पटना

Bihar Politics: CM फेस पर सस्पेंस के बीच PK का दावा- बिहार नहीं, गुजरात के हिसाब से चलेगी सरकार

प्रशांत किशोर ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने को लेकर तंज कसते हुए कहा कि जिस नेता को 202 विधायकों का समर्थन प्राप्त हो, वह आमतौर पर पद नहीं छोड़ता।
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Mar 25, 2026
Prashant Kishor
जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर (Photo-IANS)

Bihar Politics: नीतीश कुमार के राज्य सभा चुनाव जीतने के बाद बिहार के अगले मुख्यमंत्री को लेकर चर्चा तेज हो गई है। राजनीतिक विश्लेषक कई नामों को लेकर चर्चा कर रहे हैं। बिहार का सीएम बीजेपी कोटे से बनना है। इसी बीच चुनावी रणनीतिकार और जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने बड़ा दावा करते हुए कहा है कि बिहार का अगला मुख्यमंत्री ‘गुजरात कनेक्शन’ वाला होगा।

CM बनेगा ‘गुजरात कनेक्शन’ वाला

मुंगेर में बुधवार को पत्रकारों से बातचीत के दौरान प्रशात किशोर ने कहा कि नीतीश कुमार के बाद बिहार का मुख्यमंत्री कौन होगा, यह फिलहाल किसी को नहीं पता। इस मुद्दे पर लगाई जा रही अटकलों को उन्होंने बेबुनियाद बताया। इसके साथ ही उन्होंने दावा किया कि बिहार का अगला मुख्यमंत्री, चाहे जो भी हो, वह राज्य के बजाय गुजरात के हितों को प्राथमिकता देगा। उन्होंने आगे कहा कि जो भी सीएम बनेगा वो पीएम नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का करीबी होगा।

प्रशांत किशोर ने कहा कि यह पहला मौका होगा जब बिहार में मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठने वाले व्यक्ति की प्राथमिकता बिहार से ज्यादा गुजरात होगी और वह गुजरात के हितों को ध्यान में रखकर शासन करेगा।

बिहार से बढ़ेगा पलायन?

प्रशांत किशोर ने आगे कहा कि बिहार में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पसंद का मुख्यमंत्री बनेगा। उनका दावा है कि इससे बिहार से गुजरात जाकर काम करने वाले मजदूरों की संख्या बढ़ सकती है, जो अगले पांच वर्षों में 30–40 लाख तक पहुंच सकती है।

उन्होंने कहा कि गुजरात की फैक्ट्रियों में बिहार के श्रमिक अपेक्षाकृत कम वेतन पर काम करते हैं, इसलिए वहां उनकी मांग अधिक रहती है। उनका यह भी कहना है कि यदि बिहार में पर्याप्त उद्योग-धंधे स्थापित नहीं होंगे, तो लोगों को रोजगार के लिए अन्य राज्यों, खासकर गुजरात, जाना पड़ेगा।

PK ने खोले सियासी राज

प्रशांत किशोर ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने को लेकर तंज कसते हुए कहा कि जिस नेता को 202 विधायकों का समर्थन प्राप्त हो, वह आमतौर पर पद नहीं छोड़ता।

उन्होंने आगे कहा कि उनकी शारीरिक और मानसिक स्थिति ऐसी नहीं है कि वे लंबे समय तक मुख्यमंत्री पद पर बने रह सकें। उन्होंने दावा किया कि जन सुराज पार्टी ने चुनाव के दौरान ही यह बात कही थी और अब चुनाव परिणाम के 3-4 महीने के भीतर ही वे पद छोड़ रहे हैं।

एनडीए की जीत पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि यदि 10-10 हजार रुपये वाली योजना का प्रलोभन नहीं दिया गया होता, तो गठबंधन को यह सफलता नहीं मिलती।

Updated on:
25 Mar 2026 09:01 pm
Published on:
25 Mar 2026 09:01 pm