GLP 1 Drugs Use Risks and Regulation : भारत में मोटापा "महामारी" की तरह हो चुका है। दूसरी तरफ वेट लॉस ड्रग्स भी खूब बिक रहे हैं। इसको लेकर ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) ने सख्त होकर रेगुलेशन (GLP-1 Drugs Regulation) जारी किया है। इस बात को हम दो एक्सपर्ट डॉ. हिमांशु गुप्ता (Sr Physician) और डॉ. आदित्य श्रीया (Obesity Specialist) से समझेंगे।
GLP 1 Drugs Use Risks and Regulation : भारत में मोटापा "महामारी" की तरह हो चुका है। 2025 के आंकड़े बताते हैं कि भारत में 5 से 19 वर्ष की उम्र के 4.1 करोड़ बच्चे हाई बॉडी मास इंडेक्स (BMI) के साथ जी रहे हैं। इनमें से करीब 1.4 करोड़ बच्चे मोटापे के शिकार हैं। इसी बीच फार्मा कंपनियां एक के बाद एक वेट लॉस ड्रग्स लेकर आ रही हैं। लोग इसे सुरक्षित समझकर मेडिकल स्टोर से खरीद रहे हैं। इसलिए, ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) ने सख्त होकर रेगुलेशन (GLP-1 Drugs Regulation) जारी किया है।
क्योंकि, हॉलीवुड से लेकर बॉलीवुड और अब आम जन तक तक, वजन घटाने के लिए इसे एक 'जादुई' विकल्प के रूप में देखा जा रहा है। लेकिन क्या यह वाकई उतनी ही सुरक्षित है जितनी दिखाई देती है?
वर्ल्ड ओबेसिटी एटलस 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक, वर्ष 2025 - 2027 के बीच दुनिया में मोटापे के शिकार बच्चों की संख्या अधिक हो जाएगी। भारत अब बच्चों में मोटापे के मामले में चीन के बाद दुनिया में दूसरे स्थान पर है। इसलिए, भारत सरकार भी मोटापा दूर करने के लिए जागरूकता अभियान चला रही है।
डॉ. हिमांशु गुप्ता कहते हैं, "ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया का फैसला सराहनीय है। भारत में मोटापा घटाने की दवाईयों की भरमार दिख रही है। इस वक्त वजन घटाने की दवाओं का मार्केट तेजी से बढ़ रहा है। बिना कुछ सोचे-समझे और डॉक्टरी सलाह के लोग धड़ल्ले से इनको खरीद रहे हैं। इसको लेकर फार्मा कंपनियों पर भी लगाम कसा जाना चाहिए। साथ ही लोगों को भी जागरूक होने की आवश्यकता है।
आगे ये भी कहते हैं कि हमारे पास कई मरीज आकर इस तरह की दवा लिखने को कहते हैं। जबकि उनको आवश्यकता नहीं है। मैं उनको समझाता हूं कि मोटापा घटाने की दवाई किसी को भी इस तरह से नहीं दी जा सकती है।
डॉ. आदित्य श्रीया (Obesity Specialist), " मैं दस सालों से मोटापा वाले मरीजों पर काम कर रहा हूं। कई तो दवा खाकर अपनी सेहत बिगाड़ लेते हैं और उसके बाद हमारे पास आते हैं। क्योंकि, वेट लॉस वाली दवाओं को खुद से यूज करना जोखिम भरा है। लोगों को ये बात समझनी होगी। अगर वो खुद से इसका यूज कर रहे हैं तो फायदा की बजाय नुकसान पहुंचने का खतरा अधिक है।"
डॉ. श्रीया कहते हैं कि लोगों को ये समझने की आवश्यकता है कि उनको वाकई दवा से मोटापा घटाने की आवश्यकता है। सबसे पहले हमें नेचुरल तरीके (खानपान, एक्सरसाइज) से वजन घटाना चाहिए। जिन लोगों की BMI 30 या उससे अधिक है उनको असल में दवा की तरफ जाना चाहिए। पर, किसके लिए कितनी डोज जरूरी है। अगर कोई बीमारी से जूझ रहा है तो उसको दें या ना दें। इस तरह की बात को समझे बिना ये वजन घटाने की दवाई नहीं खानी चाहिए।
आसान भाषा में कहा जाए तो ये दवाएं भूख को कम करती हैं, पेटा भरा पूरा रखती हैं इसलिए इनसे वजन कम हो जाता है। फिर, जब दवा का असर खत्म तो तब फिर से मोटापा आ जाता है।
GLP-1 दवाएं इसी 'दोहरी गड़बड़ी' को ठीक करने के लिए डिजाइन की गई हैं। यह हमारे शरीर में मौजूद प्राकृतिक हार्मोन GLP-1 की नकल करती हैं। इनके मुख्य कार्य इस प्रकार हैं:
भारत के ड्रग कंट्रोलर रेगुलेशन ने भी ये बताया है कि भले ही ये दवाएं किसी वरदान जैसी लगें, लेकिन इनके गंभीर दुष्प्रभाव भी हो सकते हैं। चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, बिना डॉक्टरी सलाह के इनका सेवन जानलेवा हो सकता है।
पशुओं पर किए गए शोध में पाया गया है कि ये दवाएं थायराइड ट्यूमर का कारण बन सकती हैं। जिन लोगों के परिवार में थायराइड कैंसर का इतिहास है, उन्हें विशेष सावधानी की जरुरत है।
भारत में इन दवाओं की बढ़ती लोकप्रियता और उनके दुरुपयोग को देखते हुए भारत सरकार और ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) ने सख्त रुख अपनाया है।
यह दवा किसी भी मेडिकल स्टोर से सीधे नहीं खरीदी जा सकती। यदि कोई केमिस्ट बिना वैध प्रिस्क्रिप्शन के इसे बेचता है, तो यह कानूनन अपराध है। DCGI और राज्य औषधि नियंत्रकों ने पूरे देश में निरीक्षण (Inspection) तेज कर दिया है। सरकार ने चेतावनी दी है कि नियमों का पालन न करने वाले केमिस्ट और वितरकों के लाइसेंस तुरंत रद्द कर दिए जाएंगे। जरुरत पड़ने पर कानूनी और आपराधिक कार्रवाई की जाएगी।