
Samrat Chaudhary Floor Test:बिहार विधानसभा में आज सम्राट चौधरी सरकार के विश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान राजनीतिक माहौल काफी गरमा गया। सदन को संबोधित करते हुए नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने BJP और NDA गठबंधन पर तीखे हमले किए। बिहार की राजनीतिक स्थिति को अजूबा बताते हुए तेजस्वी ने कहा कि यहां विकास की तुलना में सरकारें ज्यादा तेजी से बदलती हैं।
चर्चा की शुरुआत करते हुए, तेजस्वी यादव ने सीधे तौर पर BJP को निशाना बनाया। उन्होंने कहा कि अगर भाजपा ने पहले ही यह तय कर लिया होता कि मुख्यमंत्री उनके अपने खेमे से होगा, तो आज इस विशेष सत्र की कोई जरूरत ही नहीं पड़ती। तंज कसते हुए तेजस्वी ने कहा कि विधानसभा चुनाव के दौरान इन लोगों ने नारा दिया था '2025 से 2030: फिर से नीतीश,' फिर भी इन्होंने 2030 आने से पहले ही नीतीश कुमार को फिनिश कर दिया है। एक इलेक्टेड मुख्यमंत्री को सिलेक्टेड मुख्यमंत्री ने हटा दिया।
तेजस्वी यादव ने आगे कहा कि बिहार एक अजूबा राज्य बन गया है, यहां पिछले पांच सालों में पांच बार सरकारें बदली हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि ऐसी स्थिति बार-बार क्यों पैदा होती है। तेजस्वी के अनुसार, NDA पिछले 20 सालों से सत्ता में है, फिर भी बिहार प्रगति के लिए जरूरी स्थिरता हासिल करने में नाकाम रहा है।
तेजस्वी यादव ने सरकार के गठन पर चुटकी लेते हुए कहा कि इस नई सरकार में कोई भी ओरिजिनल भाजपा का चेहरा प्रमुख पदों पर नहीं है। उन्होंने कहा कि सम्राट चौधरी लालू जी के राजनीति के स्कूल की देन हैं। विजय चौधरी मूल रूप से कांग्रेस पार्टी से आते हैं, जबकि विजेंद्र यादव भी RJD की पृष्ठभूमि से हैं। तेजस्वी ने कहा कि भाजपा के असली सदस्य इस समय खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। साथ ही उन्होंने स्पीकर को ही एकमात्र ओरिजिनल भाजपा का व्यक्ति बताया।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के उस प्रण पर प्रतिक्रिया देते हुए, जिसमें उन्होंने एक खास लक्ष्य हासिल होने तक अपनी पगड़ी न बांधने की कसम खाई थी, तेजस्वी ने कहा, 'आपने अपना प्रण पूरा कर लिया है। लेकिन अपनी पगड़ी बचा कर रखिएगा क्योंकि आपके ठीक बगल में बैठे विजय सिन्हा की नजर उसी पर है।' तेजस्वी ने आगे कहा कि परिवारवाद के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि अब केवल मेरे परिवार पर आरोप नहीं लगेगा, क्योंकि सम्राट जी का पूरा परिवार (माता, पिता, भाई) राजनीति में है।
तेजस्वी यादव ने यह भी मांग की कि सरकार राज्य की आर्थिक स्थिति पर एक श्वेत पत्र जारी करे। उन्होंने दावा किया कि बिहार पर इस समय 4 लाख करोड़ रुपये का कर्ज है और सरकार के पास पेंशन बांटने के लिए भी जरूरी पैसे नहीं हैं। उन्होंने सरकार को चुनौती देते हुए पूछा कि बिना वित्तीय संसाधनों और बिना किसी स्पष्ट सोच के विकास के काम आगे कैसे बढ़ सकते हैं?
तेजस्वी के आरोपों का जवाब देते हुए उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी ने कहा कि तेजस्वी जी साफ तौर पर इस बात से नाराज हैं कि उन्हें सत्ता चलाने का मौका नहीं मिल रहा है। उन्होंने कहा, 'अगर मौजूदा हालात ऐसे ही रहे, तो NDA की तीसरी पीढ़ी भी बिहार पर राज करेगी। सरकार पर सिर्फ सवाल उठाने के बजाय, आपको लोगों का भरोसा जीतने पर ध्यान देना चाहिए।' विजय चौधरी ने आगे साफ कहा कि भले ही नीतीश कुमार आज सदन में मौजूद नहीं हैं, लेकिन बिहार की सरकार साल 2030 तक नीतीश कुमार की सोच और नेतृत्व में ही काम करती रहेगी।