
Patrika Special on World No Tobacco Day 2026 : "नमस्कार, राष्ट्रीय तंबाकू मुक्ति हेल्पलाइन में आपका स्वागत है…", जब मैंने नेशनल टोबैको क्विटलाइन नंबर 1800-11-2356 पर कॉल किया तो सबसे पहले यही आवाज सुनाई दी। फिर पसंदीदा भाषा चुनी और सिस्टम काउंसलर के साथ कॉल कनेक्ट करने लगा। पर कुछ देर बाद कॉल कट गई। दोबारा ट्राई किया तो फोन नहीं लगा… तब मुझे लगा कि सरकारी सेवाएं ऐसी ही होती हैं, इनसे कुछ नहीं हो सकता।
पर फिर तीसरी बार कोशिश करने पर कॉल कनेक्ट हो गई। उधर से आवाज आई, "हेलो, मैं नमित बोल रहा हूं। मैं आपकी क्या मदद कर सकता हूं?" मैंने अपना नाम बताया। इसके बाद मुझसे मेरी डिटेल्स जैसे- नाम, उम्र, लोकेशन का पिन कोड, कब से सिगरेट पी रहे हैं और मैरिटल स्टेटस पूछा गया।
मैंने उनसे कंफर्म किया कि क्या आप ही काउंसलर हैं या आप किसी और से बात कराएंगे?
नमित ने कहा, "सिगरेट छुड़ाने के लिए मैं ही आपकी मदद करूंगा।" इस तरह कुल मिलाकर हमारे बीच करीब 20 मिनट बातचीत हुई। सिगरेट छोड़ने के लिए उनकी ओर से मुझे क्या सुझाव मिले, आप खुद पढ़कर समझ सकते हैं-
मेरा सवाल- तंबाकू छुड़ाने में हेल्पलाइन कैसे मेरी मदद करेगी?
नमित का जवाब- यहां आपकी हर संभव मदद की जाएगी। पहले दिन से लेकर तंबाकू छूटने तक हमारी टीम आपके साथ काम करती है। आपको बिना किसी दवाई के इस लत से निजात दिलाई जाएगी, बस इसके लिए आपको हमारी बताई बातें माननी होंगी।
नमित का सवाल- आप कितने समय से सिगरेट का सेवन कर रहे हैं, एक दिन में कितनी पीते हैं और इस पर रोजाना कितना खर्च हो जाता है?
मेरा जवाब-सिगरेट की लत लगे मुझे पांच साल से अधिक हो चुके हैं। हर दिन मैं कम से कम 5-6 सिगरेट पी लेता हूं। इस पर करीब 50-70 या अधिकतम 100 रुपए का रोजाना खर्च होता है।
नमित का सवाल- सुबह उठने के कितनी देर बाद आपको सिगरेट पीने की तलब उठती है?
मेरा जवाब- सुबह सोकर उठने के करीब 2 घंटे बाद मैं सिगरेट पीने के बारे में सोचता हूं।
नमित का सवाल- क्या आपको कोई बीमारी है या कोई इलाज चल रहा है? बीपी या शुगर की समस्या है क्या?
मेरा जवाब- नहीं, ऐसी कोई बीमारी नहीं है। बस कभी-कभी एसिडिटी या गैस बनने की समस्या रहती है।
नमित ने कहा, "सबसे पहले हम एक डेट तय करते हैं कि 9 जून तक आपको स्मोकिंग छोड़नी है। इसके लिए मैं आपको याद दिलाने के लिए एक बार 7 जून को भी फोन कर सकता हूं। अब आप यहां से मेरी बात ध्यान से सुनिए। जहां समझ में ना आए, मुझे बीच में टोक कर पूछ लीजिएगा। मैं आपको वहीं पर स्पष्ट कर दूंगा।"
वह आगे कहते हैं, "आपको पता है कि सिगरेट में 7000 केमिकल्स होते हैं। इनमें से 250 से अधिक रसायन अत्यधिक विषैले और 70 से अधिक रसायन ऐसे हैं जो सीधे तौर पर कैंसर का कारण बनते हैं। हम आए दिन मुंह और फेफड़ों आदि का कैंसर देखते भी हैं, कहीं ना कहीं तंबाकू ही उनका मुख्य कारण होता है।"
"जिस चीज से जानलेवा बीमारी हो, हर दिन पैसे खर्च हों और भविष्य में अस्पताल जाना पड़े, उससे आप पर और परिवार पर कितना आर्थिक बोझ बढ़ जाएगा? इसके बाद भी सिगरेट क्यों पीना; यह सवाल आप खुद से पूछिए। इतना ही नहीं, समाज में सिगरेट पीने वालों को अच्छी नजर से नहीं देखा जाता है। यह स्वास्थ्य, सामाजिक और आर्थिक रूप से कतई सही नहीं है। इसलिए इसको छोड़ने पर तुरंत विचार करना चाहिए।"
