सत्तारूढ़ जनता दल (यूनाइटेड) ने किया मंत्रिमंडल का विस्तार CM नीतीश कुमार ने 8 नए मंत्रियों को किया कैबिनेट में शामिल मोदी सरकार से खफा नीतीश ने शामिल नहीं किया BJP का एक भी चेहरा
नई दिल्ली। बिहार में सत्तारूढ़ जनता दल (यूनाइटेड) ने रविवार को अपने मंत्रिमंडल का विस्तार किया है। मंत्रिमंडल के विस्तार में 8 नए मंत्रियों को शामिल किया गया है। खास बात यह है कि मंत्रिमंडल में शामिल नए मंत्रियों में भाजपा से कोई चेहरा नहीं है। लोकसभा चुनाव में कई विधायकों के सांसद बन जाने के बाद खाली हुए मंत्री पद भरने के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मंत्रिमंडल का विस्तार किया है। सीएम नीतीश कुमार ने इस संबंध में शनिवार को राज्यपाल लालजी टंडन से मुलाकात की थी। जानकारी के अनुसार रविवार सुबह 11. 30 बजे राजभवन में नए मंत्रियों को शपथ दिलाई गई।
इन मंत्रियों को दिलाई गई शपथ
मंत्रिमंडल विस्तार में जिन मंत्रियों को शामिल किया गया है, उनमें एल प्रसाद, नरेंद्र नारायण यादव, श्याम रजक, अशोक चौधरी, बीमा भारती, संजय झा, रामसेवक सिंह और नीरज कुमार के नाम शामिल हैं।
इन मंत्रियों को मिली सफलता
लोकसभा चुनाव में नीतीश सरकार के जल संसाधन मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह को मुंगेर लोकसभा क्षेत्र से सफलता मिली है। जबकि आपदा व लघु सिंचाई मंत्री दिनेश चन्द्र यादव को मधेपुरा से और पशु एवं मत्स्य संसाधन मंत्री पशुपति कुमार पारस को हाजीपुर से जीत हासिल हुई है। फिलहाल नीतीश मंत्रिमंडल में कुल 25 मंत्री हैं। मंत्रिमंडल विस्तार के बाद अब मंत्रियों की संख्या बढ़कर 33 तक हो गई है।
| लोकसभा चुनावों में जेडीयू का प्रदर्शन | |||
| लोकसभा सत्र | चुनाव वर्ष | सीटें लड़ीं | सीटें जीतीं |
| 13वीं लोकसभा | 1999 | 60 | 21 |
| 14वीं लोकसभा | 2004 | 73 | 8 |
| 15वीं लोकसभा | 2009 | 27 | 20 |
| 16वीं लोकसभा | 2014 | 93 | 2 |
| 17वीं लोकसभा | 2019 | 24 | 16 |
| बिहार विधानसभा | ||
| चुनाव वर्ष | सीटें लड़ीं | सीटें जीतीं |
| 2015 | 101 | 71 |
मोदी सरकार से नाराज नीतीश
आपको बता दें कि केंद्र में एनडीए की नई सरकार बनने के बाद नीतीश कुमार की नाराजगी सामने आई है। मोदी सरकार में जेडीयू को एक भी मंत्री पद नहीं मिला है। बताया जा रहा है कि नीतीश कुमार नई सरकार में जेडीयू के तीन सांसदों के लिए मंत्री पद चाह रहे थे। लेकिन सहमति न बनने पर उन्होंने सरकार में शामिल न होने का फैसला लिया। हालांकि उन्होंने एनडीए में बने रहने की बात कही। अब चूंकि नीतीश कुमार के मंत्रिमंडल विस्तार में भाजपा के किसी मंत्री को शामिल नहीं किया गया है तो ऐसे मोदी सरकार से नाराजगी का परिणाम माना जा रहा है।