4 अगस्त 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

E20 Protest: प्रधानमंत्री आवास जाने से रोका तो धरने पर बैठे केजरीवाल, कहा- पीएम मोदी को मैसेज भेजा है, उम्मीद है बुलाएंगे

Arvind Kejriwal PM residence march: एथेनॉल मिश्रित E20 पेट्रोल नीति के विरोध में अरविंद केजरीवाल ने आज आप नेताओं के साथ प्रधानमंत्री आवास तक मार्च निकाला। हालांकि पुलिस ने उन्हें रास्ते में ही रोक दिया, जिसके बाद केजरीवाल धरने पर बैठ गए।
2 min read
Google source verification
Arvind Kejriwal E20 petrol protest

पीएम आवास जा रहे अरविंद केजरीवाल को पुलिस ने रोका (Photo: IANS)

Arvind Kejriwal E20 Petrol Protest: ई-20 पेट्रोल (E20 Fuel) नीति के विरोध में आम आदमी पार्टी (AAP) ने मंगलवार को प्रधानमंत्री आवास तक मार्च निकालकर केंद्र सरकार के खिलाफ बड़ा प्रदर्शन किया। पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल करीब 100 नेताओं-कार्यकर्ताओं के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ज्ञापन सौंपने के लिए निकले, लेकिन पुलिस ने उन्हें रास्ते में ही रोक दिया। इसके बाद केजरीवाल और पार्टी नेता वहीं फिरोजशाह रोड पर धरने पर बैठ गए।

दिल्ली पुलिस ने इजाजत न होने का हवाला देते हुए इस पैदल मार्च को रास्ते में ही फिरोजशाह रोड पर बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया। इसके विरोध में केजरीवाल समर्थकों और नेताओं के साथ वहीं सड़क पर धरने पर बैठ गए। आप के अनुसार, उसने एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल के विरोध में 2.33 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर वाली ऑनलाइन याचिका और जनता के पत्र प्रधानमंत्री को सौंपने की तैयारी की है। पार्टी का दावा है कि उसने पहले ही प्रधानमंत्री से मिलने का समय भी मांगा था।

प्रधानमंत्री ट्रंप के दबाव में न आएं- अरविंद केजरीवाल

धरने के दौरान मीडिया से बातचीत में अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार की E20 नीति पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, "मैं कहना चाहता हूं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दबाव में नहीं आना चाहिए। उन्हें अमेरिका से इथेनॉल खरीदना बंद करना चाहिए और हमारे देश पर E20 नहीं थोपना चाहिए। हमने प्रधानमंत्री को संदेश भेजा है कि हम उनसे मिलना चाहते हैं। उम्मीद है कि वह हमें बुलाएंगे। हमारा संघर्ष जारी रहेगा।"

संजय सिंह बोले- 30 करोड़ वाहन E20 के लिए तैयार नहीं

धरने में शामिल आप सांसद संजय सिंह ने दावा किया कि पार्टी ने एक महीने पहले प्रधानमंत्री से मिलने का समय मांगा था, लेकिन अब तक मुलाकात नहीं हो सकी। उन्होंने कहा, "2.33 लाख लोगों ने याचिका पर हस्ताक्षर किए हैं। हम प्रधानमंत्री मोदी को यह पत्र देना चाहते हैं। लेकिन ट्रंप की गुलामी के कारण प्रधानमंत्री 22 हजार करोड़ रुपये का इथेनॉल खरीद रहे हैं। देश में करीब 30 करोड़ गाड़ियां E20 के लिए बनी ही नहीं हैं, वे गाड़ियां खराब होगी और लोगों का नुकसान होगा। हम चाहते हैं की मोदी जी इथेनॉल खरीदना बंद कर दें।"

वहीं, पूर्व मंत्री व आप के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने कहा कि लाखों लोगों की ओर से हस्ताक्षरित याचिका लेकर पार्टी प्रधानमंत्री तक अपनी बात पहुंचाना चाहती है। उन्होंने कहा, "हमने पुलिस अधिकारियों से बात की है। लोग बड़ी संख्या में आवेदन लेकर आए हैं। हम चाहते हैं कि प्रधानमंत्री हमारी अर्जी स्वीकार करें और इथेनॉल नीति पर चर्चा करें। बातचीत होनी चाहिए। अरविंद केजरीवाल पहले भी प्रधानमंत्री को पत्र लिख चुके हैं और कई बार इस मुद्दे को उठा चुके हैं।"

सरकार का क्या है पक्ष?

आम आदमी पार्टी सहित तमाम विपक्षी दलों का आरोप है कि E20 पेट्रोल नीति से देश के करोड़ों वाहन मालिक प्रभावित होंगे, क्योंकि बड़ी संख्या में मौजूदा वाहन E20 ईंधन के अनुकूल नहीं हैं। इस नीति से आम लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा और वाहन क्षतिग्रस्त होने का खतरा बढ़ेगा। हालांकि, केंद्र सरकार का कहना है कि यह पूरी तरह से वाहनों के लिए सुरक्षित है।

केंद्र सरकार का कहना है कि E20 ईंधन को वैज्ञानिक परीक्षणों और ऑटोमोबाइल उद्योग की स्वीकृति के बाद लागू किया गया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि E20 से पीछे हटकर E0 या E10 पेट्रोल पर लौटने का कोई प्रस्ताव नहीं है। साथ ही यह भी कहा गया है कि वर्तमान में पेट्रोल में एथेनॉल मिश्रण को 20 प्रतिशत से अधिक बढ़ाने का भी कोई निर्णय नहीं लिया गया है।