West Bengal विधानसभा चुनाव से पहले AIMIM को झटका पीरजादा अब्बास सिद्दीकी ने किया नई पार्टी के गठन का ऐलान सिद्दीकीः बीजेपी को रोकने के लिए ममता को खुद करनी होगी गठबंधन की पहल
नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल (West Bengal) में विधानसभा चुनाव का वक्त जैसे-जैसे नजदीक आ रहा है सियासी पारा तेजी से हाई हो रहा है। सत्ताधारी टीएमसी हो या फिर प्रदेश में अपनी जड़े जमाने में जुटी बीजेपी या फिर मुस्लिमों वोटों के बहाने किंग मेकर बनने की कोशिश कर रही असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम ( AIMIM ) हर राजनीतिक दल ने अपनी कमर कस ली है। इस बीच ओवैसी की पार्टी को चुनाव से पहले ही बड़ा झटका लगा है।
दरअसल हुगली जिले में फुरफुरा शरीफ दरगाह के पीरजादा अब्बास सिद्दीकी (Pirzada Abbas Siddiqui) ने आगामी विधानसभा चुनावों से पहले एक नया राजनीतिक संगठन ‘इंडियन सेकुलर फ्रंट’ ( ISF ) बनाने की घोषणा की है। आईए जानते हैं उनके नई पार्टी बनाने से ओवैसी की किस उम्मीद पर पानी फिर गया।
पीरजादा सिद्दीकी ने कहा कि नव गठित संगठन राज्य में होने वाले विधानसभा चुनाव में सभी 294 सीटों पर चुनाव लड़ सकता है। पीरजादा अब्बास सिद्दीकी की ओर से नई पार्टी बनाए जाने से AIMIM के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) को बड़ा झटका लगा है।
दरअसल बंगाल चुनाव को लेकर ये कयास लगाए जा रहे थे कि ओवैसी और पीरजादा सिद्दीकी इस बार विधानसभा चुनाव में एक साथ आ सकते हैं।
यानी इस एआईएमआईएम सिद्दीकी के साथ मिलकर मुस्किम वोटों पर अपनी पकड़ बनाने की उम्मीद लगाए बैठी थी, जिसे तगड़ा झटका लगा है।
इस पार्टी के गठबंधन कर सकते हैं सिद्दीक
पीरजादा सिद्दीकी ने एआईएमआईएम के साथ गठबंधन तो झटका दिया है, लेकिन उन्होंने ऐसे संकेत दिए हैं कि उनकी पार्टी वाम-कांग्रेस गठबंधन के साथ गठजोड़ कर सकती है।
ये है नई पार्टी के गठन का मकसद
कोलकाता प्रेस क्लब में अपने राजनीतिक संगठन की शुरुआत के मौके पर सूफी मजार के प्रमुख सिद्दीकी ने कहा, हमने इस पार्टी का गठन यह सुनिश्चित करने के लिए किया है कि संवैधानिक लोकतंत्र की रक्षा हो, सभी को सामाजिक न्याय मिले और हम सभी सम्मान के साथ रहें।
ममता पहल करे तो अलायंस मुमकिन
सिद्दीकी ने एक और बड़ा संकेत भी दिया। तृणमूल कांग्रेस के साथ एक गठबंधन की संभावना के बारे में किए गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, भाजपा को रोकने के लिए मुख्यमंत्री के रूप में सभी को साथ लेकर चलने की जिम्मेदारी ममता बनर्जी की है।
यानी ममता पहल करें तो सिद्दीकी उनके साथ चुनाव लड़ सकते हैं। सिद्दीकी ने ये भी बताया कि हम जनता तक पहुंचने के लिए कई कार्यक्रम आयोजित करेंगे।