
नई दिल्ली। आॅल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहाद-उल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के नेता और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन औवेसी अब नया दांव चलने की तैयारी कर रहे हैं। इसके लिए उनकी पार्टी एआईएमआईएम 2019 में लोकसभा और महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों के लिए भारिपा बहुजन महासंघ (बीबीएम) गठबंधन करेगी। ओवैसी की पार्टी नेताओं ने शनिवार इसकी घोषणा कर दी है। सांसद असदुद्दीन औवेसी ने जानकारी देते हुए बताया कि दोनों पार्टियों के बीच हुई शुरुआती बातचीत में सकारात्मक परिणाम निकल कर सामने आये हैं।
औवेसी ने यह भी कहा कि बीबीएम प्रमुख प्रकाश आंबेडकर गांधी जयंति के दिन यानी 2 अक्तूबर को औरंगाबाद में एक जनसभा को संबोधित करेंगे जिसमें वह खुद भी मौजूद रहेंगे। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि गठबंधन के औपचारिक स्वरूप की घोषणा बाद में की जाएगी। उधर, औरंगाबाद से एआईएमआईएम विधायक इम्तियाज जलील ने बताया कि गठबंधन का एजेंडा 70 सालों से उपेक्षित उन दलितों—मुस्लिमों को एक साथ लेना है, जो हशिये पर रहने का दंश झेल रहे हैं। विधायक ने कहा कि दलितों—मुस्लिमों को राजनीति में समुचित प्रतिनिधित्व देने के बजाए, उनको केवल वोटबैंक के रूप में इस्तेमाल किया जाता रहा है।
एआईएमआईएम नेता ने धर्मनिरपेक्ष दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि यह बेहद शर्म की बात है कि महाराष्ट्र से संसद में मुस्लिम समुदाय का कोई प्रतिनिधित्व नहीं है। उन्होंने कहा कि हर कोई बस मुस्लिम समुदाय का वोट हासिल करना चाहता है, लेकिन कोई प्रतिनिधित्व देने को तैयार नहीं है। जबकि बिल्कुल ऐसी ही स्थिति दलितों की भी है। इसके साथ ही बीबीएम के नेता हरिभाऊ भाले ने भी दलित और मुस्लिमों के शोषण का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यह वर्ग मुख्यधारा की पार्टियों से परेशान है।