नीट एग्जाम को लेकर Dravida Munnetra Kazhagam के सांसदों का प्रदर्शन संसद के मानसून सत्र में मास्क पर लिखकर आए एग्जाम विरोधी नारे एग्जाम के आयोजन को लेकर केंद्र सरकार से भी पूछे अहम सवाल
नई दिल्ली। देशभर में लगातार बढ़ रहे कोरोना वायरस खतरे के बीच कई तरह की परीक्षाएं आयोजित की जा रही हैं। हालांकि सरकार की ओर से इन परीक्षाओं के आयोजन में तमाम जरूरी एहतियात बरते जा रहे हैं, बावजूद इसके परीक्षाओं के आयोजन को लेकर राजनीतिक दल सवाल खड़े कर रहे हैं। यही नहीं देश के दक्षिण राज्य तमिलनाडु में तो इसका जमकर विरोध भी हो रहा है। द्रविड मुनेत्र कड़गम ( Dravida Munnetra Kazhagam ) के सांसदों ने सोमवार को शुरू हुए संसद के मानसून सत्र में भी NEET परीक्षा के आयोजन का जमकर विरोध किया।
सांसद अपना विरोध दर्ज कराने के लिए मास्क पर नारे लिखकर लाए हैं। नीट के खिलाफ डीएमके ने मास्क पर 'बैंन नीट, सेव तमिलनाडु स्टूडेंट्स' लिखा है।
द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) कोरोना वायरस महामारी के दौरान एनईईटी की परीक्षा करवाने के खिलाफ है। सोमवार को पार्टी के सांसदों ने संसद भवन में शुरू हो रहे मानसून संत्र से पहले अपने मास्क पर ही विरोध का अनूठा तरीका निकालाष पार्टी के सांसद मास्क पर नीट परीक्षा को बैन किए जाने का नारा लिखकर आए।
डीएमके सांसद टीआर बालू और कनिमोझी समेत अन्य सांसदों ने कोरोना काल के बीच एनईईटी जैसी महत्वपूर्ण परीक्षा को आयोजित किए जाने का जमकर विरोध भी किया।
स्टालिन ने उठाए सवाल
इससे पहले शनिवार को डीएमके यूथ विंग के सचिव स्टालिन ने परीक्षाओं के लिए उपस्थित होने वाले छात्रों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए थे।
स्टालिन ने कहा कि सरकार कह रही है कि वो परीक्षा के दौरान एहतियाती कदम उठा रही है,लेकिन केंद्र सरकार से पूछना चाहते हैं कि इस बात का क्या आश्वासन है कि छात्रों को संक्रमण नहीं होगा।
यही नहीं स्टालिन ने ये भी कहा कि छात्र एनईईटी परीक्षा के कारण तनाव से गुजर रहे हैं जो केंद्र और राज्य सरकार द्वारा निर्धारित किया गया है। डीएमके कोरोना वायरस महामारी के दौरान एनईईटी परीक्षा के खिलाफ हैं।
डीएमके ने पूछा एक लाख से ज्यादा स्टूडेंट्स एग्जाम देने जा रहे हैं। छात्रों को आश्वासन और सुरक्षा देने वाला कौन है? आपको बता दें कि देशभर में नीट 2020 की परीक्षा 13 सितंबर COVID-19 महामारी को देखते हुए आयोजित की गई है।