Bihar Election: BJP ने एक बार फिर बागी नेताओं के खिलाफ की कार्रवाई तीन पूर्व विधायकों ( EX MLA ) को छह साल के लिए पार्टी से किया निष्कासित
नई दिल्ली। बिहार विधानसभा चुनाव ( Bihar Vidhan Sabha Chunav ) को लेकर सियासत गर्म है। 28 अक्टूबर को पहले चरण का मतदान है, लेकिन उससे पहले राज्य में सियासी उलटफेर लगातार जारी है। कई नेता दल-बदल कर रहे हैं। वहीं, गठबंधन की राजनीति भी चरम पर है। इधर, बागी नेताओंं के खिलाफ पार्टियां लगातार कार्रवाई कर रही है। खासकर, बीजेपी (BJP) और जेडीयू (JDU) ने अब तक कई बागी नेताओं को पार्टी से निष्कासित कर दिया है। इसी कड़ी में एक बार फिर बीजेपी ने अपने तीन पूर्व विधायकों ( EX MLA ) के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पार्टी से निकाल दिया है। जिससे बिहार में सियासी हलचल तेज हो गई है।
BJP ने बागी विधायकों के खिलाफ की कड़ी कार्रवाई
जानकारी के मुताबिक, बिहार बीजेपी के प्रभारी सुरेश रूंगटा ने आदेश जारी करते हुए कहा कि पार्टी विरोध काम करने पर तीन पूर्व विधायकों को पार्टी से निष्कासित कर दिया है। रिपोर्ट के अनुसार, जिन तीन विधायकों को पार्टी से निष्कासित किया गया है, वह NDA उम्मीदवार के खिलाफ निर्दलीय चुनाव लड़ रहे थे। इनमें मनेर सीट से श्रीकांत निराला, बड़हरा सीट से आशा देवी, जगदीशपुर सीट से भाई दिनेश शामिल हैं। इन तीन पूर्व विधायकों को छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित किया गया है। बताया जा रहा है कि पार्टी से निष्कासित किए जाने के बावजूद भी ये नेता चुनावी मैदान में डटे हुए हैं। इसके अलावा कई और नेता हैं, जो बागी होकर निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं। अब तक जिन नेताओं के खिलाफ कार्रवाई हुई है, वे पहले चरण में मतदान लड़ रहे हैं। वहीं, दूसरे चरण और तीसरे चरण में जो नेता पार्टी के खिलाफ जाकर चुनाव लड़ रहे हैं, उन्हें जल्द से जल्द नाम वापस लेने के लिए कहा गया है। अगर वे नेता नाम वापस नहीं लेते हैं, तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
भाजपा के साथ-साथ JDU भी एक्शन में
गौरतलब है कि इससे पहले बीजेपी ने नौ बागी नेताओं को पार्टी से छह साल के लिए निष्कासित कर दिया था, उनमें जहानाबाद से इंदू कश्यप, सासाराम से रामेश्वर चौरसिया, बिक्रम से अनिल कुमार, जमुई से अजय प्रताप, संदेश से श्वेता सिंह, पालीगंज से उषा विद्यार्थी, अमरपुर से मृणाल शेखर, दिनारा से राजेन्द्र सिंह, झाजा से रविन्द्र राय के नाम शामिल हैं। बताया जा रहा है कि जिन नेताओं को निष्कासित किया गया है,उनमें कुछ निर्दलीय तो कुछ एलजेपी से चुनाव लड़ रहे हैं। जबकि, कुछ अन्य दलों को समर्थन कर रहे हैं। बीजेपी के अलावा जेडीयू ने भी अपने 15 बागी नेताओं के खिलाफ कार्रवाई करते हुए पार्टी से निष्कासित कर दिया है।