
Chhattisgarh Government School: राजनांदगांव सरकारी स्कूलों में पढऩे वाले विद्यार्थियों की प्रतिभा एक बार फिर सामने आई है। शासकीय हाई स्कूल पनेका की तीन छात्राओं ने ऐसे उपयोगी वैज्ञानिक मॉडल तैयार किए हैं, जिन्हें भारत सरकार की इंस्पायर अवॉर्ड योजना के तहत राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए चुना गया है। खास बात यह है कि एक ही विद्यालय के तीन मॉडल का राज्य स्तर तक पहुंचना जिले के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। विज्ञान विषय की व्याख्याता शाहीन खान के मार्गदर्शन में तैयार इन मॉडलों में विज्ञान और समाज की जरूरतों का अनूठा मेल देखने को मिलता है। कक्षा 10वीं की छात्राओं लीनिमा, डोमेश्वरी और आयुषी देवांगन ने अपनी रचनात्मक सोच को ऐसे आविष्कारों का रूप दिया है, जो आम लोगों की समस्याओं का समाधान बन सकते हैं।
लीनिमा ने बहुउद्देशीय स्मार्ट छड़ी तैयार की है। यह छड़ी केवल बुजुर्गों को सहारा ही नहीं देती, बल्कि इसमें जीपीएस लोकेशन, एलईडी लाइट, दवा और भोजन की याद दिलाने वाला अलार्म जैसी सुविधाएं भी हैं। जरूरत पडऩे पर यह छड़ी कुर्सी में भी बदल सकती है, जिससे वरिष्ठ नागरिकों को काफी सुविधा मिल सकती है। डोमेश्वरी का स्मार्ट झाड़ू भी आकर्षण का केंद्र है। इसमें अंधेरे में रोशनी की व्यवस्था, सूक्ष्म कीटों को नियंत्रित करने के लिए कम तीव्रता की विद्युत प्रणाली और बड़े कीटों को दूर रखने के लिए अल्ट्रासोनिक तकनीक का उपयोग किया गया है। वहीं आयुषी देवांगन ने होल और कटर मशीन तैयार की है, जो गड्ढा खोदने के साथ-साथ खरपतवार और छोटे अनावश्यक पौधों की कटाई भी कर सकती है। यह मॉडल कृषि और बागवानी कार्यों में उपयोगी है।
यह पहली बार नहीं है जब पनेका हाई स्कूल ने विज्ञान के क्षेत्र में पहचान बनाई हो। इससे पहले विद्यालय की छात्रा तान्या साहू का सौर ऊर्जा आधारित स्मार्ट छतरी मॉडल भी राज्य स्तर के लिए चयनित हो चुका है। इस छतरी में सोलर बैटरी और छोटा पंखा लगाया गया है, जो धूप में भी अंदर ठंडक का एहसास कराता है। लगातार मिल रही इन सफलताओं ने साबित कर दिया है कि शासकीय हाई स्कूल पनेका में वैज्ञानिक नवाचार की मजबूत संस्कृति विकसित हो रही है। विज्ञान व्याख्याता शाहीन खान के मार्गदर्शन में विद्यार्थी केवल किताबों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि समाज की जरूरतों को समझते हुए उपयोगी तकनीकी समाधान भी तैयार कर रहे हैं।
एक ही सरकारी स्कूल की तीन छात्राओं का राज्य स्तरीय प्रतियोगिता तक पहुंचना इस बात का संकेत है कि यदि सही मार्गदर्शन और अवसर मिले तो सरकारी स्कूलों के विद्यार्थी भी राष्ट्रीय स्तर के नवाचार कर सकते हैं। पनेका स्कूल की इन बेटियों ने न केवल अपने विद्यालय और जिले का नाम रोशन किया है, बल्कि यह संदेश भी दिया है कि प्रतिभा संसाधनों की मोहताज नहीं होती।
लगातार राज्य स्तर पर चयनित हो रहे मॉडल यह साबित करते हैं कि पनेका हाई स्कूल में केवल पढ़ाई ही नहीं, बल्कि इनोवेशन आधारित शिक्षा को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। यहां विद्यार्थियों को रटने के बजाय समस्याओं को पहचानकर उनके समाधान खोजने के लिए प्रेरित किया जाता है। विज्ञान व्याख्याता शाहीन खान के मार्गदर्शन में छात्राएं किताबों के सिद्धांतों को वास्तविक जीवन की जरूरतों से जोड़ रही हैं। यही कारण है कि उनके मॉडल केवल प्रतियोगिता तक सीमित नहीं हैं, बल्कि समाज के लिए उपयोगी तकनीकी समाधान भी प्रस्तुत करते हैं।