
संजय राउत (Photo: IANS)
Bankipur assembly bypoll result Prashant Kishor victory: बिहार की चर्चित बांकीपुर विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में भाजपा (BJP) को बड़ा झटका लगा है। जन सुराज पार्टी के प्रमुख प्रशांत किशोर ने भाजपा उम्मीदवार नीरज कुमार सिन्हा को 19 हजार से अधिक वोटों से हराकर जीत दर्ज की। इस नतीजे के बाद विपक्षी दलों ने भाजपा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखे हमले शुरू कर दिए हैं।
शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के सांसद संजय राउत ने खासकर बांकीपुर उपचुनाव के नतीजों का हवाला देते हुए कहा कि भाजपा को आत्ममंथन करने की जरूरत है। वहीं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और महाराष्ट्र विधान परिषद (एमएलसी) सदस्य भाई जगताप ने दावा किया कि यह परिणाम भाजपा के खिलाफ जनता के बदलते मूड का संकेत है।
बांकीपुर उपचुनाव के नतीजों पर प्रतिक्रिया देते हुए संजय राउत ने कहा कि बिहार की बांकीपुर और मध्य प्रदेश की दतिया सीट के नतीजे भाजपा के लिए चेतावनी हैं।
उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, बिहार के मुख्यमंत्री और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री को यह सोचना चाहिए कि आखिर जनता ने उन्हें क्यों नकार दिया।" उन्होंने कहा, "ईवीएम आपके पास है, उसमें 30% घोटाला आपने किया हुआ है, पूरा सिस्टम आपके नियंत्रण में है, फिर भी जनता ने आपको हरा दिया।"
संजय राउत ने दावा किया कि तीन विधानसभा उपचुनावों के नतीजे भाजपा के खिलाफ जनादेश हैं। उन्होंने कहा कि जनता को राम मंदिर से जुड़े कथित भ्रष्टाचार के आरोप और जंतर-मंतर पर छात्रों के आंदोलन के दौरान हुई कार्रवाई पसंद नहीं आई। उनके मुताबिक, इन मुद्दों का असर चुनाव परिणामों में दिखाई दिया।
वहीं, कांग्रेस नेता भाई जगताप ने भी भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि बांकीपुर का परिणाम जनता के बदलते राजनीतिक रुख को दर्शाता है। उन्होंने कहा, "भाजपा पहले चुनाव आयोग और ईवीएम के सहारे चुनाव जीतती रही, लेकिन अब जनता सब समझ चुकी है। यह परिणाम भाजपा की उल्टी गिनती की शुरुआत का संदेश है।"
जगताप ने जन सुराज पार्टी के प्रमुख प्रशांत किशोर को जीत की बधाई देते हुए कहा कि देश में लोकतांत्रिक चेतना मजबूत हो रही है।
बांकीपुर विधानसभा सीट 1995 से भाजपा का गढ़ मानी जाती रही है। यह सीट भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी। उपचुनाव में भाजपा ने नीरज कुमार सिन्हा को उम्मीदवार बनाया था, लेकिन उन्हें प्रशांत किशोर के हाथों 19 हजार से अधिक वोटों से हार का सामना करना पड़ा। इस नतीजे को बिहार की राजनीति के साथ-साथ राष्ट्रीय राजनीति के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
Updated on:
04 Aug 2026 01:32 pm
Published on:
04 Aug 2026 01:11 pm
