
नई दिल्ली। दिल्ली के तख्त पर आम आदमी पार्टी ( Aam Aadmi Party ) ने लगातार तीसरी बार कब्जा कर लिया है। 16 फरवरी को केजरीवाल सरकार ( Kejriwal Govt ) का शपथ ग्रहण समारोह ( Oath Taking Ceremony ) होने जा रहा है। इस बीच जो बड़ी खबर आ रही है वो ये कि दिल्ली में मिली करारी शिकस्त के बाद भारतीय जनता पार्टी ( BJP ) हार के कारणों का पता लगाने में जुट गई है।
इसी कड़ी में बीजेपी ने लगातार बैठकों का दौर भी कर रही है। नव निर्वाचित बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड़्डा ( JP Nadda ) के नेतृत्व में ये पहला चुनाव था, जिसमें पार्टी के हाथ निराशा लगी। यही वजह है कि नड्डा ने अब हार की समीक्षा के लिए दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी ( Manoj Tiwari ) को तलब किया है।
बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने मनोज तिवारी को बीजेपी कार्यालय में बुलाया है। जानकारों की मानें तो इस दौरान ना सिर्फ दिल्ली में हार पर चर्चा होगी बल्कि उन कमियों का भी पता लगाए जाने की कोशिश की जाएगी जिसने बीजेपी के रिकॉर्ड प्रचार पर कड़ा प्रहार किया है।
आपको बता दें कि दिल्ली के दंगल को जीतने के लिए बीजेपी ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी थी। खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, समेत जेपी नड्डा ने तो सबसे ज्यादा रैलियां, रोड शो और डोर-टू-डोर प्रचार किया।
इसके अलावा सैकड़ों सांसद, मुख्यमंत्री और विधायकों को दिल्ली के जनता के मन की बात जानने और इसे वोटों में तब्दील करने की जिम्मेदारी सौंपी गई। बावजूद इसके बीजेपी को बड़ा फायदा नहीं हुआ।
हालांकि 2015 के मुकाबले बीजेपी को पांच सीटों का इजाफा जरूर हुआ। पिछले विधानसभा चुनाव में जहां बीजेपी 03 सीटें ही जीत पाई थी वहीं इस बार भी बीजेपी 08 सीटों के साथ सिंगल डिजिट में ही सिमट कर रह गई।