
नई दिल्ली। भीमा कोरेगांव मामले ( Bhima Koregaon case ) में आरोपी वरवरा राव ( Varavara Rao ) को तलोजा जेल में चक्कर आने की शिकायत के बाद बीती रात मुंबई के जेजे अस्पताल ( JJ Hospital ) में भर्ती कराया गया है। राव मुंबई ( Mumbai ) के बाहरी इलाके की तलोजा जेल में बंद हैं उन्हे भीमा कोरेगांव मामले में गिरफ्तार किया गया है। इस बीच कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ( Adhir Ranjan Choudhury ) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ( pm modi ) को पत्र लिखा है।
इस खत में उन्होंने भीमा कोरेगांव मामले के सिलसिले में गिरफ्तार किए गए सामाजिक कार्यकर्ता ( Social worker ) वरवारा राव की रिहाई में हस्तक्षेप करने की अपील की है।
भीमा कोरेगांव मामले में गिरफ्तार किए गए सामाजिक कार्यकर्ता वरवारा राव को तबीयत बिगड़ने के बाद जेजे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इसके बाद कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने पीएम मोदी को एक खत लिखा। इसमें उन्होंने लिखा है कि- 'इस देश में 81 साल का एक व्यक्ति बिना अपना अपराध जाने सालों से जेल में बंद है। अब वह मानसिक रूप से अक्षम हो गया है, उसे कोई भी चिकित्सा सहायता नहीं मिल रही है, उसका नाम कवि वरवारा राव है।'
रिहाई की मांग
कांग्रेस नेता पीएम मोदी से अपने पत्र में कहा कि कृपया उन्हें जेल से रिहा किया जाए। इस उम्र में वह दुनिया के सबसे मजबूत देशों में से एक के लिए खतरा नहीं हो सकते हैं।
कांग्रेस नेता ने पीएम मोदी से इस मामले में हस्तक्षेप करने की बात कही। उन्होंने कहा- आप इस मामले में हस्तक्षेप कर राव की जिंदगी बचा सकते हैं। ऐसा नहीं हुआ तो हमारी आने वाली पीढ़ी हमें माफ नहीं करेगी।
ये है पूरा मामला
नवंबर 2008 में नक्सलियों के साथ संबंध और हिंसा भड़काने के आरोप में राव को 11 अन्य राजनीतिक कैदियों के साथ गिरफ्तार किया गया था। उन पर आरोप है कि वह प्रतिबंधित माओवादी संगठनों से जुड़े हुए हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हत्या की साजिश रच रहे थे।
वहीं आलोचकों का कहना है कि राव, एक प्रसिद्ध तेलुगु बुद्धिजीवी, कवि और प्रोफेसर हैं, और मौजूदा राजनीतिक सत्ता के आलोचक होने के कारण उन पर जुल्म किया जा रहा हैं।
राव ने सोमवार को जमानत के लिए भी बॉम्बे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। राव ने बताया कि उनकी उम्र अधिक है और उन्हें कोरोना संक्रमण का भी खतरा बना हुआ है।