बिहार में सत्ता परिवर्तन को लेकर सरगर्मियां तेज हो गई हैं। जल्द ही नए मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा की जाएगी और नई सरकार का गठन होगा। इससे पहले, मुख्यमंत्री आवास पर नेताओं के आने-जाने का सिलसिला लगातार जारी है। इस बीच, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी 12 घंटे के भीतर दो बार मुख्यमंत्री आवास का दौरा किया है।
Bihar Politics: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्य सभा सांसद के तौर पर शपथ लेने के बाद पटना में नई सरकार के गठन को लेकर राजनीतिक सरगर्मी अपने चरम पर पहुंच गई है। उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पिछले 12 घंटों में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से दूसरी बार मुलाकात की है। रविवार सुबह हुई यह मुलाकात करीब 20 मिनट तक चली। इस बातचीत के दौरान जदयू के वरिष्ठ नेता और मंत्री विजय चौधरी भी मौजूद थे। इससे पहले शनिवार शाम को भी बिहार के दोनों उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा अचानक सीएम हाउस पहुंचे थे।
इस मुलाकात के बाद जब विजय चौधरी से सम्राट चौधरी के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, 'सम्राट जी पहले भी कई मौकों पर सीएम आवास आ चुके हैं। चूंकि नई सरकार बनाने की प्रक्रिया शुरू होने वाली है, इसलिए इस समय आपसी विचार-विमर्श होना पूरी तरह से स्वाभाविक है। जहां तक मुख्यमंत्री के चेहरे का सवाल है, इसका फैसला BJP ही करेगी। एक बार जब वे अपने उम्मीदवार को अंतिम रूप दे देंगे, तो इस फैसले पर औपचारिक मुहर लगाने के लिए NDA विधानमंडल दल की बैठक बुलाई जाएगी।'
जब नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने की संभावना के बारे में पूछा गया तो विजय चौधरी ने कहा कि थोड़ा इंतजार कीजिए जल्द ही सब कुछ साफ हो जाएगा।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बिहार में सत्ता परिवर्तन का पूरा कार्यक्रम तय कर लिया गया है। 13 अप्रैल को नीतीश कुमार अपनी कैबिनेट की अंतिम औपचारिक बैठक करेंगे। 14 अप्रैल को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपना इस्तीफा सौंपने के लिए राजभवन जाएंगे। उसी दिन NDA विधानमंडल दल की बैठक भी होनी है, जहां नए नेता का चुनाव किया जाएगा। बिहार में नई सरकार का गठन 15 अप्रैल को होने की उम्मीद है।
बिहार में चल रही यह राजनीतिक हलचल सिर्फ नेताओं तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह पार्टी के कार्यकर्ताओं में भी साफ तौर पर दिखाई दे रही है। एक तरफ जदयू के कार्यकर्ता नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार के समर्थन में पटना की सड़कों पर पोस्टर लगा रहे हैं। जिसमें निशांत कुमार को 'फ्यूचर सीएम ऑफ बिहार' बताया गया है। वहीं दूसरी तरफ सम्राट चौधरी के समर्थकों का उत्साह भी चरम पर है। सम्राट चौधरी को मुख्यमंत्री बनाने की मन्नत के साथ कई जगहों पर हवन और यज्ञ किए जा रहे हैं। समर्थकों का मानना है कि BJP के नेतृत्व में बिहार विकास की नई ऊंचाइयों को छुएगा।
मीडिया से बात करते हुए संजय झा ने कहा, 'मैं देख रहा हूं कि विधानसभा चुनाव से पहले से लोग सवाल कर रहे हैं कि जदयू का क्या होगा। तो ये पार्टी नीतीश कुमार द्वारा ईमानदारी से बनाई हुई पार्टी है। पिछले 20 सालों में नीतीश कुमार के नेतृत्व में जदयू ने जो काम किए हैं, उवो लोगों के दिल में उतरा हुआ है। क्या कोई जदयू को लोगों के मन से मिटा देगा? क्या कोई नीतीश कुमार को लोगों के दिलों से निकाल सकता है? इस जन्म में तो यह संभव नहीं है। इसके लिए तो एक और जन्म लेना पड़ेगा। नीतीश कुमार और जदयू14 करोड़ लोगों के दिलों में बसा हुआ है और वो भी अपने काम की वजह से करते हैं, भ्रष्टाचार की वजह से नहीं।'
भाजपा और जदयू दोनों के आलाकमान ने अपने सभी विधायकों और मंत्रियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे अगले 72 घंटों तक पटना छोड़कर कहीं न जाएं। विधायक दल की बैठक किसी भी समय बुलाई जा सकती है। सूत्रों के मुताबिक कैबिनेट के गठन और मंत्रियों के नामों से जुड़े अंतिम फैसले भी अगले दो दिनों के भीतर ही कर लिए जाएंगे।
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