
नई दिल्ली। बिहार में मौत का दूसरा नाम चमकी बुखार बन चुका है। लाइलाज बनती जा रही इस chamki bukhar से अब तक 155 से ज्यादा बच्चों की मौत हो चुकी है। इसके बावजूद सूबे से मुखिया नीतीश कुमार ( Nitish Kumar ) को मीडिया के सवालों का जवाब देना वाजिब नहीं लग रहा है। शुक्रवार को पटना में जब नीतीश से बुखार से मुजफ्फरपुर में बच्चों की हो रही मौत पर सवाल पूछा गया तो मुख्यमंत्री ने मीडिया को मर्यादा में रहने की नसीहत तक दे डाली और हॉल से बाहर निकलवा दिए ।
बच्चों को छोड़ हर काम जरूरी
दरअसल नीतीश कुमार शुक्रवार को लोक जनशक्ति पार्टी प्रमुख रामविलास पासवान के राज्यसभा नामांकन दाखिले में पहुंचे थे। नामांकन के वक्त मीडिया ने नीतीश से पूछा कि बिहार में डेढ़ सौ से ज्यादा बच्चों की मौत हो चुकी है, आपकी सरकार कर क्या रही है। पहले तो नीतीश सवालों के अनसुना करते रहें लेकिन बार बार पूछे जाने पर भड़क गए। सीएम ने पत्रकारों से कहा कि लाइव मर्यादा का आप उल्लंघन क्यों कर रहे हैं। इसके बाद उन्होंने मीडिया को वहां से हटने की नसीहत देने लगे। मौके पर तैनात सुरक्षाकर्मियों से मीडिया को बाहर करने के लिए कहा।
बच्चे मर रहे हैं, सरकार
केंद्रीय खाद्य आपूर्ति मंत्री रामविलास पासवान के नामांकन के बाद नीतीश मुस्कुराते हुए रिटर्निंग ऑफिसर के कमरे से बाहर निकलें। यहां मीडिया ने एकबार फिर नीतीश को घेरा और मुजफ्फरपुर में बच्चों की मौत को लेकर सवाल पूछा। लेकिन नीतीश कुमार एकबार फिर मुस्कुराते हुए वहां से निकल गए।
मौत के सवाल पर सन्नाटे में सुशासन बाबू
बुधवार को भी कुछ ऐसा ही हुआ था। जब बिहार के सीएम नीतीश कुमार को बुधवार को दिल्ली में थे। केंद्र सरकार की ओर से बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में सुशासन बाबू अपनी पार्टी जेडीयू का प्रतिनिधत्व कर रहे थे। बैठक खत्म होने के बाद जब उनसे बिहार में मासूमों के मौत पर सवाल हुआ तो नीतीश कुमार सन्नाटे में चले गए। मीडिया के सवालों को अनसुना कर गाड़ी का शीशा ऊपर करते हुए चलते बने।