
नई दिल्ली।बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ( Nitish Kumar ) और नई मोदी सरकार में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है। कुमार ने आज साफ तौर पर कहा कि उनकी पार्टी जनता दल यूनाइटेड ( JDU ) जम्मू-कश्मीर से धारा 370 ( Article 370 ) हटाने का विरोध करेगी। नीतीश लगातार एनडीए सरकार से दूरी बनाते दिख रहे हैं। एक दिन पहले रविवार को उन्होंने कहा था कि JDU बिहार के बाहर बीजेपी की अगुवाई वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन ( NDA ) का हिस्सा नहीं होगी।
धारा 370 पर कोई समझौता नहीं: नीतीश कुमार
सोमवार को नीतीश कुमार 'लोकसंवाद' कार्यक्रम में पहुंचे थे। उनसे जेडीयू नेता केसी त्यागी के धारा 370 वाले बयान पर सवाल पूछा गया। इसपर सीएम ने कहा कि उनकी पार्टी शुरू से ही इस धारा के हटाए जाने के पक्ष में नहीं है और इसका विरोध करेगी । नीतीश बोले कि इस मामले पर जदयू का रूख पहले से ही स्पष्ट है और इसमें कोई परिवर्तन का सवाल ही नहीं है ।
आपसी सहमति से हो मंदिर का हल: कुमार
मुख्यमंत्री ने यूनिफॉर्म सिविल कोड और राम मंदिर मुद्दे पर भी पार्टी का पक्ष रखा। मुख्यमंत्री नीतीश ने कहा कि हमारा मानना है कि राम मंदिर का निर्माण न्यायालय के निर्णय से या आपसी सहमति से हो। हम लोग समान आचार संहिता ( uniform civil code ) को थोपे जाने के पक्ष में भी नहीं हैं।
बिहार को अबतक नहीं मिल सका विशेष राज्य का दर्जा
मोदी सरकार-1 में बिहार को विशेष राज्य का दर्जा नहीं मिलने पर भी नीतीश से मीडिया ने सवाल किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि 14वें वित्त आयोग ने अपने एक वाक्य से इसे खारिज कर दिया था। वहीं 15वें वित्त आयोग के सामने बिहार राजग के तीनों घटक दल जेडीयू, बीजेपी और एलजेपी ने अपनी बात रखी है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार अगले पांच वर्षों में बिहार को विकसित राज्य की श्रेणी में लाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।