Roshan Anand bail rejected: ज्ञान बिंदु GS एकेडमी के डायरेक्टर रोशन आनंद को मुसल्लहपुर हाट में हुए विवाद और फायरिंग मामले में पटना सिविल कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी, जिसका मतलब है कि उन्हें फिलहाल जेल में ही रहना होगा।

Roshan Anand bail rejected: पटना के मुसल्लहपुर हाट में कोचिंग संस्थानों के बीच हुए विवाद और गोलीबारी के मामले में जहां खान सर को पटना सिविल कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। वहीं, ज्ञान बिंदु कोचिंग के डायरेक्टर रोशन आनंद को बड़ा झटका लगा है। कोर्ट ने खान सर की गिरफ़्तारी पर रोक लगा दी है, जबकि जमानत के लिए रौशन आनंद की अर्जी को खारिज कर दिया है, जिसका मतलब है कि उन्हें फिलहाल जेल में ही रहना होगा।
इस हाई-प्रोफाइल मामले में सोमवार को पटना सिविल कोर्ट के डिस्ट्रिक्ट जज के सामने दोनों पक्षों के वकीलों के बीच लगभग एक घंटे तक तीखी बहस हुई। रोशन आनंद के वकीलों ने दलील दी कि वे पूरी तरह बेगुनाह हैं और घटना से उनका कोई सीधा संबंध नहीं है। वहीं, दूसरी ओर सरकारी वकील और शिकायतकर्ता के वकीलों ने जमानत का विरोध किया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने सोमवार को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। अब मंगलवार को फैसला सुना दिया गया है और जमानत अर्जी खारिज कर दी गई है।
यह घटना 2 जून की रात पटना के मुसल्लहपुर हाट इलाके की है, जहां खान ग्लोबल स्टडीज के ऑफिस के बाहर भारी हंगामा, मारपीट और फायरिंग हुई थी। इस झड़प में एक सिक्योरिटी गार्ड घायल भी हुआ था। इस घटना के बाद, पटना के इन दो बड़े कोचिंग संस्थानों के बीच का विवाद सबके सामने आ गया।
खान सर के संस्थान की ओर से दर्ज कराई गई FIR में आरोप लगाया गया कि रोशन आनंद के उकसावे पर उनके समर्थकों और उपद्रवियों ने संस्थान पर हमला किया और बीच सड़क पर सिक्योरिटी स्टाफ के साथ बेरहमी से मारपीट की। इसके बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए रोशन आनंद को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। हालांकि, रौशन आनंद ने खुद को निर्दोष बताते हुए अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को खारिज कर दिया था। उन्होंने खान सर पर साजिश करने का आरोप लगाया था।
वहीं, इस मामले में फैजल खान उर्फ खान सर को बड़ी राहत मिली है। पटना सिविल कोर्ट के जिला जज ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। इस अंतरिम आदेश के बाद, अगली सुनवाई तक पुलिस खान सर को गिरफ्तार नहीं कर सकती और न ही कोई कड़ी दंडात्मक कार्रवाई कर सकती है।