AR Rahman Controversy: एआर रहमान द्वारा कम्युनल भेदभाव पर दिए गए विवादित बयान पर पत्रिका टीम ने 2 म्यूजिक कम्पोजर्स से एक्सक्लूसिव बात की कि क्या सच में इंडस्ट्री में सांप्रदायिक भेदभाव है? आइए जानते हैं उन्होंने इसपर क्या कहा?
AR Rahman Controversy: ऑस्कर विजेता एआर रहमान, म्यूजिक इंडस्ट्री का वो चेहरा जिसका संगीत, दिल को छू जाता है। म्यूजिक कंपोजर एआर रहमान इन दिनों अपने म्यूजिक नहीं, बल्कि इंडस्ट्री में भेदभाव को लेकर दिए गए अपने बयान के कारण विवादों के घेरे में आ गए हैं। हालांकि, अब उन्होंने अपने इस बयान पर सफाई देते हुए अपने भारतीय होने पर गर्व की बात भी कही है। बता दें कि मनोरंजन जगत से अकसर सांप्रदायिक भेदभाव की खबरें आती रहीं हैं। सबसे पहले जानते हैं क्या है पूरा मामला जिस पर विवाद छिड़ा हुआ है।
कुछ दिन पहले म्यूजिक कंपोजर एआर रहमान ने बीबीसी को एक इंटरव्यू दिया था, जिसमें उन्होंने बताया था कि 'बीते आठ सालों में बॉलीवुड में उन्हें काम मिलना बंद हो गया है।' इसके साथ ही उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री में भेदभाव को लेकर बयान देते हुए कहा था, 'अब उन लोगों के हाथों में फैसले लेने की ताकत है जो क्रिएटिव नहीं हैं और यह सांप्रदायिक चीज भी हो सकती है, लेकिन मेरे साथ सीधे तौर पर ऐसा नहीं कहा गया। मैंने बस इधर-उधर से बातें सुनीं हैं।"
इस बयान के बाद से ही संगीतकार एआर रहमान विवादों में फंस गए। सोशल मीडिया पर फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े लोगों के अलावा राजनितिक गलियारों से भी उनके इस बयान पर टिप्पणियां आ रही हैं। कोई संगीतकार के इस बयान को सपोर्ट कर रहा है तो कोई इसकी निंदा।
वहीं, एआर रहमान द्वारा कम्युनल भेदभाव पर दिए गए विवादित बयान पर जब पत्रिका टीम ने भी म्यूजिक इंडस्ट्री से जुड़े 2 लोगों से एक्सक्लूसिव बात की कि क्या सच में इंडस्ट्री में सांप्रदायिक भेदभाव है? इस पर उनके जवाब कुछ इस प्रकार रहे।
ललित पंडित जो एक जाने-माने म्यूजिक कम्पोजर हैं और कई सुपर-डुपर हिट फिल्मों में संगीत दे चुके हैं ने एआर रहमान के इस बयान पर कहा, 'फिल्म इंडस्ट्री में कम्युनल जैसी कोई चीज नहीं है, सब साथ में और प्यार से काम करते हैं। हमेशा से करते आये हैं। टॉप के लिरिसिस्ट, म्यूजिशियन, सिंगर्स रहे हैं। सब ने साथ में काम किया है। आज के समय में भी कई टॉप के राइटर अलग कम्युनिटी से हैं।'
वहीं, म्यूजिक कम्पोजर जोड़ी साजिद-वाजिद के साजिद अली ने इस बयान पर कहा, 'देखिये यह परसेप्शन की बात है उन्हें ऐसा लगा होगा तो उन्होंने कहा होगा। हमारे साथ तो कभी ऐसा हुआ नहीं। हमने तो गणपति जी पर गाने बनाये हैं। भजन बनाये हैं। उन्होंने क्यों बोला उसका उनका कुछ कारण होगा... वो समझदार व्यक्ति हैं। उनको ऐसा अनुभव हुआ होगा तो अपने अनुसार कहा होगा। मेरा मानना है म्यूजिक पर ही कंसन्ट्रेट करना चाहिए बाकी तो समय बदलता रहता है।
