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Global Terrorism: UN में भारत का पाकिस्तान को करारा जवाब, आंकड़ों ने भी उतारा पाक का ‘आतंकी नकाब’

Global Terrorism Index: दुनिया का सबसे आतंकवाद से प्रभावित देश पाकिस्तान बन गया है। वहीं भारत 13वें स्थान पर है। रिपोर्ट बताती है कि आतंकवाद का केंद्र अब अफ्रीका की ओर बढ़ रहा है। भारत ने सुरक्षा, खुफिया तंत्र और आतंकवाद विरोधी रणनीति को मजबूत और सुधार दर्ज किया है। पढ़िए पूरी रिपोर्ट।

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Jun 08, 2026
Pakistan Terrorism Report Terrorism Ranking Global Terrorism Index
दुनिया का सबसे आतंकवाद प्रभावित देश बना पाकिस्तान (photo,AI)

Global Terrorism Index: दुनिया में आतंकवाद का जिक्र होते ही अफगानिस्तान, इराक और सीरिया का नाम दिमाग में आता था। ग्लोबल टेररिज्म इंडेक्स की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान दुनिया का सबसे ज्यादा आतंकवाद प्रभावित देश बन गया है। यह रैंकिंग पाकिस्तान के आतंकी संगठनों के पालन-पोषण को बता रही है। अब हालही में पाकिस्तानी सेना ने एनकाउंटर में 17 आतंकियों को मार गिराया है। पर, आंकड़े बता रहे हैं कि "आतंक की फैक्ट्री" में ऐसे एनकाउंटर दिखावा मात्र हैं। दूसरी ओर भारत ने राष्ट्र सुरक्षा के मामले में काफी सुधार किया है। इस लिस्ट में भारत 13वें स्थान पर है।

यूएन में भारत ने पाकिस्तान को बेनकाब किया

संयुक्त राष्ट्र (UN) में भारत के स्थायी प्रतिनिधि पार्वथानेनी हरीश और भारतीय विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान और चीन को करारा जबाब दिया। भारत ने साफ कहा कि पाकिस्तान आजादी के बाद से ही लगातार सीमा-पार आतंकवाद को बढ़ावा देकर और बेवजह युद्ध छेड़कर भारत की शांति और संप्रभुता को नुकसान पहुंचाता रहा है। इसके साथ ही, चीन दौरे पर गए पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ और चीनी राष्ट्रपति के संयुक्त बयान में जब जम्मू-कश्मीर का बेवजह जिक्र किया गया, तो भारत ने उसे सिरे से खारिज कर दिया। भारत ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि जम्मू, कश्मीर और लद्दाख भारत के अभिन्न और अटूट हिस्से हैं और रहेंगे, इसलिए किसी भी दूसरे देश को हमारे अंदरूनी मामलों पर टिप्पणी करने का कोई हक नहीं है।

दुनिया का सबसे आतंकवाद प्रभावित देश बना पाकिस्तान

रिपोर्ट अनुसार दुनिया में आतंकवाद का पूरा चेहरा ही बदल रहा है। आतंकवाद का केंद्र सिर्फ एशिया नहीं, बल्कि धीरे-धीरे अफ्रीका भी बनता जा रहा है, यहां कई हिंसक संगठन तेजी से पैर पसार रहे हैं। इस लिस्ट में पाकिस्तान 8.574 अंकों के साथ सबसे ऊपर नंबर पर है, जिसके बाद बुर्किना फासो, नाइजर, नाइजीरिया और माली जैसे अफ्रीकी देशों के साथ-साथ सीरिया और सोमालिया का नाम आता है। वहीं, भारत 6.428 स्कोर के साथ 13वें स्थान पर है। भारत आज भी आतंकवाद से प्रभावित देशों की लिस्ट में शामिल है, लेकिन कुछ सालों के मुकाबले देश के सुरक्षा में हालात बेहतर हुए हैं।

