पटना शंभू गर्ल्स हॉस्टल कांड के बीच प्रभात मेमोरियल अस्पताल पर एक नया विवाद खड़ा हो गया है। राजस्थान के एक युवक ने वीडियो जारी कर आरोप लगाया कि अस्पताल की लापरवाही और इलाज में देरी से उसके NIT पटना में पढ़ने वाले भाई की मौत हो गई, जबकि उनसे लाखों रुपये वसूले गए।
पटना का प्रभात मेमोरियल हॉस्पिटल, जो पहले से ही शंभू गर्ल्स हॉस्टल कांड के बाद विवादों में घिरा हुआ था, अब एक नए आरोप का सामना कर रहा है। इस बार यह आरोप राजस्थान के एक युवक ने लगाया है, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में युवक का दावा है कि उसके छोटे भाई की मौत हॉस्पिटल की लापरवाही और इलाज में देरी की वजह से हुई। उसने आरोप लगाया कि न सिर्फ मेडिकल सुविधाओं की भारी कमी थी, बल्कि हॉस्पिटल ने उनसे लाखों रुपये भी ऐंठे और आखिर में सिर्फ शव सौंप दिया।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में युवक कहता है, “मेरा छोटा भाई NIT पटना में B.Tech सेकंड ईयर का स्टूडेंट था। वह 26 अप्रैल 2025 को बीमार पड़ गया और उसके दोस्तों ने उसे प्रभात मेमोरियल हॉस्पिटल में भर्ती कराया। लेकिन वहां कोई टेस्ट नहीं हुआ, कोई इलाज नहीं हुआ। वे बीमारी का पता नहीं लगा पाए और हर चीज में देरी करते रहे। अगले दिन तक उसे वेंटिलेटर पर रख दिया गया।”
युवक ने आगे बताया कि क्योंकि वे राजस्थान के रहने वाले हैं, इसलिए वे समय पर पटना नहीं पहुंच पाए। हालांकि, बच्चों ने उसके भाई को तुरंत हॉस्पिटल में भर्ती करा दिया था। इसके बावजूद, इलाज की कमी, अपर्याप्त टेस्ट और डॉक्टरों की लापरवाही ने स्थिति को और खराब कर दिया। जब तक उन्हें पता चला कि समस्या क्या है, तब तक बच्चा पहले ही वेंटिलेटर पर था। उसकी हालत लगातार बिगड़ती गई।
युवक ने आगे कहा, "आज हमारा भाई हमारे साथ नहीं है। लेकिन ऐसा किसी दूसरे भाई, बहन या बच्चे के साथ नहीं होना चाहिए। इस अस्पताल के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। कई माता-पिता अपने बच्चों को पढ़ने के लिए पटना भेजते हैं। अब वे उन्हें कैसे भेजेंगे? मैं गुजारिश करता हूं कि सभी को न्याय मिले और इस अस्पताल के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।"
शंभू गर्ल्स हॉस्टल की घटना की वजह से पहले ही प्रभात मेमोरियल हॉस्पिटल जांच के दायरे में है। NEET छात्र की मौत के मामले में आरोप है कि डॉक्टरों ने सबूत छिपाए, छात्र की चोटों को नजरअंदाज किया और समय पर पुलिस को जानकारी नहीं दी। अस्पताल पर पीड़ित परिवार को गुमराह करने और रेप के सबूत छिपाने का भी आरोप है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद कई बातें सामने आईं, जिसके बाद एक SIT बनाई गई और अस्पताल के खिलाफ कार्रवाई की मांग तेज हो गई।