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Baster News: बस्तर की धरती में दुनिया के सबसे महंगे आम की पैदावार, ढाई लाख रुपए किलो है कीमत, ट्री मैन को मिली उपलब्धि

Bastar, tree man:बस्तर के ट्री मैन संपत झा को एक नई सफलता मिली है। ढाई लाख रुपये प्रति किलो बिकने वाले आम की खेती कर खूब चर्चा में आ गए है।

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May 28, 2026
बस्तर में दुनिया के सबसे महंगे आम की पैदावार (Photo Patrika)

Baster News: बस्तर की मिट्टी ने एक बार फिर ऐसा कमाल कर दिखाया है, जिसने हर किसी को चौंका दिया है। जापान में पाए जाने वाला और दुनिया के सबसे महंगे आमों में गिना जाने वाला 'मियाजाकी आम' अब बस्तर की धरती पर भी फल देने लगा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में करीब दो से ढाई लाख रुपए प्रति किलो तक बिकने वाले इस खास आम का पेड़ जगदलपुर निवासी ट्री मैन सम्पत झा के खेत में पहली बार फलों से लद गया है। इस खास उपलब्धि ने न केवल स्थानीय लोगों, बल्कि कृषि और बागवानी विशेषज्ञों का भी ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। लोग इस विदेशी आम को देखने के लिए सम्पत झा के बगीचे तक पहुंच रहे है।

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Baster News: तीन वर्ष पहले लगाया पौधा

दी मैन सम्पत झा ने बताया कि करीब तीन वर्ष पहले उन्होंने प्रयोग के तौर पर यह पौधा लगाया था। उनका मानना था कि बस्तर की जलवायु और मिट्टी विदेशी पालों के लिए भी अनुकूल हो सकती है। उन्होंने बताया कि शुरुआती वर्षों में पौधे की विशेष देखभाल की गई। जैविक खाद, नियंत्रित सिंचाई और मौसम के अनुसार सुरक्षा पर खास ध्यान दिया गया।

अब पहली बार पेड़ पर फल आने से यह साफ हो गया है कि बस्तर की मिट्टी में विदेशी और और हाई हाई-वैल्यू वेल्यू फलों को उगाने की जबरदस्त क्षमता मौजूद हैं। बस्तर की मिट्टी में उगा यह विदेशी आम सिर्फ एक फल नहीं, बल्कि यह उस संभावना का संकेत है, जहां परंपरागत खेती के साथ नवाचार जुडकर किसानों की तकदीर बदल सकता है।

गहरे लाल रंग का आम जिसे कहते हैं 'एग ऑफ सनशाइन'

संपत इा बताते हैं कि जापान के नियाजाकी प्रांत में विकसित इस खास आम को दुनिया भर में उसकी दुर्लभता गहरे लाल रंग, बेहद मीठे स्वाद और पोषण गुणों के कारण जाना जाता है। इसे एग ऑफ सनशाइन' नाम से भी पहचान मिली हुई है। मियाजाकी आम सामान्य आगों की तुलना में काफी अलग माना जाता है। इसकी चमकदार लाल त्वचा, विशेष मिठास और सीमित उत्पादन इसे बेहद खास बनाते हैं। यही वजह है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसाठी कीमत लाखों तक पहुंच जाती है।

बस्तर की जलवायु बनी सबसे बड़ी ताकत

कृषि विज्ञान केंद्र बस्तर के वैज्ञानिक धर्मपाल केरकेट्टा कहते हैं कि बस्तर की प्राकृतिक जैव विविधता, पर्याप्त वर्षा, खनिज युक्त मिट्टी और संतुलित तापमान इसे विशेष बनाते हैं। यही कारण है कि यहां दुर्लभ फलों और औषधीय पौधों की खेती की बड़ी संभावनाएं हैं। वे कहते हैं कि अगर वैज्ञानिक पद्धति से इस दिशा में काम किया जाए, तो आने वाले समय में बस्तर उन्नत बागवानी से विदेशी फलों का बड़ा केंद्र बन सकता है।

किसानों के लिए खुल सकता है नया रास्ता

स्थानीय कृषकों के बीच भी मियाजाकी आम को लेकर उत्सुकता बढ़ गई है। कई किसान अब यह जानने में रुचि दिखा रहे हैं कि इसकी खेती कैसे की जा सकती है और इससे कितनी आय संभव है। कृषि जानकारों का मानना है कि यदि इसकी सफल खेती बड़े पैमाने पर शुरू होती है, यह बस्तर के किसानों के लिए पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर कम जमीन में अधिक मुनाफा देने वाला नया विकल्प बन सकता है।

Updated on:
28 May 2026 11:42 am
Published on:
28 May 2026 11:41 am
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