
बिहार सरकार में भवन निर्माण मंत्री लेसी सिंह
Bihar Politics: बिहार में सरकारी बंगलों के आवंटन को लेकर छिड़ा सियासी संग्राम थमने का नाम नहीं ले रहा है। आरजेडी द्वारा पॉलिटिकल वेंडेटा और ईर्ष्या की राजनीति के लगाए गए आरोपों पर अब राज्य सरकार ने पलटवार किया है। भवन निर्माण विभाग की मंत्री लेसी सिंह ने सरकारी आदेश और गोपनीय पत्रों की फाइल दिखाते हुए आरजेडी के सवालों का जवाब दिया। मंत्री ने कहा, 'सरकारी आवास में कैसी मोह-माया? यह किसी की जागीर नहीं होती। अगर कोई नियम नहीं मानेगा, तो सरकार अपने नियम-कानून से चलेगी।'
इससे पहले आरजेडी नेताओं ने सरकार पर दोहरा मापदंड अपनाने का आरोप लगाया था। आरजेडी का कहना था कि पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी का 10 सर्कुलर रोड वाला आवास मंत्री नंद किशोर राम को अलॉट कर दिया गया। आरजेडी ने सवाल उठाया कि नीतीश कुमार अब बिहार के मुख्यमंत्री नहीं हैं, सिर्फ जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं, तो उन्हें इतना बड़ा 7 सर्कुलर रोड वाला बंगला किस हैसियत से दिया गया है? इसके अलावा संजय झा, देवेश चंद्र ठाकुर और उपेंद्र कुशवाहा जैसे नेताओं के बड़े बंगलों पर भी सवाल खड़े किए गए।
भवन निर्माण मंत्री लेसी सिंह ने राजद के सवालों का जवाब देते हुए साफ किया कि राबड़ी देवी को नोटिस भेजा जाना कोई आज का नया आदेश नहीं है। उन्हें 25 जनवरी 2025 को ही खाली करने का नोटिस दिया गया था और उनके लिए 39 हार्डिंग रोड में एक बड़ा बंगला अलॉट किया जा चुका है। लेसी सिंह ने कहा, 'मंत्री नंद किशोर राम भी गरीब तबके से आते हैं। बाबा साहब अंबेडकर के संविधान ने उन्हें भी अधिकार दिया है। उन्होंने इच्छा जताई थी, इसलिए उन्हें 10 सर्कुलर रोड आवंटित किया गया।'
नीतीश कुमार के 7 सर्कुलर रोड आवास पर मंत्री ने 31 मार्च 2026 का पुलिस महानिदेशक (विशेष शाखा) का गोपनीय पत्र सार्वजनिक किया। उन्होंने बताया कि राज्य सुरक्षा समिति की अनुशंसा के आलोक में नीतीश कुमार को उनके प्रोटोकॉल और जेड प्लस सुरक्षा श्रेणी के अनुरूप कड़े सुरक्षा मानकों के कारण यह सरकारी आवास अगले आदेश तक आवंटित किया गया है।
सम्राट चौधरी को एक अणे मार्ग के साथ 5 देशरत्न मार्ग मिलने पर मंत्री ने बताया कि यह व्यवस्था पूरी तरह अस्थाई है। चूंकि वे पहले उपमुख्यमंत्री और गृह मंत्री थे, वहां सुशासन और विकसित भारत से जुड़े कार्यों का पूरा पुलिसिंग और प्रशासनिक सेटअप लगा हुआ था, जिसे तुरंत हटाना नामुमकिन था।
आरजेडी द्वारा अन्य नेताओं के बंगलों को लेकर उठाए गए सवालों का भी भवन निर्माण मंत्री लेसी सिंह ने जवाब दिया। उन्होंने सरकारी कागजात दिखाते हुए आवास के आवंटन का पूरा गणित समझाया। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्यसभा सांसद उपेंद्र कुशवाहा नियम के तहत अप्रैल 2026 का 42,540 रुपये का मानक किराया बकायदा ड्राफ्ट के जरिए विभाग में जमा कर रहे हैं, जबकि लोकसभा सांसद देवेश चंद्र ठाकुर विभाग के पुराने नियमों के मुताबिक बाजार दर का 30 गुना किराया और अन्य शुल्कों का भुगतान करके 1 टेलर रोड आवास का उपयोग कर रहे हैं।
वहीं, संजय गांधी को 11 स्टैंड रोड का आवास बिहार विधान परिषद में सत्तारूढ़ दल के मुख्य सचेतक होने के नाते आवंटित किया गया है। इसके अलावा स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार को 2 देशरत्न मार्ग का बंगला तब दिया गया जब विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार के अनुरोध पर उनके पुराने आवास 3 सर्कुलर रोड को ही विनियमित कर दिया गया।
लेसी सिंह ने अंत में आरजेडी और राबड़ी देवी से आग्रह करते हुए कहा कि 39 हार्डिंग रोड में उनके लिए बहुत ही शानदार बंगला सुसज्जित किया गया है। वे या उनका कोई भी आदमी जाकर एक बार बंगला देख ले। अगर उसमें उनकी जरूरत के हिसाब से कुछ और भी काम कराना होगा, तो भवन निर्माण विभाग उसे प्राथमिकता पर पूरा कराएगा। सरकार किसी द्वेष भावना से नहीं, बल्कि पूरी तरह विधि सम्मत प्रक्रिया के तहत काम कर रही है।
Updated on:
01 Jun 2026 05:54 pm
Published on:
01 Jun 2026 05:54 pm
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.
