Ritu Jaiswal Joins BJP: रितु जायसवाल ने मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थाम लिया। पटना स्थित बीजेपी दफ्तर में सदस्यता ग्रहण करते ही रितु जायसवाल ने कहा कि अब उनके पुराने वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर उन्हें ट्रोल किया जाएगा, लेकिन वे पूरी तरह निडर हैं।
Ritu Jaiswal Joins BJP:बिहार की सियासत में मंगलवार को एक बड़ा उलटफेर देखने को मिला। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) की पूर्व राष्ट्रीय प्रवक्ता और महिला प्रकोष्ठ की पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रितु जायसवाल ने आधिकारिक तौर पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थाम लिया है। पटना के वीरचंद पटेल पथ स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय के अटल सभागार में आयोजित एक विशेष मिलन समारोह के दौरान बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने उन्हें भगवा पट्टा पहनाकर पार्टी की प्राथमिक सदस्यता दिलाई।
सदस्यता ग्रहण करने के बाद अपने पहले ही संबोधन में रितु जायसवाल ने कहा, 'मुझे पता है, मेरे बीजेपी जॉइन करते ही सोशल मीडिया पर मुझे कई पुराने वीडियो दिखाकर बुरी तरह ट्रोल किया जाएगा, लेकिन मैं पूरी तरह निडर हूं।' इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों और सोशल मीडिया पर यह सवाल तैरने लगा है कि आखिर रितु जायसवाल बीजेपी में शामिल होते ही किस वीडियो का जिक्र करने लगीं? आखिर विपक्ष उनका कौन सा वीडियो वायरल करने की तैयारी में है?
दरअसल, रितु जायसवाल सालों तक आरजेडी की राष्ट्रीय प्रवक्ता रही हैं। प्रवक्ता रहने के दौरान टीवी डिबेट्स, रैलियों और सोशल मीडिया पर वे भारतीय जनता पार्टी (BJP), प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर बेहद तीखे और आक्रामक हमले करती थीं। आरजेडी की फायरब्रांड प्रवक्ता के तौर पर उन्होंने कई मौकों पर बीजेपी की नीतियों को जनविरोधी बताया था और महंगाई, बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर पीएम मोदी को कटघरे में खड़ा किया था।
रितु को अच्छे से अंदाजा है कि पाला बदलते ही आरजेडी और विपक्ष का आईटी सेल उनके उन्हीं पुराने बयानों और टीवी डिबेट्स के छोटे-छोटे वीडियो क्लिप्स को सोशल मीडिया पर वायरल करेगा, ताकि उन्हें अवसरवादी साबित किया जा सके। इसी संभावित घेराबंदी को भांपते हुए रितु जायसवाल ने बीजेपी दफ्तर से ही विरोधियों पर पहला हमला बोला और साफ कहा कि वे किसी भी वीडियो से डरने वाली नहीं हैं।
रितु जायसवाल ने अपनी बात रखते हुए 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव के उस दौर को भी याद किया, जहां से उनके पाला बदलने की पटकथा लिखी गई थी। रितु ने कहा कि जब आरजेडी ने परिहार सीट से उनका टिकट काट दिया था, तब उन्होंने जनता के दबाव में निर्दलीय चुनाव लड़ा था, जिसके बाद राजनीतिक गलियारों में उन्हें बागी कहा गया।
रितु जायसवाल ने कहा, "मैं कभी बागी नहीं हुई थी। असल में उस वक्त परिहार की जनता वहां की गलत व्यवस्था के खिलाफ बागी हो चुकी थी। उन्हें क्षेत्र के विकास के लिए सिर्फ रितु जायसवाल ही चाहिए थी। भले ही मैं वह चुनाव हार गई, लेकिन निर्दलीय होने के बावजूद जनता ने मुझे 65 हजार के करीब वोट दिए, जो मेरी सबसे बड़ी ताकत है।"
पार्टी बदलते ही पत्रकारों ने रितु जायसवाल से सवाल पूछा कि आप तो तेजस्वी यादव को अपना भाई मानती थीं और उन्हें राखी बांधती थीं, फिर अचानक ऐसा क्या हो गया? इस पर रितु ने बेहद कड़ा और भावुक कर देने वाला पलटवार किया। उन्होंने कहा, "राखी बांधने और मुंहबोली बहन होने की बात छोड़ दीजिए। पूरे बिहार और देश की जनता ने देखा है कि उन्होंने (तेजस्वी यादव) अपनी सगी बहन रोहिणी आचार्य के साथ क्या किया। जब वे अपनी सगी बहन के नहीं हो सके, तो मैं तो फिर भी सिर्फ एक मुंहबोली बहन थी।"
इसके साथ ही उन्होंने तेजस्वी यादव को अपने पिता लालू प्रसाद यादव से राजनीति सीखने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि लालू जी जमीन से जुड़े नेता हैं, वे अपने दरवाजे पर आए एक-एक गरीब कार्यकर्ता से खुद मिलते हैं, लेकिन तेजस्वी यादव अपने ही कार्यकर्ताओं से दूरी बनाकर रखते हैं, जिससे पार्टी में लोग घुटन महसूस कर रहे हैं।
रितु जायसवाल ने बीजेपी में आने की मुख्य वजह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियां और उनकी नेशन फर्स्ट की विचारधारा को बताया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की तमाम कल्याणकारी योजनाएं समाज की आखिरी पंक्ति में बैठे व्यक्ति तक पहुंच रही हैं। वे पूरी निष्ठा के साथ बीजेपी की विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाएंगी।
वहीं, रितु का स्वागत करते हुए बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने आरजेडी को खुली चेतावनी देते हुए कहा, "रितु जी जैसी पढ़ी-लिखी और जमीन से जुड़ी नेत्री का बीजेपी में स्वागत है। आज तो हमने सिर्फ अपने दरवाजे थोड़े से खोले हैं, अगर बीजेपी ने अपनी चौखट पूरी तरह खोल दी, तो आरजेडी की चौखट पर कोई नेता खड़ा नजर नहीं आएगा।"