पटना

कोचिंग विवाद में राकेश यादव की एंट्री; खान सर को शिव पुराण पढ़ने की दी सलाह, बोले-अहंकार में उजड़ गया एक परिवार

Rakesh Yadav on Khan Sir vs Roshan Anand: खान सर और रोशन आनंद के बीच चल रहे विवाद में अब राकेश यादव की एंट्री हो गयी है। 33 मिनट के एक यूट्यूब वीडियो में उन्होंने खान सर को लेकर कई दावे किये हैं। फीस से जुड़ी सच्चाई से लेकर फर्जी टॉपर्स और NEET विरोध से ध्यान भटकाने की कथित साजिश जैसे मुद्दों पर राकेश यादव ने वीडियो में कई खुलासे किए हैं।
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Jun 19, 2026
rakesh yadav on patna coaching controversy
Careerwill App के संस्थापक राकेश यादव

Rakesh Yadav on Patna Coaching war: पटना में खान सर और ज्ञानबिंदु के डायरेक्टर रोशन आनंद के बीच चल रहे विवाद में अब गणित के मशहूर टीचर और 'Careerwill App' के फाउंडर राकेश यादव सर की एंट्री हो गई है। यूट्यूब पर 33 मिनट के एक वीडियो में उन्होंने खान सर के काम करने के तरीके और उनके विवादित बयानों पर सवाल उठाए हैं। राकेश यादव सर ने कहा कि आज शिक्षकों की जो छवि 'दो कौड़ी की' बनी है, उसके लिए खुद टीचर ही जिम्मेदार हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि खान सर के गलत शब्दों और अहंकार के कारण ज्ञान बिंदु कोचिंग के टीचर रोशन आनंद सर के पूरे परिवार को बर्बाद कर दिया है।

एक शब्द और पोस्टर के अहंकार ने उजाड़ दिया परिवार

वीडियो की शुरुआत में, राकेश यादव सर ने 2 जून को खान सर द्वारा दिए गए उस बयान की आलोचना की, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि उन पर 8 से 10 राउंड गोलियां चलाई गई थीं। खान सर को लेकर राकेश यादव ने कहा, "आप खुद को ग्लोबल टीचर कहते हैं। आपके बड़े राजनीतिक संगठनों और यहां तक ​​कि राज्यों के गवर्नरों से भी संबंध हैं। फिर भी, पोस्टरों को लेकर हुए एक मामूली विवाद को लेकर आप मीडिया के पास गए और दावा किया कि चूंकि आप 200 रुपये में पढ़ाते हैं, इसलिए विरोधी कोचिंग सेंटर ने आप पर हमला करवाया।"

राकेश यादव सर ने कहा कि खान सर के उस एक गैर-जिम्मेदाराना बयान की वजह से पुलिस ने रोशन आनंद सर को जेल में डाल दिया। इसके बाद, संदिग्ध हालात में उनके भाई की मौत हो गई, उनके पिता ICU में जिंदगी की जंग लड़ रहे हैं और उनकी मां की हालत गंभीर है। अगर यह किसी परिवार की बर्बादी नहीं है, तो फिर क्या है?

खान सर के फीस के दावों पर राकेश यादव का हमला

राकेश यादव ने KBC और द कपिल शर्मा शो जैसे बड़े प्लेटफॉर्म पर खान सर के सबसे सस्ते टीचर होने के दावों को गलत बताया। फीस के आंकड़े बताते हुए उन्होंने कहा कि खान सर एक BPSC बैच के लिए 30,000 से 75,000 रुपये तक की फीस लेते हैं, जबकि ज्ञान बिंदु कोचिंग में ये फीस सिर्फ 10,000 रुपये है।

राकेश यादव ने S.K. झा सर का उदाहरण देते हुए कहा कि वो रेलवे परीक्षा का पूरा कोर्स सिर्फ 99 रुपये में पढ़ाते हैं और विवेक सर UP कॉन्स्टेबल बैच 11 रुपये में देते हैं। अभिनय सर ने YouTube पर SSC का पूरा गणित सिलेबस मुफ़्त में पढ़ाया। फिर भी खुद को बेहतर दिखाने के लिए, खान सर पूरे टीचिंग समुदाय को कोचिंग माफिया और आतंकवादी बताने पर तुले हुए हैं।

