, "जहां तक भरत तिवारी प्रकरण का सवाल है, मैं स्पष्ट मानती हूं कि भारत में कानून सर्वोपरि है और किसी को भी कानून से ऊपर जाकर कार्य करने का अधिकार नहीं है। यदि कोई व्यक्ति आत्मसमर्पण कर चुका हो, तो उसके साथ कानून के अनुसार व्यवहार होना चाहिए। किसी भी परिस्थिति में कानून को हाथ में लेने की प्रवृत्ति स्वीकार्य नहीं है।"
इसके साथ ही मैथिली ठाकुर ने इस घटना में शामिल या दोषी पुलिसकर्मियों पर भी कार्रवाई की मांग करते हुए आगे लिखा, "जो भी व्यक्ति, पुलिस अधिकारी, अपने अधिकारों का दुरुपयोग कर कानून से ऊपर जाकर कार्य करता है, उसे कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। झूठ फैलाना, भ्रम पैदा करना और समाज को गुमराह करना कुछ लोगों की राजनीति हो सकती है, लेकिन मेरी राजनीति सत्य, न्याय और कानून के शासन में विश्वास करती है।"