
Khan Sir vs Roshan Anand: ज्ञान बिंदु कोचिंग संस्थान के निदेशक रौशन आनंद अब फैजल खान उर्फ खान सर के खिलाफ आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं। अपने समर्थकों और वकीलों के साथ बुधवार शाम वे कदमकुआं थाना पहुंचे, जहां उन्होंने फैजल खान उर्फ खान सर पर प्रिंस यादव की हत्या की सुनियोजित साजिश रचने का आरोप लगाते हुए लिखित शिकायत दी।
पुलिस द्वारा शिकायत लेने से इनकार किए जाने पर रौशन आनंद थाना परिसर के बाहर अपने समर्थकों के साथ धरने पर बैठ गए। रौशन आनंद ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि फैजल खान उर्फ खान सर के खिलाफ वे अब सड़क से लेकर कानून तक लड़ाई लड़ेंगे। उन्होंने कहा कि जब तक उनके भाई के कथित हत्यारों की गिरफ्तारी नहीं होती, तब तक वे शांत नहीं बैठेंगे।
दरअसल, दूसरे देश से जुड़ा मामला होने का हवाला देते हुए कदमकुआं पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज करने से इनकार कर दिया था, जिसके बाद विवाद बढ़ गया। कदमकुआं थाना प्रभारी का कहना था कि प्रिंस यादव की मौत नेपाल में हुई है और वहां की पुलिस मामले की जांच कर रही है, इसलिए कदमकुआं पुलिस इस मामले में सीधे तौर पर जांच या प्राथमिकी दर्ज नहीं कर सकती।
पुलिस के इस रुख से रौशन आनंद आक्रोशित हो गए और अपने समर्थकों के साथ थाना परिसर के बाहर धरने पर बैठ गए। इस दौरान उन्होंने प्रदर्शन किया और नारेबाजी भी की। बाद में पुलिस के समझाने पर वे वहां से चले गए। हालांकि, रौशन आनंद ने कहा कि यह लड़ाई अब वे कानून और सड़क दोनों स्तर पर जारी रखेंगे।
मुसल्लहपुर हाट स्थित खान ग्लोबल कोचिंग संस्थान में 2 जून को हुई तोड़फोड़ और गार्ड चुनचुन के साथ मारपीट के मामले में पटना पुलिस ने ज्ञान बिंदु के निदेशक रौशन आनंद, उनके भाई अभिषेक, प्रिंस यादव और स्टाफ गौरव के खिलाफ कदमकुआं थाने में केस दर्ज किया था। इसके बाद पुलिस ने रौशन आनंद, अभिषेक और गौरव को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। भाई प्रिंस यादव की मौत के बाद कोर्ट ने रौशन आनंद को जमानत दे दी, जबकि अन्य आरोपी अभी जेल में ही हैं। प्रिंस यादव का अंतिम संस्कार करने के बाद रौशन आनंद बुधवार को पटना लौटे और अपने समर्थकों व वकीलों के साथ कदमकुआं थाना पहुंचकर आवेदन दिया।
टाउन डीएसपी-1 राजेश रंजन ने बताया कि आवेदन प्राप्त हुआ है। घटना नेपाल में होने के कारण पुलिस की सीमित भूमिका है, लेकिन आवेदन और लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है। साथ ही कानूनी पहलुओं पर भी विचार किया जा रहा है। उधर, नेपाल पुलिस ने प्रिंस यादव की मौत के मामले में उसके पांच दोस्तों को हिरासत में लिया है और उनसे पूछताछ जारी है।