Bihar Politics: राजद ने राबड़ी देवी बंगला विवाद के बीच तंज कसते हुए दावा किया है कि बिहार के मुख्यमंत्री का बंगला अब देश के प्रधानमंत्री के आवास से भी बड़ा और आलीशान हो चुका है। पार्टी का आरोप है कि सम्राट चौधरी ने बिहार की सबसे महंगी जमीन पर अपने आवासीय परिसर का विस्तार लगभग 15 एकड़ में कर लिया है।
Bihar Politics: बिहार की सियासत में इन दिनों सरकारी बंगलों को लेकर घमासान छिड़ा हुआ है। पूर्व मुख्यमंत्री और बिहार विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष राबड़ी देवी को सरकारी बंगला खाली करने के नोटिस मिलने के बाद राष्ट्रीय जनता दल (RJD) पूरी तरह से आक्रामक मोड में आ गई है। इसी कड़ी में राजद ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के सरकारी आवास को लेकर हमला बोला है। राजद ने मुख्यमंत्री के आवास की तुलना आलीशान महल से की है और दावा किया है कि देश के सबसे पिछड़े और गरीब राज्य के मुख्यमंत्री का बंगला अब देश के प्रधानमंत्री के आवास से भी बड़ा और भव्य हो चुका है।
राजद ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की जीवनशैली और उनके आवासीय परिसर के विस्तार पर सवाल खड़ा करते हुए सोशल मीडिया पर एक पोस्ट किया। पार्टी ने अपने पोस्ट में लिखा, 'देश के सबसे गरीब राज्य बिहार के मुख्यमंत्री का बंगला, अब भारत का सबसे बड़ा आलीशान, भव्य और सात सितारा सरकारी बंगला है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का बंगला अब प्रधानमंत्री से भी बड़ा बंगला है।'
राजद ने आगे कहा कि मुख्यमंत्री ने बिहार की सबसे महंगी जमीन पर अपने आवासीय कार्यालय का विस्तार लगभग 15 एकड़ से अधिक के क्षेत्र में कर लिया है। पार्टी ने तंज कसते हुए पूछा, 'क्या सम्राट चौधरी को शर्म आती है कि सबसे पिछड़े और गरीब राज्य के CM को आवासीय कार्यालय में बैठने और सोने के लिए 24 बीघा यानी 480 कट्टा जमीन चाहिए?'
राजद का आरोप है कि सम्राट चौधरी ने मुख्यमंत्री बनने के बाद नियमों की अनदेखी करते हुए उपमुख्यमंत्री के नाम पर निर्धारित बंगले को भी मुख्यमंत्री आवास में मिला लिया। राजद ने अपने पोस्ट में बताया की बिहार में उपमुख्यमंत्री के लिए दो आवास चिन्हित थे, 5 देशरत्न मार्ग और 3 स्ट्रैंड रोड। इनमें 15 अप्रैल तक सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा रहते थे और इनसे पहले तेजस्वी यादव, दिवंगत सुशील कुमार मोदी, तारकिशोर प्रसाद व रेणू देवी जैसे नेता भी बतौर डिप्टी सीएम इन बंगलों में रह चुके हैं।
राजद ने आगे आरोप लगाते हुए लिखा, 'सम्राट चौधरी इतने बड़े पक्षपाती और अन्यायी चरित्र के है कि उपमुख्यमंत्री के नाम पर कर्णांकित आवास को भी अपने आवास में समाहित कर लिया।' राजद ने यह भी कहा कि सम्राट चौधरी ने दिल्ली में बिहार निवास और बिहार भवन की बजाय टाइप-𝟖 बंगला भी लिया है।
राजद ने सरकार पर दोहरा रुख अपनाने का आरोप लगाते हुए पूछा कि यदि मुख्यमंत्री इतने ही नियम-कानून के पाबंद हैं, तो वर्तमान उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव को पूर्व से निर्धारित उपमुख्यमंत्री आवास में शिफ्ट क्यों नहीं किया जा रहा है?
इस पूरे विवाद को राबड़ी देवी बंगला विवाद से जोड़ते हुए राजद ने सरकार की नैतिकता पर सवाल दागे हैं. पार्टी ने कहा कि एक तरफ पूर्व मुख्यमंत्री और बिहार की प्रथम महिला मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के साथ एक अपरिपक्व और राजनीतिक रूप से नासमझ मुख्यमंत्री द्वारा पक्षपातपूर्ण और दुर्भावनापूर्ण व्यवहार किया जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ सत्तापक्ष के कई ऐसे पूर्व विधायक, पूर्व सांसद और वर्तमान नेता हैं जो पात्रता न होने के बावजूद मंत्रियों के लिए अलॉटेड बड़े बंगलों में मजे से रह रहे हैं।
राजद ने आखिर में मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा, 'क्या यही आपकी नैतिकता, आचरण और व्यवहार है? क्या ऐसी लठैती से शासन चलता है? सम्राट चौधरी में बिल्कुल भी न्यायिक चरित्र नहीं है। यह ईर्ष्या, द्वेष और शत्रुता की दुर्भावना से लैस होकर कार्य कर रहे हैं।'