आतंकवाद से प्रभावित देशों की रैंक

RankCountryScoreRankCountryScoreRankCountryScore
1Pakistan8.57428USA4.52155Belgium1.198
2Burkina Faso8.32429Germany4.44756Angola1.136
3Niger7.81630Togo4.30557Malaysia1.092
4Nigeria7.79231Australia3.73258Senegal1.070
5Mali7.58632Egypt3.46559Libya1.007
6Syria7.54533Burundi3.36160Italy0.999
7Somalia7.39134Uganda3.25061Djibouti0.925
8DR Congo7.17135France3.22462Brazil0.909
9Colombia7.11636Türkiye3.21263Tanzania0.888
10Israel6.79037Ecuador3.06364Spain0.794
11Afghanistan6.67838United Kingdom2.93665Bosnia & Herzegovina0.782
12Cameroon6.59339Ukraine2.92766Serbia0.782
13India6.42840Greece2.78867Switzerland0.749
14Myanmar6.24541Tajikistan2.60268UAE0.749
15Mozambique6.02242Bangladesh2.28669Norway0.725
16Iraq5.82243Oman2.28270Denmark0.720
17Russia5.59344Jordan2.26871Côte d'Ivoire0.702
18Iran5.47745Czechia2.26172Lebanon0.648
19Benin5.43446Sweden1.83973Slovakia0.616
20Thailand5.27547Algeria1.76674Finland0.582
21Kenya5.08848Poland1.68275Japan0.571
22Palestine4.80049Peru1.57276Central African Republic0.556
23Philippines4.71950Tunisia1.52277Georgia0.506
24Indonesia4.71451Austria1.49878Kosovo0.465
25Yemen4.65352Netherlands1.47579Argentina0.455
26Chad4.62553Canada1.33380Saudi Arabia0.443
27Chile4.55354China1.311

स्थानीय प्रशासन की कमजोरी

पाकिस्तान और अफगानिस्तान के सीमावर्ती इलाकों में लगातार अशांति बनी रहती है, जिसके पीछे सबसे बड़ी वजह इस क्षेत्र की राजनीतिक अस्थिरता और दशकों से सक्रिय आतंकवादी नेटवर्क हैं। इसके साथ ही, स्थानीय प्रशासन की कमजोरी और सुरक्षा की भारी कमियां इस समस्या को और बढ़ा देती हैं। वहीं 2021 में अफगानिस्तान की सत्ता बदलने के बाद से सीमा पर सक्रिय उग्रवादी गुट पहले से कहीं अधिक आक्रामक और खतरनाक हो गए हैं।

उग्रवादी समूहों का सबसे ज्यादा खौफ

दक्षिण एशिया की सुरक्षा पर अध्ययन करने वाले कई अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ और थिंक टैंक कहते रहे हैं कि पाकिस्तान ने अलग-अलग दौर में कुछ उग्रवादी समूहों के प्रति नरम रवैया अपनाया। हालांकि, पाकिस्तान सरकार हमेशा इन आरोपों से इनकार करती रही है। पाकिस्तान अब खुद उन्हीं संगठनों और उनके अलग हुए गुटों के हमलों से जूझ रहा है। इस समय देश में तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान, बलूच विद्रोहियों और इस्लामिक स्टेट जैसे उग्रवादी समूहों का सबसे ज्यादा खौफ है, जो लगातार पुलिस, सेना, सरकारी दफ्तरों और बेकसूर आम नागरिकों को अपना निशाना बना रहे हैं।

आतंकवादियों ने स्कूल में घुसकर अंधाधुंध गोलीबारी

16 दिसंबर 2014 को पेशावर के आर्मी पब्लिक स्कूल (APS) पर हुआ आतंकी हमला पाकिस्तान के इतिहास का सबसे भीषण और रूह कंपा देने वाला हमला माना जाता है। इस काले दिन भारी हथियारों से लैस आतंकवादियों ने स्कूल में घुसकर अंधाधुंध गोलीबारी की थी, जिसमें लगभग 150 मासूम लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी। इस दर्दनाक घटना में मरने वालों में 130 से ज्यादा स्कूली बच्चे शामिल थे, जिन्होंने अभी अपनी जिंदगी की शुरुआत ही की थी। इस कायराना हमले ने न केवल पूरे पाकिस्तान को हिलाकर रख दिया, बल्कि दुनिया भर के लोगों को गहरे सदमे में डाल दिया था।

अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर आतंकी हमला

जून 2014 में कराची के जिन्ना अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर एक बड़ा आतंकी हमला हुआ था, जिसमें करीब 36 लोगों की जान चली गई थी। इसके अलावा, पिछले एक दशक के दौरान पाकिस्तान में मस्जिदों, धार्मिक जुलूसों और सभाओं को भी लगातार निशाना बनाया जाता रहा है। इबादतगाहों पर हुए इन आत्मघाती और अंधाधुंध हमलों का इतिहास बेहद दर्दनाक रहा है, यहां कई बड़ी घटनाओं में 100 से भी अधिक बेकसूर श्रद्धालुओं की मौत हुई है।

