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Doublet Earthquake Meaning: वेनेजुएला में डबलट भूकंप से बढ़ा तबाही का खतरा? जानिए इसका विज्ञान

Doublet Earthquake: वेनेजुएला उस क्षेत्र में स्थित है जहां कैरेबियन प्लेट दक्षिण अमेरिकी प्लेट के साथ खिसकती है। यही वजह है कि यहां डबलट भूकंप की घटना घटी और जिसके चलते बड़े स्तर पर तबाही मचने की संभावना जताई जा रही है। इस घटना से जुड़े सभी पहलुओं के बारे बताती विस्तृत रिपोर्ट।
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Jun 26, 2026
Venezuela Earthquake Doublet Earthquake Triplet Earthquake
डबलट भूकंप की घटना पर क्या कहता है विज्ञान? (Photo: IANS)

Doublet Earthquake: वेनेजुएला में बुधवार की रात आए एक के बाद आए भूकंपों ने एक बेहद खतरनाक घटनाक्रम को जन्म दिया। इसे 'डबलट भूकंप' (Venezuela Doublet Earthquake) कहा जाता है। इस दोहरे झटके ने वेनेजुएला की राजधानी कराकास में कई इमारतों को गिरा दिया और सबसे अधिक प्रभावित इलाकों में लोगों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा कर दीं। आइए जानते हैं कि डबलट भूकंप (Science of Doublet Earthquake) आने के पीछे का विज्ञान?

पहले झटके के 39 सेकंड बाद ही लगा दूसरा झटका

वेनेजुएला में पहला भूकंप का झटका लगा, जिसकी तीव्रता 7.2 थी। भूकंप का केंद्र कराकास के पश्चिम में स्थित सान फेलिपे सिटी के पास था। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के आंकड़ों के अनुसार, इस पहले झटके ने लगभग 3 मील (करीब 5 किलोमीटर) दूर स्थित एक अन्य सक्रिय भ्रंश (Fault) पर दबाव बढ़ा दिया। इसके परिणामस्वरूप सिर्फ 39 सेकंड बाद उसी क्षेत्र में 7.5 तीव्रता का दूसरा और अधिक शक्तिशाली भूकंप आ गया। इस तरह के दूसरे भूकंप की घटना को आफ्टरशॉक नहीं माना जाता है, बल्कि इसे स्वतंत्र भूकंप माना जाता है।

126 वर्ष बाद वेनेजुएला में आया सबसे शक्तिशाली भूकंप

यह भूकंप अपेक्षाकृत उथली गहराई, यानी लगभग 6 मील (करीब 10 किलोमीटर) पर आया था। इसकी तीव्रता इतनी अधिक थी कि इसके झटके उत्तरी ब्राज़ील तक महसूस किए गए। यह 1900 के बाद वेनेजुएला के सबसे शक्तिशाली भूकंपों में से एक बताया जा रहा है। एक अनुमान के अनुसार इस घटना में 10,000 से लेकर एक लाख लोगों की जान जा सकती है। ये झटके वेनेजुएला के अलावा कोलंबिया और ब्राजील तक महसूस किए गए।

वेनेजुएला में आए भूकंप से मची तबाही

अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) ने इसे सीस्मिक डबलट (Seismic Doublet) बताया है। वेनेजुएला में आए डबलट भूकंप (Doublet Earthquake) ने वैज्ञानिकों और भूवैज्ञानिकों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। यह सामान्य भूकंपों से अलग और अपेक्षाकृत दुर्लभ घटना होती है, जिसमें बहुत कम समय के अंतराल में एक ही क्षेत्र में दो बड़े भूकंप आते हैं। वेनेजुएला में पहला भूकंप 7.2 तीव्रता का था, जबकि उसके केवल 39 सेकंड बाद 7.5 तीव्रता का दूसरा और अधिक शक्तिशाली भूकंप आया। इस दोहरे झटके ने राजधानी कराकास सहित कई इलाकों में भारी नुकसान पहुंचाया।

ओडिशा के सुदर्शन पटनायक ने रेत से यह आकृति बनाकर वेनेजुएला के ​लोगों के लिए प्रार्थना की है। (Photo: IANS)

क्यों घटती है डबलट भूकंप की घटना?

डबलट भूकंप वह स्थिति है, जब दो बड़े भूकंप लगभग समान क्षेत्र में कुछ सेकंड, मिनट या कुछ घंटों के भीतर आते हैं और दोनों की तीव्रता में बहुत कम अंतर होता है। अधिकांश मामलों में पहला भूकंप दूसरे भूकंप के लिए परिस्थितियां तैयार कर देता है। पहले झटके से पृथ्वी की पपड़ी में तनाव (Stress) का संतुलन बदल जाता है, जिससे पास की किसी सक्रिय फॉल्ट लाइन पर दबाव बढ़ सकता है और वहां दूसरा बड़ा भूकंप आ सकता है।

क्या होता है आफ्टरशॉक?

एक भूकंप आने के बाद कुछ मिनट या घंटों के अंतराल पर छोटे या मामूली झटके आते हैं, इसे आफ्टरशॉक कहा जाता है। दरअसल मुख्य भूकंप के बाद पृथ्वी की पपड़ी में तनाव रह जाता है, वह इन छोटे या मामूली झटकों के जरिए रिलीज होते हैं।

वेनेजुएला में क्यों घटी डबलट भूकंप की घटना?

