Bihar CM Samrat Choudhary on crime: पटना के फुलवारीशरीफ में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अपराधियों को चुनौती देते हुए कहा है कि यूपी में योगी बाबा, बंगाल में सुवेंदु दादा और बिहार में सम्राट के बैठे होने के कारण अब उपद्रवियों को या तो अपराध छोड़ना होगा या फिर श्मशान जाना पड़ेगा। उनके पास सिर्फ नेपाल भागने का ही एक रास्ता बचा है।

Samrat Choudhary on crime: बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अपराधियों, माफियाओं और कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वाले तत्वों को फिर से चेतावनी दी है। पटना के फुलवारीशरीफ में आयोजित जन कल्याण शिविर के मंच से मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में अब अपराधियों के लिए कोई जगह नहीं बची है। उनके पास अब केवल दो ही रास्ते हैं या तो वे अपराध का रास्ता छोड़ दें या फिर सीधे श्मशान जाने के लिए तैयार रहें।
अपराधियों को बिहार खाली करने का अल्टीमेटम देते हुए सीएम सम्राट चौधरी ने कहा, "अपराधी के लिए बिहार में कोई जगह नहीं है। अब तो इन्हें नेपाल ही भागना पड़ेगा साथियों, क्योंकि बिना नेपाल के कोई उपाय नहीं है। ऐसा इसलिए क्योंकि एक तरफ उत्तर प्रदेश में योगी बाबा (योगी आदित्यनाथ) पहले से ही डंडा लेकर बैठे हैं, दूसरी तरफ बगल में बंगाल में सुवेंदु अधिकारी जो दादा हैं, वहां बैठ गए हैं और यहां बिहार में सम्राट चौधरी बैठा है। कोई माई का लाल किसी भी कीमत पर बिहार में कानून के साथ खिलवाड़ नहीं कर सकता है।"
मुख्यमंत्री ने भोजपुर जिले के एक मामले का जिक्र करते हुए पुलिस अधिकारियों को दी गई खुली छूट के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि जो भी अपराधी पुलिस को चुनौती देगा, उसका हिसाब तुरंत होगा। मुख्यमंत्री ने कहा, "कल मैंने एक वीडियो देखा और मैं आज सवेरे से चिंतित था कि मेरे पुलिस वाले को कोई हथियार दिखा रहा है और पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही है? तभी डीजीपी से बात हुई और उस अपराधी को तुरंत गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस को जो भी चैलेंज करेगा, उसे 48 घंटे के भीतर जवाब दिया जाएगा।"
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पंडाल में मौजूद हजारों महिलाओं की तरफ इशारा करते हुए कहा, "मोदी जी और नीतीश जी आपके गार्जियन (अभिभावक) के तौर पर काम कर रहे थे, लेकिन यह सम्राट चौधरी आपके भाई के तौर पर बिहार में काम कर रहा है। आपको आश्वस्त करता हूं, आपकी सुरक्षा के लिए सारी हदें पार करूंगा।"
मुख्यमंत्री ने न केवल कानून-व्यवस्था, बल्कि बिहार की राजधानी के विकास और बुनियादी ढांचे के बारे में भी जनता के सामने अपना विन रखा। उन्होंने घोषणा की कि सरकार अब 'ग्रेटर पटना' के कांसेप्ट पर काम कर रही है, जिसे इसके गौरवशाली ऐतिहासिक नाम 'पाटलिपुत्र' के रूप में स्थापित की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा, "जब मैं शहरी विकास मंत्री था, तब पटना के कई इलाकों में जल-जमाव एक बड़ी समस्या थी। कभी कंकड़बाग को एशिया की सबसे बड़ी टाउनशिप माना जाता था, लेकिन समय के साथ वहां बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी चुनौतियां बढ़ गईं। अब सरकार राजधानी का स्वरूप बदलने और आर्थिक गतिविधियों को नई गति देने के लिए नई, आधुनिक टाउनशिप विकसित कर रही है।"