पटना

‘मुझे इंजेक्शन देकर मार दिया जाएगा…’, पप्पू यादव ने जज से लगाई सुरक्षा की गुहार

Pappu Yadav In Jail: 31 साल पुराने केस में बेल मिलने के बावजूद पूर्णिया सांसद पप्पू यादव जेल से बाहर नहीं आएंगे। सुनवाई के दौरान सांसद ने जज के सामने अपनी हत्या की साजिश रचे जाने का आरोप लगाया।
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Feb 10, 2026
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पूर्णिया सांसद पप्पू यादव (फोटो- pappu yadav FB)

Pappu Yadav In jail: पटना में MP-MLA स्पेशल कोर्ट में पेशी के दौरान, पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने अपनी सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि बेउर जेल के अंदर उनकी हत्या की साजिश हो रही है और उन्हें कभी भी इंजेक्शन देकर मारा जा सकता है। सांसद ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उन्हें स्थानीय पुलिस और जेल प्रशासन पर भरोसा नहीं रहा, इसलिए उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।

कोर्ट में भावुक हुए पप्पू यादव

मंगलवार को सुनवाई के लिए जब पप्पू यादव को कोर्ट लाया गया तो उन्होंने हाथ जोड़कर जज से अपनी सुरक्षा की गुहार लगाई। उन्होंने पटना पुलिस पर गलत व्यवहार का आरोप लगाया और कहा कि गिरफ्तारी की पूरी प्रक्रिया ने उन्हें मानसिक रूप से तोड़ दिया है। अपनी बात रखते-रखते वे रो पड़े। उन्होंने कहा कि जिस तरह से पुलिस रात में सादे कपड़ों में पहुंची, उससे उन्हें लगा कि स्थिति सामान्य नहीं है और उनके साथ कुछ भी किया जा सकता है।

उन्होंने कोर्ट को बताया कि उन्हें ठीक से मेडिकल ट्रीटमेंट नहीं मिल रहा है और अगर उनकी तबीयत खराब हुई, तो उन्हें किसी भी बहाने से नुकसान पहुंचाया जा सकता है। इस आशंका को उन्होंने बंदी आवेदन पर लिखित और मौखिक रूप में अदालत के सामने रखा।

31 साल पुराने केस में बेल मिली

कोर्ट ने उन्हें गर्दनीबाग थाने में दर्ज 31 साल पुराने केस में राहत दी है। हालांकि, यह राहत फिलहाल कंडीशनल है, क्योंकि उन्हें दूसरे केस में अभी बेल नहीं मिली है। इसलिए, वे जेल से बाहर नहीं आ पाएंगे। सुनवाई के दौरान सरकारी पक्ष की ओर से बेल अर्जी का विरोध किया। प्रॉसिक्यूशन ने कोर्ट से उन्हें कुछ और दिन कस्टडी में रखने और सुनवाई टालने की रिक्वेस्ट की। लेकिन, पप्पू यादव के वकील की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने अपना ऑर्डर जारी कर उन्हें बेल दे दी।

जेल से बाहर क्यों नहीं आएंगे?

पप्पू यादव को गर्दनीबाग थाने से जुड़े केस में तो राहत मिल गई है, लेकिन बुद्धा कॉलोनी और थाने से जुड़े दो अलग-अलग केस में उन्हें अभी राहत नहीं मिली है। इन केस में अगली सुनवाई बुधवार को होनी है। तब तक उन्हें पटना की बेउर जेल में ही रहना होगा। बुद्धा कॉलोनी मामले में आरोप है कि उनके समर्थकों ने उनकी गिरफ्तारी के समय विरोध किया और सरकारी काम में रुकावट डाली। वहीं कोतवाली थाने का मामला कुछ वर्ष पहले सड़क जाम और प्रदर्शन से जुड़ा बताया जा रहा है।

Updated on:
10 Feb 2026 04:30 pm
Published on:
10 Feb 2026 04:30 pm