वेनेजुएला, दुनिया में सर्वाधिक भूकंप संभावित क्षेत्रों में से एक है। वेनेजुएला पृथ्वी की दो प्रमुख टेक्टोनिक प्लेटों कैरेबियन प्लेट और दक्षिण अमेरिकी प्लेट की सीमा पर स्थित है। ये दोनों प्लेटें लगातार एक-दूसरे के सापेक्ष खिसकती रहती हैं। प्लेटों की इस धीमी लेकिन निरंतर गति के कारण वर्षों तक ऊर्जा पृथ्वी के भीतर जमा होती रहती है और जब यह ऊर्जा अचानक से मुक्ति होती है तब भूकंप की घटना आकार लेती है।

वैज्ञानिकों के अनुसार, पहला 7.2 तीव्रता का भूकंप आने के बाद आसपास की एक दूसरी फॉल्ट लाइन पर तनाव बढ़ गया। यही अतिरिक्त दबाव कुछ ही सेकंड में 7.5 तीव्रता वाले दूसरे भूकंप का कारण बना। इसे स्ट्रेट ट्रांसफर (Stress Transfer or Coulomb Stress Transfer) कहा जाता है।

क्या होता है फॉल्ट लाइन?

फॉल्ट पृथ्वी की चट्टानों में बनी दरार या टूटन होती है। इस दरार के दोनों ओर स्थित चट्टानें जब अचानक खिसकती हैं, तब भूकंप उत्पन्न होता है। फॉल्ट तीन तरह के होते हैं- स्ट्राइक स्लिप फॉल्ट (Strike-slip Fault), सामान्य फॉल्ट (Normal Fault) और रिवर्स फॉल्ट (Reverse Fault)।

स्ट्राइक स्लिप फॉल्ट: दोनों चट्टानी खंड क्षैतिज दिशा में एक-दूसरे के समानांतर फिसलते हैं।

सामान्य फॉल्ट: ऊपरी चट्टान जब नीचे की ओर खिसक जाती है।

रिवर्स फॉन्ट : ऊपरी चट्टान ऊपर की ओर चढ़ जाती है।

क्यों कम गहराई वाले भूकंप ज्यादा खतरनाक?

इस घटना में भूकंप की गहराई लगभग 10 किलोमीटर (करीब 6 मील) थी, जिसे उथला (Shallow Earthquake) भूकंप माना जाता है। ऐसे भूकंपों की ऊर्जा पृथ्वी की सतह तक कम दूरी तय करके पहुंचती है, इसलिए झटके अधिक तीव्र महसूस होते हैं और इमारतों, सड़कों तथा अन्य ढांचों को अधिक नुकसान होता है। इसके विपरीत, गहरे भूकंपों की ऊर्जा सतह तक पहुंचने से पहले काफी हद तक कमजोर हो जाती है।

डबलट भूकंप क्यों बेहद खतरनाक?

डबलट भूकंप में पहले भूकंप के झटके ने इमारतों और संरचनाओं को कमजोर कर दिया। इसके तुरंत बाद आने वाला दूसरे भूकंप का झटका और अधिक शक्तिशाली था जिसने पहले से क्षतिग्रस्त भवनों को पूरी तरह धवस्त कर दिया। दूसरी महत्वपूर्ण बात यह है कि इन भूकंप के झटकों की गहराई कम होने के चलते तीव्रता भी ज्यादा रही।

क्या ऐसे भूकंपों की भविष्यवाणी संभव है?

भूकंप के झटकों से पहले इसके आने का सटीक समय, स्थान और तीव्रता बताने में विज्ञान सक्षम नहीं है। हालांकि, मॉर्डन सिस्मोलॉजिकल उपकरण यह पता लगा सकते हैं कि कौन-से क्षेत्र सक्रिय फॉल्ट लाइनों पर स्थित हैं और वहां भविष्य में बड़े भूकंप आने की संभावना अधिक हो सकती है। इसी आधार पर भूकंपरोधी निर्माण, प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली और आपदा प्रबंधन योजनाएं तैयार की जाती हैं। यही वजह है कि भूकंप-प्रवण क्षेत्रों में मजबूत निर्माण, वैज्ञानिक निगरानी और प्रभावी आपदा प्रबंधन ही नुकसान को कम करने का सबसे कारगर उपाय हैं।

तुर्की और सीरिया में मारे गए थे 60 हजार लोग

  • 6 फरवरी 2023 में तुर्की और सीरिया में दो बड़े भूकंप आए थे। पहले भूकंप की तीव्रता 7.8 और लगभग 9 घंटे बाद आए भूकंप की तीव्रता 7.5 थी। तुर्की और सीरिया में लगभग 60 हजार लोग मारे गए थे जबकि 1.5 करोड़ से ज्यादा आबादी प्रभावित हुई थी। इस दुघर्टना से लाखों लोग बेघर हो गए थे।
  • 5 मार्च 2021 में न्यूजीलैंड में तीन बड़े भूकंप के झटके लगे थे। पहले झटके की तीव्रता 7.3, दूसरे की 7.4 और तीसरे की 8.1 रही। इस घटना में जानमाल का नुकसान बहुत कम हुआ था।
  • 22 जनवरी 1988 में ऑस्ट्रेलिया के पास 12 घंटे के अंदर तीन बड़े भूकंप दर्ज किए गए थे। इसे 'ट्रिपलेट भूकंप' कहा गया। पहला भूकंप 6.3, दूसरा भूकंप 6.3 और तीसरा 6.6 की तीव्रता के साथ आए थे। इसमें किसी की व्यक्ति की मृत्यु नहीं हुई थी।
Updated on:
26 Jun 2026 01:19 pm
Published on:
26 Jun 2026 12:49 pm