
हर आधुनिक किचन का एक अहम हिस्सा बन चुकी 'किचन चिमनी' मसालेदार और तड़के वाले भारतीय खाने में न सिर्फ रसोई से धुएं और महक को बाहर निकालती है, बल्कि दीवारों को ग्रीस और तेल से चिपचिपा होने से भी बचाती है। क्या आपने कभी सोचा है कि जिस चिमनी का काम आपके किचन को साफ रखना है, अगर वही गंदी हो जाए तो क्या होगा? हेल्थ रिेर्पोट्स के मुताबिक एक गंदी और अस्वच्छ किचन चिमनी आपके घर के अंदर की हवा को जहरीला बना सकती है, जिससे फेफड़ों और श्वसन तंत्र (Respiratory System) से जुड़ी गंभीर बीमारियां हो सकती हैं। आइए विस्तार से समझते हैं कि गंदी चिमनी आपकी सेहत को कैसे नुकसान पहुंचाती है और आपको इसकी सर्विस कब और कैसे करानी चाहिए।
जब हम खाना बनाते हैं तो तेल, घी और मसालों के सूक्ष्म कण हवा में उड़ते हैं। चिमनी का मोटर और फिल्टर इन्हें खींचकर बाहर फेंकता है। समय के साथ, ये कण चिमनी की जाली (फिल्टर), डक्ट और मोटर पर एक मोटी ग्रीस और कालिख (Soot) की परत जमा कर देते हैं।जब फिल्टर पूरी तरह ब्लॉक हो जाते हैं, तो चिमनी हवा खींचना बंद कर देती है। नतीजतन, खाना पकाते समय निकलने वाला खतरनाक धुआँ और ज़हरीले कण बाहर जाने के बजाय आपकी रसोई और लिविंग रूम में फैलने लगते हैं।
भारतीय घरों में तेल और मसालों का इस्तेमाल ज्यादा होता है, इसलिए यहां चिमनी की मेंटेनेंस का खास ख्याल रखना पड़ता है:
यदि आपकी चिमनी में नीचे दिए गए लक्षण दिख रहे हैं, तो समझ जाएं कि अब सफाई में देरी करना सेहत से खिलवाड़ होगा
किचन चिमनी सिर्फ एक लग्जरी या शोपीस नहीं है, बल्कि यह आपके घर के इनडोर एयर क्वालिटी (Indoor Air Quality) को सही बनाए रखने वाला एक जरूरी उपकरण है। एक गंदी चिमनी धीरे-धीरे आपके और आपके परिवार के फेफड़ों को नुकसान पहुंचा सकती है।इसलिए, चिमनी के फिल्टरों की नियमित सफाई करें और समय-समय पर प्रोफेशनल डीप क्लीनिंग कराएं। याद रखें साफ चिमनी, सेहतमंद परिवार।