फरहाना ने बताया कि सेट पर कई बार ऐसी टिप्पणियां की जाती थीं जिन्हें मजाक समझ लिया जाता था, लेकिन वे अपमानजनक लग सकती थीं। उन्होंने कहा कि वो हर बातचीत का हिस्सा नहीं थीं, लेकिन माहौल देखकर समझ में आ जाता था कि कब मजाक सीमा पार कर रहा है। उनके अनुसार, किसी की भावनाओं को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।