गीतकार और राइटर जावेद अख्तर ने भी भेदभाव वाले इस बयान पर टिप्पणी करते हुए कहा था, "मुझे कभी ऐसा नहीं लगा। मैं मुंबई में सभी लोगों से मिलता हूं। लोग एआर रहमान का बहुत सम्मान करते हैं। हो सकता है कि लोग ये समझते हों कि अभी वो वेस्ट में ज्यादा व्यस्त हो गए हैं। हो सकता है लोग समझते हों कि उनके प्रोग्राम बहुत बड़े-बड़े होते हैं, उसमें ज्यादा समय जाता है।"
इसके आगे जावेद अख्तर ने ये भी कहा, "रहमान इतने बड़े आदमी हैं कि छोटे-मोटे प्रोड्यूसर उनके पास जाने से भी डरते हैं। लेकिन मैं नहीं समझता कि इसमें कोई भी कम्यूनल एलिमेंट है।"
वहीं, जावेद अख्तर के इस बयान पर जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने कहा, "जब जावेद अख्तर बॉलीवुड में बढ़ती सांप्रदायिकता को लेकर एआर रहमान के बयान को खारिज करते हैं तो वह भारतीय मुसलमानों की जीती हकीकतों और अनुभवों का भी खंडन करते हैं।" इसके साथ ही उन्होंने मुंबई में जावेद अख्तर की पत्नी शबाना आजमी को घर न मिलने पर भी टिप्पणी की।
रहमान के इस बयान का पूरी फिल्म इंडस्ट्री पर असर पड़ा जिसके चलते मनोरंजन जगत की कई हस्तियां उनके बयान से असहमति जाता रहीं हैं। इसी बीच जाने-माने सिंगर अभिजीत भट्टाचार्य का ANI को दिया गया एक बयान भी वायरल हो रहा है जिसमें वो बोल रहे हैं, ‘फिल्मों में जो म्यूजिशियन काम करते थे, जो इंस्ट्रूमेंट बजाते थे, वे लोग बिना जॉब के हैं। यह सब रहमान की वजह से हुआ। उन्होंने ही लोगों को बताया कि इतने सारे म्यूजिशियन की जरूरत नहीं है, सारा काम लैपटॉप के जरिए हो सकता है। हर तरह का म्यूजिक इससे तैयार किया जा सकता है।’
इसके आगे अभिजीत भट्टाचार्य ने कहा, ‘वो चाहते हैं कि जो कमाऊं मैं ही कमाऊं। वह खुद तो फेमस हो गए लेकिन म्यूजिशियन लोग घर पर बैठे हैं। मुझे याद है कि पहले 50 लोग आकर गाने में वॉयलेन बजाते थे। लेकिन अब ऐसा नहीं होता है। इसके जिम्मेदार रहमान साहब हैं।’
एआर रहमान ने अपने इस बयान पर बढ़ते विवाद को देखते हुए अपने इंस्टाग्राम पर सफाई देते हुए एक वीडियो शेयर किया है। इस वीडियो में उन्होंने कहा है, "मैं समझता हूं कि कभी-कभार किसी की नीयत को ग़लत समझा जा सकता है। लेकिन मेरा मक़सद हमेशा से ही संगीत के ज़रिए सम्मान देने और सेवाभाव का रहा है। मेरी इच्छा कभी भी किसी को दु:ख पहुंचाने की नहीं रही है और मुझे उम्मीद है कि मेरी ईमानदारी महसूस की जाएगी।"
इसके आगे उन्होंने ये भी कहा, "मुझे भारतीय होने पर गर्व है, क्योंकि यह पहचान मुझे अपनी बात रखने की जगह देती है, अभिव्यक्ति की आजादी देती है और विभिन्न संस्कृतियों की आवाजों को सुनती है।"
इसके साथ ही रहमान ने कहा, "मैं इस देश का आभारी हूं और संगीत को लेकर प्रतिबद्ध हूं, जो बीते कल को सम्मान देता है, वर्तमान को जीता है और भविष्य को प्रेरणा देता है।"
"जय हिन्द, जय हो।"