दौसा

Dausa Mob Lynching : अशोक गहलोत की कड़ी प्रतिक्रिया, राजस्थान में फिर से मॉब लिंचिंग की घटनाएं, सचिन पायलट भी बोले

Dausa Mob Lynching : दौसा मॉब लिंचिंग पर राजस्थान में सियासत गरमाई। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मॉब लिंचिंग को लेकर भाजपा सरकार पर हमला किया है। सचिन पायलट ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी।
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May 30, 2026
Dausa Ashok Gehlot strong reaction Rajasthan mob lynching incident start Sachin Pilot said
Dausa Mob Lynching : सचिन पायलट व अशोक गहलोत की कड़ी प्रतिक्रिया। फोटो पत्रिका

Dausa Mob Lynching : अशोक गहलोत ने प्रदेश सरकार और पुलिस व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। अशोक गहलोत ने सोशल मीडिया X पर लिखा कि बांदीकुई में बाइक चुराने के शक में युवक दिनेश कुमार मीणा की मॉब लिंचिंग होना तथा अजमेर में पेड़ से बांधकर बेरहमी से एक युवक की पिटाई करना प्रदेश में बढ़ती अराजकता एवं जंगलराज का गंभीर उदाहरण है। अशोक गहलोत ने आगे लिखा कि लोग कानून अपने हाथ में लेकर किसी की जान ले लें, तो इसे कानून का राज नहीं कहा जा सकता। साफ है कि आज राजस्थान अराजकता का शिकार हो चुका है। उस मां पर क्या बीत रही होगी, जिसका बेटा इस तरह उसकी आंखों के सामने ही मार दिया गया? इस पूरी घटना के दौरान पुलिस कहां थी, यह भी एक बड़ा प्रश्न है।

अब प्रदेश में पुनः होने लगी मॉब लिंचिंग की घटनाएं

अशोक गहलोत ने लिखा कि पूर्ववर्ती भाजपा सरकार की भांति अब पुनः प्रदेश में मॉब लिंचिंग की घटनाएं होने लगी हैं। यह गृह विभाग और पुलिस की असफलता को दिखाता है। यदि ऐसी घटनाएं होती रहीं, तो भाजपा का सत्ता में रहने का क्या नैतिक अधिकार रह जाएगा?

घटना मानवता के लिए शर्मसार - सचिन पायलट

इसी प्रकार सचिन पायलट ने भी सोशल मीडिया पर घटना की निंदा करते हुए घटना को मानवता के लिए शर्मसार करने वाली बताया है। उन्होंने भी पुलिस की भूमिका की जांच एवं आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की। गंगापुर विधायक रामकेश मीणा ने भी मुख्यमंत्री को पत्र लिख मामले की जांच कर कार्रवाई की मांग की।

बाइक चोरी के मामले में युवक की मौत का मामला

बांदीकुई में धौली गुमटी से पण्डितपुरा जाने वाले मार्ग पर बाइक चोरी के शक में युवक दिनेश मीना को पेड़ से बांधकर मारपीट करने से मौत हो गई। घटना के बाद शुक्रवार को 24 घंटे बाद प्रशासन और परिजनों के बीच मांगों पर सहमति बनने पर धरना समाप्त कर दिया गया। मामले के बाद परिजन आरोपियों की गिरफ्तारी सहित अन्य मांगों को लेकर उपजिला अस्पताल के बाहर धरने पर बैठ गए और शव लेने से इंकार कर दिया। इससे प्रशासन में हड़कंप मच गया और रातभर परिजन व ग्रामीण धरने पर डटे रहे। सुबह से भीड़ बढ़ती गई, जिस पर प्रशासन ने मौके पर कूलर और छाया की व्यवस्था की।

Dausa Mob Lynching : बांदीकुई. उपजिला अस्पताल के बाहर धरने पर बैठ परिजन व समर्थन में जुटी भीड़। फोटो पत्रिका

मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने तीन सदस्यीय मेडिकल बोर्ड गठित कर पोस्टमार्टम कराया और शव परिजनों को सुपुर्द किया। इसके बाद परिजन शव लेकर रवाना हुए। धरने के दौरान मृतक की पत्नी के पीहर पक्ष ने भी पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि दिनेश मीना पानी मांगता रहा, लेकिन उसे पानी नहीं दिया गया, इसलिए पुलिस की भूमिका की जांच होनी चाहिए। धरना खत्म खत्म होने पर मृतक की पत्नी को परिजनों ने गोद में उठाकर एम्बुलेंस में बैठाया।

Dausa Mob Lynching : मृतक की पत्नी को गोद में उठाकर एम्बुलेंस में बैठाते परिजन। फोटो पत्रिका

साढ़े आठ लाख की आर्थिक मदद

प्रशासन एवं मृतक के परिजनों के बीच हुई वार्ता में एक परिजन को संविदा पर नौकरी, सरकारी योजनाओं के तहत आर्थिक सहायता, मानपुर पुलिस वृताधिकारी से मामले की जांच, साढ़े 8 लाख रुपए की आर्थिक मदद एवं हत्या के आरोपियों की निष्पक्ष जांच कर गिरफ्तारी करने पर सहमति बनी। वही पुलिस की भूमिका की भी जांच की मांग की गई।

Updated on:
30 May 2026 11:31 am
Published on:
30 May 2026 11:31 am