बलूचिस्तान का मुद्दा

बलूचिस्तान में सुरक्षा बलों और आम नागरिकों को लगातार निशाना बनाया जा रहा है, जिससे अशांति का माहौल है। यहां सक्रिय उग्रवादी गुट न केवल सुरक्षा एजेंसियों पर हमले कर रहे हैं, बल्कि विकास से जुड़ी सड़क परियोजनाओं, रेलवे नेटवर्क और चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे से जुड़े ठिकानों को भी खास तौर पर अपना निशाना बना रहे हैं ताकि इन प्रोजेक्ट्स को रोका जा सके।

अफ्रीका में आतंकवाद का बढ़ता खतरा

ग्लोबल टेररिज्म इंडेक्स (GTI) की रिपोर्ट अनुसार दुनिया में आतंकवाद का मुख्य केंद्र अफ्रीका बनता जा रहा है। दुनिया भर में आतंकवाद के कारण होने वाली मौतों का एक बहुत बड़ा हिस्सा अफ्रीका के साहेल क्षेत्र में देखा जा रहा है, जिसमें बुर्किना फासो, माली और नाइजर जैसे देश सबसे ज्यादा प्रभावित हैं।

आतंकवाद का नया केंद्र क्यों बन रहा है अफ्रीका

अफ्रीका के कई देशों में लंबे समय से राजनीतिक अस्थिरता, सैन्य तख्तापलट, गरीबी और बेरोजगारी जैसी समस्याएं बनी हुई हैं। कई इलाकों में सरकार की पहुंच बेहद सीमित है और सुरक्षा व्यवस्था भी कमजोर है। ऐसे में आतंकवादी संगठन स्थानीय लोगों की परेशानियों का फायदा उठाकर अपनी जड़ें मजबूत कर रहे हैं। बेरोजगार युवाओं को पैसे, सुरक्षा या बेहतर भविष्य का झांसा देकर अपने साथ जोड़ लेते हैं। वहीं, कई देशों की सीमाएं इतनी विशाल और कमजोर निगरानी वाली हैं कि हथियारों, लड़ाकों और अवैध कारोबार का आना-जाना आसान हो जाता है। इसी वजह से साहेल क्षेत्र के कई गांवों और कस्बों में आतंकी संगठन सिर्फ हमले होते रहते हैं।

आतंकवाद के खिलाफ रणनीति काफी मजबूत

पिछले एक दशक में भारत ने आतंकवाद के खिलाफ अपनी रणनीति को काफी मजबूत किया है। गृह मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार जम्मू-कश्मीर में 2018 के मुकाबले 2024 तक आतंकी घटनाओं में 70% से अधिक की कमी दर्ज की गई है। वहीं, राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने दिसंबर 2024 तक 640 से ज्यादा आतंकवाद और राष्ट्रविरोधी गतिविधियों से जुड़े मामलों की जांच की तथा 95% से अधिक मामलों में दोषसिद्धि हासिल की।

सीमा निगरानी, खुफिया एजेंसियों के बेहतर समन्वय, डिजिटल निगरानी और आतंकी फंडिंग पर कार्रवाई के कारण कई बड़े आतंकी मॉड्यूल समय रहते पकड़े गए। सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इन कदमों ने बड़े शहरों और महत्वपूर्ण ठिकानों पर संभावित हमलों को रोकने में अहम भूमिका निभाई है, हालांकि सीमा पार आतंकवाद और ऑनलाइन कट्टरपंथ अभी भी बड़ी चुनौती बने हुए हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बयान

स्वीडन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आतंकवाद को पूरी इंसानियत के लिए एक बड़ा खतरा बताते हुए कहा कि यह सिर्फ किसी एक देश की नहीं, बल्कि पूरी दुनिया की साझी चुनौती है। उन्होंने साफ किया कि नया भारत आज न केवल अपनी सुरक्षा मजबूत कर रहा है, बल्कि दुनिया में शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए आगे बढ़कर नेतृत्व भी कर रहा है।

इसी सुर में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी पाकिस्तान को कड़ा संदेश देते हुए कहा कि भारत अब आतंकवाद को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने भारत की नीति को दोहराते हुए कहा कि हम पहले किसी को छेड़ते नहीं हैं, लेकिन अगर किसी ने हमें उकसाया तो भारत मुंहतोड़ जवाब देने से पीछे नहीं हटेगा, जो कि पिछले 10 सालों में देश की मजबूत हुई सुरक्षा नीति को दिखाता है।

Published on:
08 Jun 2026 01:50 pm