पटना

जिस महिला ने IAS संजीव हंस पर दर्ज कराया था दुष्कर्म का मुकदमा, उसे मैनेज करने के लिए रिशु श्री ने दिए थे 20 लाख

IAS Sanjeev Hans Gangrape Case: बिहार के IAS अधिकारी संजीव हंस और पूर्व विधायक गुलाब यादव से जुड़े गैंगरेप मामले में ED ने एक बड़ा खुलासा किया है। ED की जांच रिपोर्ट के अनुसार, सरकारी टेंडर हेराफेरी के आरोप में जेल में बंद ठेकेदार रिशु श्री ने अपनी कंपनी के जरिए पीड़िता को 20 लाख रुपये ट्रांसफर किए थे।
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Jun 02, 2026
ias sanjeev hans in bihar tender scam
IAS संजीव हंस (photo - FB @DistrictCollectors)

IAS Sanjeev Hans Gangrape Case: बिहार के बहुचर्चित और हाई-प्रोफाइल सामूहिक दुष्कर्म मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच में एक नया खुलासा हुआ है। सरकारी टेंडर में हेराफेरी और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों में गिरफ्तार ठेकेदार रिशु श्री पर लगे अवैध गतिविधियों के आरोपों की सूची अब और भी लंबी हो गई है। ED की जांच रिपोर्ट के अनुसार, IAS अधिकारी संजीव हंस और पूर्व विधायक गुलाब यादव पर गैंगरेप का आरोप लगाते हुए केस दर्ज कराने वाली महिला को चुप कराने और मामले को मैनेज करने के लिए रिशु श्री के माध्यम से 20 लाख रुपये की रकम पहुंचाई गई थी।

रिशु श्री की कंपनी से ऐसे ट्रांसफर हुए 20 लाख रुपये

ED ने अपनी जांच रिपोर्ट में इस पूरे वित्तीय लेन-देन के पीछे के नेटवर्क को पूरी तरह डिकोड कर दिया है। ED के मुताबिक, रिशु श्री की कंपनी मेसर्स रिलायबल इन्फ्रा सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड द्वारा सबसे पहले सुनील कुमार सिन्हा नाम के व्यक्ति के बैंक खाते में 20 लाख रुपये ट्रांसफर किए गए थे। इसके बाद, सुनील सिन्हा ने इस पूरी राशि को सीधे दुष्कर्म पीड़िता के बैंक अकाउंट में ट्रांसफर कर दिया।

अपनी रिपोर्ट में, जांच एजेंसी ने स्पष्ट रूप से आरोप लगाया है कि रिशु श्री ने अपनी विभिन्न कंपनियों के माध्यम से जल संसाधन विभाग के भीतर बड़े ठेके और टेंडर हासिल किए थे। चूंकि उस समय संजीव हंस इस विभाग के सचिव के पद पर कार्यरत थे, इसलिए रिशु श्री द्वारा किया गया 20 लाख रुपये का यह भुगतान वास्तव में संजीव हंस के लिए एक रिश्वत थी, जिसका इस्तेमाल पीड़िता को चुप कराने के लिए किया गया था।

पीड़िता को पहले भी दिए गए थे 90 लाख रुपये

इस मामले में रुपयों के लेन-देन का यह कोई पहला या इकलौता मामला नहीं है। ED की जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों को बचाने और पीड़िता को मैनेज करने के लिए करोड़ों रुपये पानी की तरह बहाए जा रहे थे। ED ने 14 फरवरी 2025 को आर्थिक अपराध इकाई (EOU) के एडीजी को एक पत्र भेजा था। इस पत्र में जांच एजेंसी ने यह आरोप लगाया था कि IAS संजीव हंस ने दुष्कर्म पीड़िता को पहले भी अलग से 90 लाख रुपये का भुगतान किया था। अब 20 लाख रुपये के इस नए कनेक्शन के सामने आने के बाद जांच का दायरा और ज्यादा बढ़ गया है।

जेल में बंद रिशु श्री की बिगड़ी तबीयत

इन तमाम गंभीर और सनसनीखेज खुलासों के बीच, निगरानी के विशेष जज अतुल कुमार सिंह की अदालत ने सोमवार को बेऊर जेल अधीक्षक को एक अहम प्रशासनिक निर्देश जारी किया है। कोर्ट ने आदेश दिया है कि जेल में बंद आरोपी ठेकेदार रिशु श्री को जेल के भीतर ही पूरी और पर्याप्त चिकित्सकीय सुविधा मुहैया कराई जाए।

गौरतलब है कि रिशु श्री के वकील ने अदालत में एक विशेष अर्जी दाखिल की थी, जिसमें गुहार लगाई गई थी कि उनके मुवक्किल की तबीयत काफी बिगड़ गई है। दलील दी गई कि रिशु का 2024 से लगातार मेडिकल इलाज चल रहा है, जिसके लिए विशेष और उच्च-स्तरीय मेडिकल देखभाल की जरूरत है।

इस पर सरकारी वकील ने स्थिति स्पष्ट करते हुए अदालत को बताया कि बेऊर जेल के भीतर डॉक्टरों की एक विशेष टीम चौबीसों घंटे तैनात है, जो मरीज की स्थिति की कड़ाई से निगरानी करेगी और उनका इलाज करेगी। अगर डॉक्टरों की टीम को लगता है कि स्थिति अधिक गंभीर है, तो उनकी लिखित अनुशंसा के बाद ही रिशु श्री को जेल से बाहर किसी बड़े अस्पताल में रेफर किया जाएगा।

Updated on:
03 Jun 2026 02:59 pm
Published on:
02 Jun 2026 05:04 pm