मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिये सबसे ज्यादा ध्यान दे रहे हैं लेकिन सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्थाएं सुधर नहीं रहीं।
पीलीभीत। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने के लिये सबसे ज्यादा ध्यान दे रहे हैं लेकिन सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्थाएं सुधर नहीं रहीं। महकमा स्वास्थ्य सेवाओं में लगातार लापरवाह ही नज़र आ रहा है। इसी को देखते हुये अब सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं में हो रही लापरवाहियों को उजागर नहीं करने वाले जिलाधिकारियों को भी इसका दोषी माना है। सरकार की मंशा के चलते पीलीभीत की जिलाधिकारी शीतल वर्मा ने स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा बैठक स्थानीय गांधी सभागार में की।इस बैठक में समीक्षा के दौरान उनका सख्त रवैया देखने को मिला और उन्होंने लापरवाही बरतने वाले स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों कको दंडित किया।
लापरवाह कर्मचारियों पर गिरी गाज
जिलाधिकारी शीतल वर्मा ने गांधी सभागार में सीएमओ डॉ ओम प्रकाश सिंह व अन्य स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों संग समीक्षा बैठक की। समीक्षा बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति विभागीय कर्मचरियों की लापरवाहियां उजागर हुयीं। उन्होंने लापरवाह कर्मियों पर कार्रवाई के आदेश दिये। जिलाधिकारी शीतल वर्मा ने लापरवाह कर्मचारियों के विरूद्ध कार्रवाई करते हुये, जमुनियां प्राथमिक स्वास्थ केन्द्र चीफ फार्मेसिस्ट दीप चन्द्र जोशी, आयुष चिकित्सक देवेश गिरी व स्टाफ नर्स का तीन दिनों का वेतन काटने के निर्देश देते हुये विभागीय कार्रवाई करने के आदेश दिये।
इनके खिलाफ हुई कार्रवाई
समीक्षा बैठक में पूरनपुर की एएनम शशि मिश्रा को निलम्बित करते हुये विभागीय कार्रवाई करने के आदेश सीएमओ को दिये पूरनपुर की ही नीलम गुप्ता, उर्मिला देवी, बिलसण्डा की मंजूश्री, अमरिया की संगीता सक्सेना व आकीला बेगम के अनिवार्य सेवा निवृत्त कराने के निर्देश दिये। इसके साथ ही बीसलपुर की सुषमा देवी, रेखा रानी, वीना देवी, मालती खत्री, सुमन कुमारी व बिलसण्डा की मनोरमा देवी से स्पष्टीकरण तलब किया।
जिलाधिकारी ने बरेखड़ा की लज्जावती व न्यूरिया से आशा पाण्डे, प्रवेश कुमारी, मीना देवी को कार्याें के प्रति लापरवाही बरतने के कारण स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिये। इसी तरह ललौरीखेड़ा से ऊषा, नीलम, पार्वती देवी पर भी विभागीय कार्यरवाई करने के निर्देश दिये। जिलाधिकारी ने सीएमओ को कड़े शब्दों में आदेश दिया कि किसी भी कर्मचारी को स्वास्थ सेवाओं के प्रति लापरवाही व रूचि न लेने पर तत्काल उनके प्रति विभागीय कार्रवाई की जाये तथा बाहर से आने वाले मरीजों को बेहतर सेवा प्रदान करने के निर्देश दिये। उन्होंने यह भी कहा कि सुधार लाओ वरना कार्रवाई के लिये तैयार रहो।