फेक टॉपर और PR को लेकर राकेश यादव के दावे

राकेश यादव सर ने खान सर के इंस्टिट्यूट द्वारा दिखाए गए सिलेक्शन के आंकड़ों और नतीजों पर भी सवाल उठाए। राकेश यादव ने कहा कि खान सर ने एक युवक को अपने प्लेटफ़ॉर्म पर बुलाया और उसे RO (रेवेन्यू ऑफिसर) और PCS ऑफ़िसर के तौर पर चुना हुआ बताया। असलियत यह निकली कि वह एक प्राइवेट कंपनी में सिर्फ डेटा एंट्री ऑपरेटर था। इसी तरह एक प्राइवेट कंपनी में काम करने वाले युवक को इनकम टैक्स ऑफ़िसर के तौर पर पेश किया गया। अब जब ये घोटाले सामने आ रहे हैं, तो खान सर की टीम यूट्यूब से वीडियो हटवाने में लगी है।

कोचिंग विवाद ने छात्रों के बड़े आंदोलन की हवा निकाल दी

राकेश यादव सर ने आगे कहा कि पूरा देश नीट (NEET) घोटाले, एसएससी जीडी (SSC GD) और रेलवे ग्रुप डी की भर्ती को लेकर आक्रोशित था और 12 साल में पहली बार ऐसा माहौल बना था कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा हो जाता, ठीक उसी समय रात 10 बजे खान सर ने एक मामूली विवाद को गोलीबारी और बमबारी का रूप देकर देश का पूरा ध्यान भटका दिया। पीआर की इस भूख ने लाखों छात्रों के हक की लड़ाई को पीछे धकेल दिया।

खान सर को दी शिव पुराण पढ़ने की सलाह

राकेश यादव ने इतिहास का हवाला देते हुए कहा कि आसाराम और राम रहीम जैसी हस्तियों के पास भी अकूत दौलत और अंधभक्तों की फौज थी, लेकिन अपने कर्मों के कारण वे आज जेल में हैं। राकेश यादव ने आगे खान सर से कहा, "आप भगवान भोलेनाथ के भक्त बनते हैं, तो एक बार शिव पुराण उठाकर पढ़िए। उसमें लिखा है कि जब कोई गुरु या साधु के भेष में अपराध करता है, तो वह सामान्य पाप नहीं बल्कि महापाप' की श्रेणी में आता है, जिसे ईश्वर भी क्षमा नहीं करते।"

राकेश यादव ने आगे बताया कि शिव पुराण के अनुसार इसकी तीन ही सजाएं हैं। पहली अपने मन से गलती स्वीकारो, दूसरी सामाजिक रूप से माफी मांगो और तीसरी पीड़ित परिवार के पैरों में तब तक पड़े रहो जब तक वो माफ न कर दे। यदि आपमें थोड़ी भी इंसानियत बची है, तो अंधभक्तों का सहारा छोड़िए और खुद को कानून के सामने सरेंडर कीजिए।

सम्राट चौधरी से तत्काल कार्रवाई की मांग

राकेश यादव सर ने बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से अपील की कि वे पूरे मामले की जांच के लिए तत्काल एक उच्च-स्तरीय स्वतंत्र जांच टीम गठित करें। गायक जुबिन गर्ग के मामले में असम सरकार द्वारा की गई त्वरित कानूनी कार्रवाई का हवाला देते हुए, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि बिहार में अभी डबल-इंजन सरकार है और सम्राट चौधरी अपने सख्त और साहसिक फैसलों के लिए जाने जाते हैं। यदि सरकार आज स्थिति को पूरी तरह स्पष्ट करने और सच्चाई सामने लाने के लिए हस्तक्षेप नहीं करती है, तो इस देश में शिक्षकों की बची-खुची गरिमा हमेशा के लिए खत्म हो जाएगी।

Updated on:
19 Jun 2026 09:02 am
Published on:
19 Jun 2026 09:02 am