नीतीश कुमार की तरह ही उनके बेटे निशांत कुमार भी अपनी यात्रा की शुरुआत चंपारण से करेंगे। पटना में पत्रकारों से बातचीत करते हुए निशांत ने बताया कि वह 3 मई से यात्रा पर निकलेंगे और इसकी तैयारी पार्टी स्तर पर चल रही है।
Bihar Politics पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे और जदयू नेता निशांत कुमार आगामी 3 मई से अपनी बिहार यात्रा पर निकलेंगे। पिता की तरह ही निशांत अपनी यात्रा की शुरुआत चंपारण से करेंगे। इस दौरान वे बिहार के सभी 38 जिलों का दौरा करेंगे। राजनीति में कदम रखने के बाद यह उनकी पहली सियासी यात्रा होगी।
पटना में पत्रकारों से बातचीत करते हुए निशांत ने यह जानकारी दी। हालांकि, उनकी इस यात्रा का विस्तृत कार्यक्रम अभी घोषित नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि पार्टी के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय झा, जदयू के अन्य नेता और कार्यकर्ता मिलकर इसकी रूपरेखा तय करेंगे।
निशांत कुमार अपनी पहली सियासी यात्रा महात्मा गांधी की कर्मभूमि चंपारण से शुरू करेंगे। नीतीश कुमार भी अपनी अधिकांश यात्राओं की शुरुआत पश्चिम चंपारण से ही करते रहे हैं। चंपारण को महात्मा गांधी की कर्मभूमि माना जाता है, जहां उन्होंने अंग्रेजों द्वारा किसानों पर हो रहे शोषण के खिलाफ सत्याग्रह किया था। करीब दो दशक तक बिहार के मुख्यमंत्री रहे नीतीश कुमार ने भी अपनी ज्यादातर सियासी यात्राओं की शुरुआत यहीं से की। अब उनके बेटे निशांत कुमार भी पिता की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए चंपारण से ही अपनी यात्रा का आगाज करने जा रहे हैं।
नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार ने पिछले महीने ही जदयू में औपचारिक एंट्री ली है। इससे पहले वे सक्रिय राजनीति से दूर थे। नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री पद छोड़ने के बाद ही निशांत की राजनीति में सक्रिय शुरुआत मानी जा रही है। नीतीश कुमार ने 10 अप्रैल को राज्यसभा सांसद के रूप में शपथ ली और 14 अप्रैल को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था।
निशांत कुमार ने मार्च में, 8 मार्च को जदयू की सदस्यता ग्रहण की थी। इसके बाद से वे पार्टी में लगातार सक्रिय हैं और जदयू के वरिष्ठ नेताओं, प्रवक्ताओं व कार्यकर्ताओं के साथ बैठकों के जरिए संगठनात्मक गतिविधियों को समझने का प्रयास कर रहे हैं। अब वे 3 मई से बिहार के सभी जिलों का दौरा करने जा रहे हैं।
नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद सम्राट सरकार में निशांत के डिप्टी सीएम बनने की चर्चा भी चली थी। हालांकि, निशांत फिलहाल सरकार में पद लेने के बजाय संगठन को मजबूत करने पर ध्यान देना चाहते हैं। इसी कारण उनकी जगह पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को मौका दिया गया। नई सरकार में जदयू कोटे से विजय चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव डिप्टी सीएम हैं। हाल ही में पत्रकारों से बातचीत में निशांत ने कहा था कि उनकी प्राथमिकता अभी संगठन को मजबूत करना है।