पटना

NEET आंदोलन में विपक्ष सड़क पर, तेजस्वी नदारद! मंत्री ने सदन में पूछा- नेता प्रतिपक्ष कहां हैं, सुरक्षित तो हैं?

NEET पेपर लीक को लेकर दिल्ली से बिहार तक छात्र सड़कों पर हैं और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग जोर पकड़ रही है। विपक्ष के कई बड़े नेता आंदोलन में सक्रिय नजर आ रहे हैं, लेकिन बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की लगातार गैरमौजूदगी ने नई सियासी बहस छेड़ दी है।
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Jul 24, 2026
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बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव

दिल्ली से लेकर बिहार तक नीट पेपर लीक और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर युवाओं का विरोध प्रदर्शन जारी है। दिल्ली में इस आंदोलन को विपक्षी दलों का खुला समर्थन मिल रहा है, लेकिन बिहार में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की गैरमौजूदगी चर्चा का विषय बनी हुई है। इसे लेकर बिहार सरकार के मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने भी तंज कसा। उन्होंने विधानसभा में विपक्षी विधायकों से पूछा, "तेजस्वी यादव कहां हैं? सुरक्षित तो हैं न?" उन्होंने यह भी कहा कि लोकतंत्र में "बंधुआ मजदूर" जैसी मानसिकता खत्म होनी चाहिए और पारदर्शिता बनी रहनी चाहिए। इससे एक दिन पहले बुधवार को विधानसभा में भी नेता प्रतिपक्ष की अनुपस्थिति पर एक विधायक ने तंज कसते हुए कहा था, "क्या तेजस्वी अमेरिका-ईरान युद्ध में मध्यस्थता करने गए हैं?"

राहुल-अखिलेश सड़क पर, तेजस्वी कहां?

तेजस्वी यादव ने 16 जुलाई को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक से भूख हड़ताल समाप्त करने की अपील करते हुए एक पोस्ट किया था। इसके बाद से उन्होंने न तो कोई सार्वजनिक बयान दिया और न ही नीट पेपर लीक को लेकर चल रहे देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों पर प्रतिक्रिया दी। दूसरी ओर कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव सड़क पर उतरकर आंदोलन का समर्थन कर रहे हैं।

दिल्ली के बाद बिहार का छात्र आंदोलन सबसे अधिक चर्चा में रहा है। बुधवार को पटना और गुरुवार को कटिहार, जहानाबाद, दरभंगा तथा बेगूसराय में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया। जहानाबाद में हालात बिगड़ने पर पुलिस को 25 से 30 राउंड फायरिंग करनी पड़ी। पटना में प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस के गोले भी दागे गए और लाठियां चलाई गईं। इन घटनाओं के विरोध में छात्र संगठनों ने शनिवार (25 जुलाई) को बिहार बंद का आह्वान किया है। हालांकि, पूरे घटनाक्रम के दौरान तेजस्वी यादव सार्वजनिक तौर पर कहीं नजर नहीं आए।

सदन में गूंजा सवाल- तेजस्वी कहां हैं?

तेजस्वी यादव की गैरमौजूदगी विधानसभा के मानसून सत्र में भी चर्चा का विषय रही। गुरुवार को कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार से नेता प्रतिपक्ष का "पता लगाने" और सदन को उनकी जानकारी देने की बात कही। RJD के कुछ नेताओं ने तेजस्वी का बचाव करते हुए कहा कि वह दिल्ली में अपने बीमार पिता और पार्टी अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव की देखभाल कर रहे हैं। वहीं, कुछ अन्य नेताओं का कहना था कि तेजस्वी यूरोप दौरे पर थे और शुक्रवार को उनके दिल्ली लौटने की संभावना है। शुक्रवार को विधानसभा का मानसून सत्र भी समाप्त हो गया। सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली सरकार का यह छोटा सत्र बिना किसी बड़े विरोध के आसानी से गुजर गया। सदन के बाहर राज्य की आर्थिक स्थिति और अन्य अहम मुद्दों पर लगातार सरकार को घेरने वाले तेजस्वी यादव पूरे सत्र के दौरान अनुपस्थित रहे। इसकी वजह से विपक्ष सरकार को प्रभावी ढंग से नहीं घेर सका। सरकार द्वारा पेश किए गए 12 विधेयकों, जिनमें एक निजी विश्वविद्यालय से संबंधित विधेयक भी शामिल था, पर भी खास विरोध देखने को नहीं मिला।

बार-बार 'ब्रेक' पर तेजस्वी, NDA को मिला बड़ा मुद्दा

RJD के एक विधायक ने कहा, "हमारे सबसे मुखर प्रवक्ताओं में से एक मृत्युंजय तिवारी भी तेजस्वी जी की गैरमौजूदगी के दौरान पार्टी छोड़ गए। बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में भी हमारे उम्मीदवार के प्रचार के लिए कोई बड़ा चेहरा नहीं है। पिछले दो चुनावों में दूसरे स्थान पर रहने के बावजूद अब जन सुराज पार्टी के नेता प्रशांत किशोर को अच्छा जनसमर्थन मिलता दिखाई दे रहा है। NDA लगातार तेजस्वी यादव के बार-बार 'ब्रेक' लेने को मुद्दा बना रही है और नेता प्रतिपक्ष के रूप में उनकी प्रतिबद्धता पर सवाल उठा रही है।

यह पहला मौका नहीं है, जब तेजस्वी यादव की गैरमौजूदगी पर सवाल उठे हों। पिछले छह वर्षों में कई ऐसे अवसर आए, जब बिहार की राजनीति महत्वपूर्ण मोड़ पर थी, लेकिन तेजस्वी पटना से बाहर रहे। विपक्ष और सत्ता पक्ष, दोनों ही कई बार उनकी राजनीतिक सक्रियता पर सवाल उठा चुके हैं।

Updated on:
24 Jul 2026 05:13 pm
Published on:
24 Jul 2026 05:09 pm
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