Patna NEET Student Death Case: SIT ने NEET छात्र की मौत के मामले में अपनी शुरुआती जांच पूरी कर ली है। सात दिनों की गहन जांच के बाद तैयार की गई रिपोर्ट में मामले के हर पहलू की जानकारी दी गई है। रिपोर्ट DGP को सौंप दी गई है।
Patna NEET Student Death Case: पटना के मुन्ना चक स्थित शंभू गर्ल्स हॉस्टल में रहकर NEET परीक्षा की तैयारी कर रही एक छात्रा की संदिग्ध मौत की जांच एक अहम मोड़ पर पहुंच गई है। स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने सात दिनों की गहन जांच के बाद अपनी रिपोर्ट बिहार पुलिस मुख्यालय को सौंप दी है। यह रिपोर्ट पुलिस महानिदेशक (DGP) को पेश की गई है, जिसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई और जांच की दिशा तय की जाएगी।
सूत्रों के अनुसार, SIT रिपोर्ट में मामले से जुड़े लगभग हर संभावित गवाह के बयान और सबूत शामिल हैं। इसमें अस्पताल के डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ और मैनेजमेंट, छात्रा के परिवार के सदस्यों, हॉस्टल में रहने वाली अन्य छात्राओं, हॉस्टल के मैनेजमेंट और स्टाफ, पड़ोसियों और स्थानीय जन प्रतिनिधियों आदि के बयान शामिल हैं। मोबाइल कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), टावर लोकेशन डेटा, डिजिटल डेटा और फोरेंसिक इनपुट भी रिपोर्ट का हिस्सा हैं।
SIT ने छात्रा के मूवमेंट की एक विस्तृत टाइमलाइन तैयार की है। जांच में पटना जंक्शन से शंभू गर्ल्स हॉस्टल तक के CCTV फुटेज, हॉस्टल के अंदर और आसपास लगे कैमरों की रिकॉर्डिंग और जहानाबाद में छात्रा के घर से रेलवे स्टेशन तक लगे 40 से ज्यादा CCTV कैमरों के फुटेज की समीक्षा की गई। इस फुटेज के आधार पर छात्रा की यात्रा, हॉस्टल पहुंचने का समय और उसके बाद की गतिविधियों का विश्लेषण किया गया है।
रिपोर्ट के अनुसार, छात्रा 5 जनवरी को जहानाबाद से पटना आई और दोपहर करीब 3:35 बजे शंभू गर्ल्स हॉस्टल पहुंची। अगले दिन, 6 जनवरी को, वह अपने कमरे से बाहर नहीं निकली और दोपहर में बेहोश पाई गई। उसे पहले कंकड़बाग के एक प्राइवेट अस्पताल ले जाया गया, फिर प्रभात मेमोरियल अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालत बिगड़ने पर उसे 9 जनवरी को मेदांता अस्पताल रेफर किया गया, जहां 11 जनवरी को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
शुरुआती जांच में, पुलिस ने क्राइम सीन, CCTV फुटेज और शुरुआती मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर यौन उत्पीड़न की संभावना से इनकार कर दिया था। हालांकि, PMCH (पटना मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल) की पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने इस नतीजे पर गंभीर सवाल उठाए। रिपोर्ट में साफ तौर पर कहा गया था कि यौन उत्पीड़न की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। शरीर पर चोट के निशान और जबरदस्ती यौन संपर्क के संकेत मिलने के बाद मामला और गंभीर हो गया। इसके बाद, छात्रा के पिता ने चित्रगुप्त नगर पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज कराई।
SIT (स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम) की जांच मुख्य रूप से कुछ खास बातों पर फोकस है, जैसे कि 5 जनवरी को जहानाबाद से पटना की यात्रा के दौरान छात्रा की मानसिक और शारीरिक हालत कैसी थी। इसका मकसद यह भी पता लगाना है कि हॉस्टल पहुंचने के बाद ऐसा क्या हुआ कि वह शाम को बेहोश हो गई, जबकि कथित तौर पर वह पूरे दिन नॉर्मल थी। जांच में छात्रा के मोबाइल कॉल पैटर्न को भी शामिल किया गया है, जिसमें एक खास नंबर पर बार-बार संपर्क दिखाया गया है।
SIT ने शंभू गार्ट्स हॉस्टल के फिजिकल स्ट्रक्चर, कमरों की हालत और तीनों गेट, खासकर पिछले गेट और लिंक रोड से उसके कनेक्शन को भी अपनी जांच में शामिल किया है। मकसद यह पता लगाना है कि यह घटना हॉस्टल के किस कमरे या हिस्से में हुई और उस समय वहां कौन-कौन मौजूद था।
SIT की रिपोर्ट जमा होने के बाद, पूरे मामले में अगला फैसला DGP (डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस) लेवल पर लिया जाएगा। यह रिपोर्ट आगे की जांच की दिशा तय करेगी कि क्या मामला यौन उत्पीड़न के तौर पर आगे बढ़ेगा, क्या किसी बड़ी साजिश की परतें खुलेंगी, या क्या किसी अतिरिक्त एजेंसी से जांच की जरूरत होगी।