Coronavirus Crisis के बीच Parliament Monsoon Session शुरू कराने पर मंथन जारी माना जा रहा है कि सितंबर के दूसरे सप्ताह मेंMonsoon Session की शुरुआत हो जाएगी
नई दिल्ली। देश में कोरोना महामारी ( Coronavirus Crisis ) के बीच मानसून सत्र ( Parliament Monsoon Session) शुरू कराने पर विचार चल रहा है। माना जा रहा है कि सितंबर के दूसरे सप्ताह में मानसून सत्र की शुरुआत हो जाएगी। हालांकि इसके बारे में अभी तक कोई अधिकारिक बयान नहीं आया है। वहीं, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ( Lok Sabha Speaker Om Birla ) ने स्पष्ट कर दिया है कि संसद की कार्यवाही ( Parliament proceedings ) शुरू होने से तीन पहले सभी सदस्यों का कोरोना वायरस टेस्ट ( Coronavirus test ) कराया जाएगा। यही नहीं सांसदों के अलावा संसद पहुंचने वाले स्टाफ का भी कोरोना टेस्ट किया जाएगा। आपको बता दें कि कोरोना संकट के बीच मानसून सत्र संपन्न कराना सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती है। हालांकि कोविड नियमों का पालन करने के लिए एक अलग नियम और व्यवस्था बनाने पर विचार चल रहा है।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला (Lok Sabha Speaker Om Birla) ने जानकारी देते हुए बताया कि मानसून सत्र के दौरान संसद की कार्यवाही का निर्बाध संचालन हमारी प्राथमिकता में शामिल है। इसके लिए सभी जरूरी इंतजाम और व्यवस्था की गई हैं। यही नहीं मानसून सत्र को लेकर किए गए इंतजामों को लेकर लोकसभा अध्यक्ष ने गुरुवार को दोनों सदनों के महासचिवों और सीपीडब्ल्यूडी और एनडीएमसी के अफसरों की बैठक भी बुलाई। इसके साथ ही ओम बिरलाने कोरोना वायरस को ध्यान में रखते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय, डीआरडीओ और अन्य एजेंसियों के साथ बैठक कर सत्र की तैयारियों का जायजा लिया। इस बैठक में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया, भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद के महानिदेशक बलराम भार्गव, स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण एवं अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।
सूत्रों के अनुसार संसद के मानसून सत्र ( Parliament Monsoon Session ) में न तो प्रश्नकाल होगा और न ही शून्यकाल ( Zero Hour )। इसके अलावा भी संसद का स्वरूप काफी बदला हुआ नजर आएगा। यहां तक कि मानसून सत्र के लिए सांसदों के लिए सीटिंग एरेंजमेंट ( Seating arrangement ) का सहारा लिया गया है। इस बार सत्र के दौरान कुछ सांसद लोकसभा चैंबर ( Lok Sabha Chamber ) में बैठेंगे तो कुछ सेंट्रल हॉल ( Central Hall ) में। जबकि कुछ के बैठने की व्यवस्था राज्यसभा के चैंबर में की गई है। इस बार सांसदों के बैठने के लिए दोनों सदन कक्षों और दीर्घाओं का इस्तेमाल किया जा सकता है। राज्यसभा सचिवालय के अनुसार सदन की कार्यवाही के दौरान उच्च सदन के सदस्य को दोनों सदन कक्षों और गैलरी में बैठाया जाएगा।