बिहार में एनडीए सरकार का कैबिनेट विस्तार 6 मई को संभावित है। भाजपा-जदयू में 16-16 मंत्रियों पर सहमति बनी है और सहयोगी दलों को भी हिस्सेदारी मिलेगी। नई कैबिनेट में पुराने चेहरों के साथ कुछ नए और महिला नेताओं को भी मौका मिल सकता है।
बिहार विधानसभा में विश्वास मत हासिल करने के बाद, सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार 6 मई को कैबिनेट विस्तार कर सकती है। सूत्रों के मुताबिक, सत्तारूढ़ गठबंधन के प्रमुख घटक भारतीय जनता पार्टी और जनता दल (यूनाइटेड) के बीच 16-16 मंत्रियों के फॉर्मूले पर सहमति बन गई है। इसमें मुख्यमंत्री और दो उपमुख्यमंत्री भी शामिल होंगे। वहीं, गठबंधन के अन्य तीन सहयोगी दलों को कुल चार मंत्री पद दिए जाने की संभावना है। संवैधानिक प्रावधान के तहत राज्य मंत्रिमंडल में अधिकतम 36 मंत्री ही हो सकते हैं।
सूत्रों के अनुसार पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की कैबिनेट में शामिल अधिकांश मंत्रियों को नई मंत्रिपरिषद में फिर से मौका मिल सकता है। जदयू सूत्रों के अनुसार कैबिनेट विस्तार 6 मई को संभव है और इसमें पिछली सरकार के कई पुराने चेहरे दोबारा नजर आ सकते हैं। नए चेहरों को भी मौका मिल सकता है।
सम्राट चौधरी के पिछले सप्ताह मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के साथ ही भाजपा को बिहार में पहली बार अपने किसी नेता को मुख्यमंत्री बनाने का अवसर मिला है। वहीं, जदयू के कोटे से दो उपमुख्यमंत्री बनाए गए हैं—विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव, जो दोनों ही नीतीश कुमार के करीबी सहयोगी माने जाते हैं। सूत्रों के अनुसार भाजपा और जदयू दोनों अपने-अपने खेमे से 16-16 मंत्रियों की नियुक्ति पर सहमत हो गए हैं। इसमें मुख्यमंत्री और जदयू के दो उपमुख्यमंत्री भी शामिल हैं। इसके अलावा, गठबंधन के अन्य छोटे सहयोगी दलों को चार मंत्री पद दिए जाएंगे।
चिराग पासवान के नेतृत्व वाली लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) और पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी के नेतृत्व वाली हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (सेक्युलर) को नई कैबिनेट में दो-दो मंत्री मिलने की संभावना है। जबकि उपेंद्र कुशवाहा के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय लोक मोर्चा को एक मंत्री पद मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
सूत्रों का कहना है कि नई कैबिनेट में कुछ नए चेहरे भी शामिल हो सकते हैं, जिनमें महिलाओं को भी प्रतिनिधित्व मिलने की संभावना है। जदयू के नेताओं में अशोक चौधरी, श्रवण कुमार, लेसी सिंह, जमा खान, सुनील कुमार, मदन सहनी और रत्नेश सदा के नाम कैबिनेट पदों के लिए प्रमुख दावेदार माने जा रहे हैं। वहीं, बीजेपी की ओर से मंगल पांडे, विजय कुमार सिंह, राम कृपाल यादव, श्रेयसी सिंह, लखेंद्र पासवान, प्रमोद कुमार चंद्रवंशी और अरुण शंकर प्रसाद के नाम अंतिम सूची में शामिल बताए जा रहे हैं। इन सभी नेताओं ने पिछली सरकार में भी मंत्री के रूप में कार्य किया था।