बिहार के मोतिहारी में एक बार फिर जहरीली शराब से कई लोगों की मौत हो गई है। जिसने नीतीश सरकार की शराबबंदी नीति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
Bihar Hooch Tragedy: बिहार के पूर्वी चंपारण (मोतिहारी) जिले में जहरीली शराब ने कई घरों के चिराग बुझा दिए हैं। रघुनाथपुर और तुरकौलिया थाना क्षेत्र के बालगंगा और आसपास के गांवों में शराब पार्टी के बाद लोगों की तबीयत बिगड़नी शुरू हुई। देखते ही देखते मौतों का सिलसिला शुरू हो गया, जिससे पूरे इलाके में कोहराम मच गया है। अब तक 4 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 15 लोग जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहे हैं। साथ ही इस कांड में 6 लोगों की आंखों की रोशनी हमेशा के लिए चली गई है।
जानकारी के मुताबिक, इस शराबकांड में पहली मौत गुरुवार सुबह और दूसरी गुरुवार रात को हुई थी, जिसके बाद आज शुक्रवार को परीक्षण मांझी (46 वर्ष) और हरदिया निवासी हीरालाल भगत की मौत से हड़कंप मच गया है। अब तक इस त्रासदी में जान गंवाने वालों में पुलवा घाट के 28 वर्षीय चंदू कुमार भी शामिल हैं, जिनका परिजनों ने बिना पुलिस को सूचना दिए आनन-फानन में अंतिम संस्कार कर दिया। इसके अलावा, शंकर सरैया परसौना निवासी 30 वर्षीय प्रमोद यादव और परीक्षण मांझी की मौत हुई है।
जहरीली शराब का असर इतना जानलेवा था कि बीमार पड़े 15 लोगों में से 6 से 7 लोगों की आंखों की रोशनी चली गई है। सदर अस्पताल के डॉक्टरों के मुताबिक अब तक 8 से 9 लोगों को भर्ती किया गया है, इनमें से दो की हालत गंभीर होने के कारण उन्हें दूसरे अस्पतालों में रेफर कर दिया गया है। डॉक्टरों ने लोगों से अपील की है कि जिस किसी ने भी यह शराब पी है, वह घबराए नहीं, बल्कि तुरंत इलाज के लिए अस्पताल आए। प्रभावित लोगों की सूची में कई युवा शामिल हैं, जैसे लोहा ठाकुर, लड्डू साह, राहुल कुमार और रविंद्र यादव।
इस घटना से जिला प्रशासन और पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है। सख्त कार्रवाई करते हुए पुलिस अधीक्षक (SP) ने तुरकौलिया के SHO (थाना प्रभारी) उमाशंकर मांझी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इस बीच गांव के चौकीदार भारत राय को शराब माफिया के साथ मिलीभगत के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया है। मृतक प्रमोद यादव और हीरालाल भगत के परिवारों द्वारा दर्ज कराई गई शिकायतों के आधार पर पुलिस ने रघुनाथपुर और तुरकौलिया पुलिस स्टेशनों में हत्या के मामले दर्ज किए हैं।
इस मामले का खुलासा तब हुआ जब रघुनाथपुर के बालगंगा निवासी लोहा ठाकुर बीमार पड़ गए और उन्हें धुंधला दिखाई देने लगा। एक निजी नर्सिंग होम में इलाज के दौरान उन्होंने स्वीकार किया कि उन्होंने वह शराब पी थी। इस कबूलनामे के बाद पुलिस ने घर-घर जाकर उन अन्य लोगों की तलाश शुरू की जिन्होंने वह शराब पी थी, तब जाकर इस पूरे मामले का खुलासा हुआ।