मैंने बीच में टोका, "समाज में अच्छी नजर से नहीं देखा जाता, लेकिन हमारे समाज में ही बड़े अधिकारी, नेता, एक्टर और पढ़े-लिखे लोग इसे पीते हैं। लोग इनको कहां गलत नजर से देखते हैं? यहां तक कि मैंने भी कॉलेज में शिक्षित लोगों को देखकर ही पीना शुरू किया था। चूंकि मुझे मॉडर्न नहीं समझा जाता था, इसलिए मैंने पीना शुरू कर दिया।"
नमित ने कहा, "देखिए सर, यह शुरू जैसे भी हुआ हो, अब जब हम जान गए हैं कि इसके नुकसान क्या हैं, तो इसे बंद करने की दिशा में काम करना है। आप इस प्रोसेस को फॉलो करें।"
आइए, नमित की बताई बातों को एक-एक करके समझते हैं जो सिगरेट छुड़ाने के लिए मुझे बताई गई-
हर दिन एक-एक करके सिगरेट माइनस करिए। अगर आप हर दिन 5 सिगरेट पी रहे हैं, तो धीरे-धीरे संख्या कम करते जाएं। एक दिन ऐसा आएगा जब सिगरेट पीने की संख्या शून्य पर पहुंच जाएगी।
घर पर बनाने का तरीका: हर दिन सुबह पानी गर्म करने के बाद उसमें एक नींबू निचोड़ें और शहद मिलाकर पिएं। इससे शरीर में जमा निकोटिन, केमिकल्स और विषाक्त चीजें बाहर निकल जाएंगी। साथ ही अपनी डाइट में खट्टे फलों को शामिल करें, इससे भी आपको काफी मदद मिलती है।
घर पर बनाएं ये मिश्रण: लौंग, इलायची, अदरक, आंवला, सौंफ और मिश्री का एक मिश्रण तैयार कर लें। जब भी सिगरेट पीने की तीव्र इच्छा हो, तो इस मिश्रण को मुंह में रख लें। इससे आपकी तलब धीरे-धीरे खत्म हो जाएगी। साथ ही ध्यान रखें कि अपने पास से (घर, ऑफिस, बैग, पॉकेट) सिगरेट, माचिस और लाइटर जैसी चीजों को तुरंत फेंक दें।
जब आप किसी नशे को छोड़ते हैं, तो शरीर में विड्रॉल सिंड्रोम देखने को मिल सकते हैं, जैसे- गुस्सा आना, चिड़चिड़ापन होना या काम में मन ना लगना। इससे डील करने के लिए नाक से गहरी सांस लें और फिर मुंह से छोड़ें। अपने दोनों हाथ सामने रखें और पूरा ध्यान हाथों पर केंद्रित करें। इस अभ्यास को दोहराएं। साथ ही हर दिन योग और मेडिटेशन जरूर करें।
उन्होंने कहा, आप इसे आजमाकर देखिए, ये सारे फायदे आपको एक सप्ताह के भीतर महसूस होने लगेंगे-
आज से ठीक दस साल पहले 30 मई को ही राष्ट्रीय तंबाकू मुक्ति हेल्पलाइन की शुरुआत की गई थी। अब तक करीब 6 लाख लोगों को तंबाकू से आजादी दिलाई जा चुकी है। करोड़ों लोग सिगरेट और तंबाकू छोड़ने के लिए हम तक पहुंच चुके हैं।
अंत में नमित ने मेरी ईमेल आईडी ली और मुझे इससे संबंधित एक जानकारी से भरपूर PDF भी भेजा। उन्होंने यह भी कहा कि 31 मई को विश्व तंबाकू निषेध दिवस है और भारत सरकार तंबाकू से मुक्ति के लिए मुफ्त काउंसलिंग की सुविधा देती है। अगर कोई व्यक्ति इसे छोड़ने का इच्छुक हो, तो उस तक भी यह जानकारी जरूर पहुंचाएं।
उन्होंने बताया कि हेल्पलाइन पर हर मिनट फोन कॉल आते हैं। हैवी ट्रैफिक और वेटिंग लिस्ट के कारण कई लोगों की बात नहीं हो पाती या फिर लंबा इंतजार करना होता है, जैसा कि मेरे साथ भी हुआ जिसका जिक्र मैंने शुरुआत में किया था।
उम्मीद करता हूं कि मेरी इस बातचीत के आधार पर आपको इन सवालों के जवाब मिल गए होंगे कि- धूम्रपान छोड़ने के लिए किससे संपर्क करें? तंबाकू छोड़ो हेल्पलाइन कैसे काम करती है? और यहां पर आपकी किस तरह से मदद की जाती है?