
नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल ( West Bengal ) में चुनाव बाद भी हिंसा का दौर थम नहीं रहा है। हाल में बीजेपी सांसद अर्जुन सिंह के घर पर पेट्रोल बम से हमला हुआ था। खास बात यह है कि इस हमले के बाद केंद्र सरकार का बड़ा फैसला सामने आया है। सरकार ने पश्चिम बंगाल में अपने 71 बीजेपी विधायकों में से 61 की सुरक्षा हटाने का निर्णय लिया है।
इसके साथ ही पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी ( Mamata Banerjee ) की सरकार को पत्र लिखकर राज्य में अपने नेताओं को सुरक्षा देने की सिफारिश की है।
विधानसभा चुनाव के दौरान हमले की आशंका के मद्देनजर केंद्रीय गृहमंत्रायल की ओर से बीजेपी के कई नेताओं को सुरक्षा प्रदान की थी। लेकिन अब सरकार ने 71 विधायकों में से 61 की सुरक्षा वापस ले ली है।
गृह मंत्रालय की ओर से राज्य के गृह सचिव को एक पत्र भेजा गया है। इस पत्र में बंगाल बीजेपी के 61 नेताओं को जल्द से जल्द सुरक्षा देने को कहा गया है।
इन 61 नेताओं में बैरकपुर के सांसद अर्जुन सिंह और अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती भी शामिल हैं। बता दें कि अर्जुन सिंह के घर पर एक दिन पहले ही पेट्रोल बम से हमला किया गया था।
दरअसल बंगाल विधानसभा चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद से राज्य में बढ़ती हिंसा को देखते हुए केंद्र सरकार ने सभी बीजेपी विधायकों के लिए केंद्रीय सुरक्षा की व्यवस्था की थी। हिंसा का दौर नहीं थमने के कारण इसे आगे बढ़ा दिया गया था।
लेकिन उच्च न्यायालय द्वारा सीबीआई को हत्या और बलात्कार के मामलों और हिंसा के अन्य मामलों का प्रभार लेने का आदेश देने से स्थिति कुछ सामान्य हो गई है। इसके बाद केंद्र ने सुरक्षा वापस लेने का फैसला किया।
ममता सरकार से सिफारिश
बीजेपी विधायकों को सुरक्षा मुहैया कराने की जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी। दरअसल नियम के मुताबिक राज्य को किसी विधायक को केंद्रीय सुरक्षा देते या वापस लेते समय राज्य को सूचित करना होता है।
वहीं केंद्र से ममता सरकार से सिफारिश की है कि उनकी ओर से सभी विधायकों को सुरक्षा प्रदान की जाए।